हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तान यात्रा को लेकर विवादों में घिर गई हैं। जासूसी के आरोप में पुलिस रिमांड पर चल रही ज्योति के घर से मिली एक डायरी ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। डायरी के पन्नों में पाकिस्तान के लाहौर समेत कई शहरों की यात्रा, वहां के लोगों से मिले प्रेम, और सरहदों को लेकर भावुक टिप्पणियां दर्ज हैं। वहीं, इस अहम डायरी को पुलिस द्वारा जब्त न किए जाने पर जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्या यह लापरवाही थी या जानबूझकर छोड़ा गया सुराग?
ज्योति मल्होत्रा की डायरी में क्या मिला?
रिपोर्जाट्स के मुताबिक, डायरी के कम से कम दस पन्ने पाकिस्तान जर्नी के बारे में जानकारी रखते हैं। एक पन्ने में लिखा है, “पाकिस्तान से 10 दिन का सफर तय करके आज अपने वतन लौट आई हूं। वहां की आवाम से बेहद मोहब्बत मिली और यूट्यूब के सब्सक्राइबर फ्रेंड्स से भी मुलाकात हुई। लाहौर घूमने के लिए दो दिन मिले, जो बहुत कम थे।” एक दूसरे पेज पर लिखा है, “सरहदों की दूरियां पता नहीं कब तक रहेंगी पर दिलों में जो गिले-शिकवे हैं वो मिट जाने चाहिए। हम सब एक ही धरती और मिट्टी के हैं।”
पुलिस क्यों छोड़ गई इतनी अहम डायरी?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पुलिस ज्योति का मोबाइल, लैपटॉप, पैन कार्ड और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपने साथ ले गई थी।लेकिन यह डायरी क्यों पीछे छोड़ दी गई? डायरी में उसकी जर्नी का ब्योरा, खर्च, स्क्रिप्ट के नोट्स और पाकिस्तान जर्नी को साफ तरीके से लिखा गया है। क्या यह पुलिस की चूक थी या जानबूझकर इसे नजरअंदाज किया गया? जांच एजेंसियों की यह लापरवाही गंभीर सवाल खड़े करती है।
डायरी में व्लॉग की स्क्रिप्ट और वीडियोज का भी जिक्र
रिपोर्ट्स के मुताबिक डायरी के आठ पन्ने अंग्रेज़ी में हैं जबकि पाकिस्तान यात्रा के तीन पन्ने हिंदी में लिखे गए हैं। डायरी में महाभारत, रामायण, रजिया सुल्तान, कुतुबमीनार, ब्राह्मण-क्षत्रिय जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भों के साथ-साथ तकनीकी शब्दों का प्रयोग भी किया गया है। इससे जाहिर होता है कि ज्योति हर जर्नी से पहले रिसर्च करती थीं और अपनी स्क्रिप्ट पहले से तैयार रखती थीं। ज्योति के पिता हरिश मल्होत्रा ने बताया कि पुलिस ने उनकी बेटी को गिरफ्तार नहीं किया था। वह खुद ही अगली सुबह थाने गई थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि मामला इतना गंभीर था, तो पुलिस ने उसे बिना सुरक्षा के वापस घर क्यों भेजा? “अगर उसे डर या कुछ छिपाने का डर होता, तो वो खुद थाने क्यों जाती?।” ज्योति मल्होत्रा के घर से एक डायरी का नोट मिला है जिसमे कुछ दवाई का जिक्र है साथ ही ओर भी लिखा है।
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क्या डायरी से खुला पाकिस्तान कनेक्शन?
डायरी से जाहिर होता है कि ज्योति पाकिस्तान जर्नी से इमोशनली रूप से जुड़ी रही हैं। उसने लिखा है, “हम सब एक ही धरती, एक ही मिट्टी के हैं। दिलों में जो शिकवे हैं, वो मिट जाएं।” अब सवाल उठता है कि क्या यह डायरी किसी संभावित एजेंडे का हिस्सा थी या फिर एक घुमक्कड़ के अनुभव? यह जांच एजेंसियों की पड़ताल का विषय है।
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