Farhan Akhtar Driver Fraud Case: फरहान अख्तर के साथ उनके एक करीबी से फ्रॉड किया जिसके बाद से ये इस मामले के चर्चा चारों तरफ हो रही है. दरअसल, उनके फैमिली ड्राइवर नरेश सिंह ने ये हरकत की है. नरेश सिंह फरहान की मां हनी ईरानी के लिए काम किया करते थे और उन्होंने एक्टर के नाम पर रजिस्टर हो रखे कई क्रेडिट कार्ड का गलत इस्तेमाल किया है. उनके ड्राइवर पर करीब 12 लाख रुपये ठगने का आरोप लगा है. आइए आपको देते हैं इस मामले की पूरी जानकारी.

किसके साथ मिलकर किया स्कैम?

मुंबई पुलिस के मुताबिक, नरेश सिंह इस मामले में अकेला नहीं है. उसके अलावा बांद्रा के एक पेट्रोल पंप का एंप्लॉय अरुण सिंह भी इस ठगी के मामले में उनके साथ मिला हुआ है. कार्ड का इस्तेमाल गाड़ी में पेट्रोल भरवाने के बजाय बार- बार स्वाइप करने के पैसे निकालने के लिए किया जा रहा था. ड्राइवर ने बताया कि वो अक्सर बांद्रा लेक के पास ऐसवी रोड़ पेट्रोल पंप से भी तेल भरवाता था. अक्सर इसी पेट्रोल पंप पर कार्ड का इस्तेमाल किया करता था इस वजह से बिना पेट्रोल भरवाए ही अरुण सिंह अपने हिस्से के कुछ पैसे काटकर ड्राइवर को बाकी के पैसे वापस कर दिया करता था. 

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किसने पकड़ी ड्राइवर की चोरी?

ये मामला 1 अक्टूबर को तब सामने आया जब हनी ईरानी की मैनेजर दिया भाटिया ने फ्यूल के खर्चों में गड़बड़ी पाई. दिया ने नोटिस किया कि एक मारुती गाड़ी की क्षमता 35 लीटर की होती है, लेकिन उनकी गाड़ी में 621 लीटर के करीब डीजल भरवाया गया है. इस वजह से उन्हें शक हुआ और उन्होंने आगे जांच शुरू की. जब दिया ने नरेश से इस बारे में सवाल किया गया तब वो ड्राइवर ने बताया कि उसने सिर्फ एक ही कार्ड का इस्तेमाल किया है. इसके बाद दिवा ने जब कार्ड की हिस्ट्री चेक की तब उन्हें पता चला कि ड्राइवर ने तीन अलग-अलग कार्ड इस्तेमाल किए है. इसके साथ ही उन्हें ये भी पता चला कि उनका ड्राइवर उस कार के लिए भी तेल खरीद रहा था जो सात साल पहले ही बिक चुकी है.

एफआईआर के मुताबिक, नरेश ने बताया कि ये कार्ड उसे अख्तर परिवार के पिछले ड्राइवर संतोष कुमार से साल 2022 में मिला था. वो तब से ही पेट्रोल पंप के एंप्लॉय के साथ मिलकर परिवार के साथ फ्रॉड कर रहा था. पुलिस ने नरेश सिंह और अरुण सिंह पर धारा 318, धारा 314 और 3 (5) के तहत केस फाइल किया है.

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