Rajpal Yadav Cheque-bounce case: बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव महीनों से चेक बाउंस केस को लेकर सुर्खियों में हैं. फिलहाल अब कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए एक्टर को थोड़ी राहत और हिदायत दी है. 10 जुलाई को दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए राजपाल यादव को 3 महीने की सजा सुनाई थी, जिसके बाद अभिनेता ने सरेंडर की समय सीमा खत्म होने से पहले सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 8 सितंबर को सुनवाई करते हुए राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में 5 करोड़ जमा करने पर सरेंडर में छूट देने को कहा था. वहीं अब, 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव की याचिका पर फिर सुनवाई की और उन्हें पैसे जमा करने के लिए 2 सप्ताह का समय दिया है.
राजपाल यादव को चेक बाउंस केस में बड़ी राहत
इस मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ये भी साफ किया कि ये उन्हें दिया गया आखिरी मौका है. सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को दो हफ्ते के भीतर कम से कम 2 करोड़ रुपये कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने का निर्देश दिया है. साथ ही बाकी बकाया रकम के लिए सिक्योरिटी देने को कहा गया है.
वकील ने मांगा 2 हफ्ते का समय
15 सितंबर को इस मामले की सुनवाई के दौरान राजपाल यादव की ओर से पेश वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल के पास फिलहाल इतनी रकम उपलब्ध नहीं है. एक्टर के वकील ने कोर्ट से कुछ समय देने की मांग की. वकील ने बताया कि राजपाल यादव के पास कुछ संपत्ति है और उनकी मां के नाम भी अचल संपत्ति है, जिसे बेचकर रकम जुटाने की योजना है. वकील के कहने पर कहा कि अगर कोर्ट दो हफ्ते का समय दे देता है तो वो कम से कम 2 करोड़ रुपये जमा करने का ठोस प्रस्ताव लेकर आएंगे.
कोर्ट ने दिया आखिरी मौका
कोर्ट में CJI सूर्यकांत ने राजपाल यादव पर नाराजगी जताते हुए ने कहा कि उनके पिछले व्यवहार को देखते हुए उन पर भरोसा करना मुश्किल है. CJI ने कहा, "उनके पिछले आचरण को देखते हुए… कोई उन पर कैसे भरोसा कर सकता है? वो बॉलीवुड में ड्रामा और एक्टिंग करने में माहिर हैं, कोर्ट में भी वही कर रहे हैं." हालांकि, राजपाल यादव के वकील की ओर से भुगतान का ठोस प्रस्ताव देने के आश्वासन के बाद कोर्ट ने उन्हें आखिरी मौका दे दिया.
अगली सुनवाई कब?
इस मामले पर अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को तय की गई है. तब तक राजपाल यादव को मिली गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा जारी रहेगी. हालांकि, कोर्ट ने उनका पासपोर्ट सरेंडर करने का निर्देश दिया है. यानी फिलहाल राजपाल यादव को जेल नहीं जाएंगे, लेकिन अब उन्हें दो हफ्ते में कम से कम 2 करोड़ रुपये जमा करने होंगे और बाकी रकम के लिए सिक्योरिटी देनी होगी. इसके बाद 5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट इस मामले में आगे की सुनवाई करेगा.
क्या है पूरा मामला?
बता दें राजपाल यादव का ये पूरा विवाद साल 2010 में आई फिल्म 'अता पता लापता' से जुड़ा है. इस फिल्म को बनाने लिए राजपाल यादव की प्रोडक्शन कंपनी ने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये लिए थे. लेकिन फिल्म के फ्लॉप होने के बाद एक्टर ने रकम की वापसी नहीं की और इसे लेकर विवाद शुरू हुआ. बाद में भुगतान के लिए जारी किए गए चेक बाउंस हो गए और इसी आधार पर राजपाल यादव के खिलाफ 7 अलग-अलग चेक बाउंस मामले दर्ज हुए.