Kundan Lal Saigal: फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसे दिग्गज सिंगर रहे, जिन्हें हर पीढ़ी के लोग सराहते हैं. जिनकी आवाज का जादू आज भी दर्शकों के दिल में देखने को मिलता है. आज हम आपको एक ऐसे सिंगर से मिलवा रहे हैं. एक ऐसे सिंगर जिनकी लता मंगेशकर भी दीवानी थीं. चलिए इनके बारे में जानते हैं.

हम बात कर रहे हैं हिंदी सिनेमा के लीजेंडरी सिंगर के.एल. सहगल की, जिनका पूरा नामा कुंदन लाल सहगल था. के.एल. सहगल एक ऐसे सिंगर थे, जिन्होंने दूसरे एक्टर के लिए कभी भी प्लेबैक सिंगिंग नहीं की. लेकिन उनकी आवाज ने हर किसी का दिल जीत लिया. हालांकि, उनकी एक लत ने न सिर्फ उनकी जिंदगी पर बुरा असर डाला और महज 42 साल की कम उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया.

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बचपन से ही संगीत में रुचि

कुंदन लाल सहगल का जन्म 11 अप्रैल 1904 को जम्मू के एक पंजाबी परिवार में हुआ था. उनके पिता अमरचंद तहसीलदार थे और मां केसरबाई एक अत्यंत धार्मिक हिंदू महिला थीं, जिन्हें संगीत का बहुत शौक था. बचपन से ही कुंदन को संगीत में गहरी रुचि थी. एक बार जब के.एल. सहगल लाहौर गए तो उनकी उनकी मुलाकात मेहरचंद से हुई और दोनों में गहरी दोस्ती हो गई. दोनों ने कई महफिल-ए-मुशायरे किए. ऐसे में सहगल को अपनी प्रतिभा निखारने का अच्छा मौका मिला और धीरे-धीरे वो फिल्मी दुनिया का हिस्सा बन गए. शुरुआत के दिनों सहगल ने जिन फिल्मों में गाने गाए, उनमें एक्टिंग भी खुद ही की थी. इसके अलावा उन्होंने 15 साल के करियर में किसी भी एक्टर के लिए गाने नहीं गाए हैं.

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KL Saigal

मंगेशकर भी थीं दीवानी

साल 1935 में आई फिल्म 'देवदास' में सहगल ने लीड रोल निभाया. इस फिल्म ने रातोंरात स्टार बना दिया. फिल्म में दमदार एक्टिंग के साथ-साथ उन्होंने कई गाने भी गाए. इस मूवी का उनका गाना 'बालम आए बसो मोरे मन में' और 'दुख के अब दिन बीतत नाहीं' उस समय काफी पॉपुलर हुआ था. कहा जाता है कि जब साल 1934 में यंग लता मंगेशकर ने उनकी फिल्म 'चंडीदास' देखी थी, तो वह उनके एक्टिंग और आवाज की इस कदर दीवानी हो गई थीं कि उनसे शादी करना चाहती थीं. इसका खुलासा लता मंगेशकर ने खुद अपने एक इंटरव्यू में किया था.

शराब की लत ने ले ली जान

हिंदी फिल्मों में सहगल ने एक से बढ़कर सुपरहिट गाने गाए. रिपोर्ट्स की मानें तो सफलता के शिखर पर बैठे सहगल को धीरे-धीरे शराब की लत लग गई. स्थिति ऐसी हुई की वो बिना ड्रिंक लिए गाना गाते थे. उनकी इस लत ने का सीधा असर उनके काम और स्वास्थ्य पर दिखने लगा. दस साल तक उन्होंने काफी ज्यादा शराब पी और उसके बाद चाहकर भी वह इस लत को छोड़ नहीं पाए और 18 जनवरी 1947 को महज 42 साल की उम्र में सहगल ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया.