सोशल मीडिया की दुनिया से एक बेहद भावुक और आंखें नम कर देने वाली खबर सामने आई है. एक दुर्लभ और गंभीर बीमारी से लड़ रहे 28 वर्षीय मशहूर कंटेंट क्रिएटर का निधन हो गया है, जिनके जीने की उम्मीद डॉक्टरों ने बेहद कम बताई थी. डॉक्टरों की तमाम भविष्यवाणियों को गलत साबित करते हुए उन्होंने न सिर्फ एक लंबा जीवन जिया, बल्कि अपनी हिम्मत और सकारात्मकता से लाखों लोगों को जीने की नई राह दिखाई. उनके अचानक चले जाने से उनके फैंस और देश भर के लोगों में गहरा शोक है.
28 साल की उम्र में निधन
अपनी पॉजिटिविटी से लाखों दिलों को जीतने वाले मशहूर बेलिजियन कंटेंट क्रिएटर मिशेल वैंडवेर्ट(Michiel Vandeweert) का 28 साल की उम्र में निधन हो गया है. उनके परिवार ने मीडिया में एक भावुक बयान जारी कर उनके चले जाने की खबर साझा की है, जिसके बाद से ही सोशल मीडिया पर फैंस उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं.
'प्रोजेरिया' नाम की दुर्लभ बीमारी
माइकल जब महज 2 साल के थे, तब उनमें 'प्रोजेरिया' (Progeria) नाम की एक बहुत ही दुर्लभ बीमारी का पता चला था. इस बीमारी के कारण शरीर में तेजी से बुढ़ापा आने लगता है. डॉक्टरों ने उनके बचपन में ही कहा था कि वह 12 साल से ज्यादा नहीं जी पाएंगे, लेकिन माइकल ने 28 साल तक जीकर डॉक्टरों की उम्मीदों को गलत साबित कर दिया.
15 साल की उम्र में लिखी किताब
माइकल ने अपनी बीमारी को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. उन्होंने यूट्यूब, इंस्टाग्राम और ट्विच (Twitch) पर 90,000 से ज्यादा फॉलोअर्स बनाए. 15 साल की उम्र में उन्होंने 'इक बेन माइकल' (Ik Ben Michiel) नाम से अपनी आत्मकथा भी लिखी थी, जिसमें उन्होंने अपनी बीमारी के साथ जीने के संघर्ष को बयां किया था.
बहन के साथ बनाई थी डॉक्यूमेंट्री
माइकल की 20 वर्षीय बहन एम्बर भी इसी दुर्लभ बीमारी प्रोजेरिया से पीड़ित हैं. इसी साल दोनों भाई-बहन के जीवन और उनके रोजमर्रा के संघर्ष पर आधारित 'हाउ टू बी अलाइव' (How To Be Alive) नाम की एक चर्चित डॉक्यूमेंट्री भी रिलीज हुई थी, जिसे लोगों ने काफी सराहा था.
खेल जगत और फैंस ने दी श्रद्धांजलि
माइकल के निधन के बाद बेल्जियम में शोक की लहर दौड़ गई है. उनके स्थानीय शहर के मेयर और उनकी पसंदीदा फुटबॉल टीम 'केआरसी जेन्क' (KRC Genk) ने सोशल मीडिया पर विशेष पोस्ट शेयर कर माइकल के साहस, जूनून और जिंदादिली को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी.