फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. ऑस्कर नामांकित मशहूर निर्देशक और जाने-माने अभिनेता का निधन हो गया है. 97 वर्ष की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. उनकी बेटी एमी राइडेल ने इस खबर की पुष्टि की है. 'ऑन गोल्डन पॉन्ड' जैसी सुपरहिट और भावनात्मक फिल्म का निर्देशन करने वाले मार्क राइडेल ने अपने लंबे करियर में कई दिग्गज कलाकारों के साथ काम किया था. उनके जाने से पूरी फिल्म इंडस्ट्री और फैंस में शोक की लहर दौड़ गई है.

लॉस एंजिल्स में ली अंतिम सांस

मार्क राइडेल (Mark Rydell) की बेटी एमी राइडेल के अनुसार, उनके पिता का निधन गुरुवार को लॉस एंजिल्स के वुडलैंड हिल्स स्थित मनोरंजन उद्योग से जुड़े सेवानिवृत्त लोगों के एक आवास में प्राकृतिक कारणों से हुआ. उनकी बेटी ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए उन्हें दुनिया का सबसे प्रतिभाशाली और हंसमुख व्यक्ति बताया.

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'ऑन गोल्डन पॉन्ड' से मिली बड़ी पहचान

साल 1981 में रिलीज हुई इमोशनल ड्रामा फिल्म 'ऑन गोल्डन पॉन्ड' (On Golden Pond) मार्क राइडेल के करियर की सबसे सफल फिल्म मानी जाती है. इस फिल्म को 10 श्रेणियों में ऑस्कर नामांकन मिले थे. हेनरी फोन्डा और कैथरीन हेपबर्न स्टारर यह फिल्म 1981 की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी. इस फिल्म के लिए मार्क राइडेल को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का नामांकन भी प्राप्त हुआ था.

अभिनय से की थी करियर की शुरुआत

23 मार्च 1929 को न्यूयॉर्क में जन्मे मार्क राइडेल ने डायरेक्शन में कदम रखने से पहले एक्शन के क्षेत्र में काम किया था. उन्होंने 'जूलीआर्ड स्कूल ऑफ म्यूजिक' में अध्ययन किया और सेना में रहने के दौरान मनोरंजन कार्यक्रमों का आयोजन किया. इसके बाद उन्होंने टेलीविजन शोज और 'क्राइम इन द स्ट्रीट्स' जैसी फिल्मों से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी.

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निर्देशन के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान

टेलीविजन धारावाहिकों के सफल निर्देशन के बाद उन्होंने 1967 में फिल्म 'द फॉक्स' से फीचर फिल्मों में डेब्यू किया. इसके बाद उन्होंने 'द रीवर्स', 'सिंड्रेला लिबर्टी', 'द रोज' और 'द रिवर' जैसी कई बेहतरीन फिल्मों का निर्देशन किया. बेट मिडलर के साथ उनकी फिल्म 'द रोज' को ऑस्कर नामांकन मिला और इसे काफी सराहा गया.

हॉलीवुड में रहा मार्गदर्शन का सफर

मार्क राइडेल ने सिडनी पोलक के साथ मिलकर सैनफोर्ड प्रोडक्शंस की स्थापना भी की थी, जिसने कई पुरस्कार विजेता फिल्में बनाईं. जीवन के अंतिम वर्षों में वे 'द एक्टर्स स्टूडियो वेस्ट' के सह-कलात्मक निर्देशक के रूप में युवा कलाकारों, निर्देशकों और लेखकों को प्रशिक्षण देते रहे. उनका मानना था कि सच्चा अभिनय और कला हमेशा सच्चाई पर आधारित होती है.

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