Mahabharata Draupadi Roopa Ganguly: 2026 के विधानसभा चुनावों ने भारतीय राजनीति के नक्शे पर एक नई इबारत लिख दी है. पश्चिम बंगाल में कहां सत्तारूढ़ टीएमसी (TMC) मात्र 80 सीटों पर सिमट गई, वहीं बीजेपी ने 206 सीटें जीतकर सत्ता की चाबी अपने नाम कर ली है. इस बदलाव की लहर में सोनारपुर दक्षिण सीट से बीजेपी उम्मीदवार रूपा गांगुली की जीत सबसे ज्यादा सुर्खियों में है. उन्होंने टीएमसी की लवली मैत्रा को 35,000 से अधिक वोटों के अंतर से करारी शिकस्त दी है. राजनीति में आने से पहले टीवी जगत में 'द्रौपदी' के कालजयी किरदार से घर-घर में पहचान बनाने वाली रूपा गांगुली अब एक जन-नायक के रूप में उभरी हैं. उनकी पॉपुलैरिटी और पार्टी के प्रति अटूट निष्ठा को देखते हुए उन्हें बंगाल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में देखा जा रहा है.
'द्रौपदी' से मिली घर-घर में पहचान
रूपा गांगुली ने 1988 में बीआर चोपड़ा के सीरियल 'महाभारत' में द्रौपदी की भूमिका निभाकर इतिहास रच दिया था. वस्त्रहरण वाले दृश्य में उनकी मार्मिक अदाकारी आज भी टीवी इतिहास के सबसे प्रभावशाली दृश्यों में गिनी जाती है. इसके अलावा उन्होंने 'चंद्रकांता' और 'अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो' जैसे सुपरहिट शोज में भी काम किया.
हिंदी और बंगाली सिनेमा का बड़ा नाम
सिर्फ टीवी ही नहीं, रूपा गांगुली ने फिल्मों में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. 1993 की 'पद्मा नादिर माझी', 2000 की 'बरीवाली' और 2012 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'बर्फी' में उनके अभिनय को काफी सराहा गया. उन्होंने हिंदी और बंगाली दोनों फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई.
राज्यसभा से लेकर विधानसभा तक का सफर
साल 2015 में बीजेपी में शामिल होने के बाद रूपा ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. वह बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष रहीं और 2016 में उन्हें नवजोत सिंह सिद्धू की जगह राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया. उनका कार्यकाल 2022 में समाप्त हुआ, जिसके बाद उन्होंने जमीनी स्तर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया.
2026 चुनाव में 'वोटों की सुनामी'
सोनारपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर रूपा गांगुली का मुकाबला टीएमसी की अरुंधति मैत्रा (लवली मैत्रा) से था. रूपा ने 35,782 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल कर यह साबित कर दिया कि बंगाल की जनता का उन पर अटूट भरोसा है. यह जीत न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि पार्टी के लिए भी एक बड़ा संदेश है.
मुख्यमंत्री पद की दावेदारी
बीजेपी की महिला समर्थक छवि और बंगाल की बेटी के तौर पर रूपा गांगुली की साफ-सुथरी छवि उन्हें मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे खड़ा करती है. पार्टी नेतृत्व भी उनके प्रशासनिक अनुभव और जनता के बीच उनकी पैठ को देखते हुए उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने पर विचार कर सकता है. हालांकि अभी तक कोई भी ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है.