Vantara University: अनंत अंबानी के लिए 'वनतारा' सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि उनके जीवन का सबसे बड़ा संकल्प है. अपने जन्मदिन के खास मौके पर उन्होंने वनतारा यूनिवर्सिटी का पूरा प्लान साझा करते हुए बताया कि इसका विजन कितना गहरा और दूरदर्शी है. यह यूनिवर्सिटी केवल डॉक्टरों की फौज खड़ी करने के लिए नहीं, बल्कि दुनिया में 'करुणा और सेवा' का एक नया मॉडल पेश करने के लिए बनाई गई है. अनंत अंबानी का लक्ष्य भारत को एक ऐसी जगह बनाना है, जहां प्रकृति और जीवों की रक्षा के लिए दुनिया के सबसे काबिल और संवेदनशील हाथ तैयार हो सकें.
"हर जीवन कीमती है"
अनंत अंबानी का वन्यजीवों के प्रति प्रेम किसी से छिपा नहीं है, लेकिन वनतारा यूनिवर्सिटी के साथ उन्होंने इसे एक संस्थागत रूप दे दिया है. अपने जन्मदिन के अवसर पर इस यूनिवर्सिटी के विजन पर बात करते हुए उन्होंने साफ किया कि यह संस्थान सिर्फ डिग्री बांटने के लिए नहीं, बल्कि "हर जीवन कीमती है" (Every Life Matters) के विचार को हकीकत में बदलने के लिए है.
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एक व्यक्तिगत सफर से मिली प्रेरणा
अनंत अंबानी ने बताया कि वनतारा यूनिवर्सिटी का विचार उनके एक व्यक्तिगत सफर से निकला है. उन्होंने अपनी आंखों से जानवरों को कष्ट में देखा और महसूस किया कि भारत में उन्हें बचाने के लिए और भी बेहतर सुविधाओं और विशेषज्ञों की जरूरत है. इसी सोच ने एक ऐसे विश्वविद्यालय को जन्म दिया जो प्राचीन नालंदा की तरह ज्ञान का केंद्र होगा, जहां "आ नो भद्रा: क्रतवो यन्तु विश्वत:" (यानी हर दिशा से नेक विचार हमारे पास आएं) के मंत्र पर काम होगा.
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क्या है वनतारा का मास्टर प्लान?
अनंत के विजन के मुताबिक, यह यूनिवर्सिटी विज्ञान और संवेदना का संगम होगी. यहां केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के शोधकर्ता आएंगे. इसमें जानवरों के साथ-साथ पर्यावरण और इंसानों के स्वास्थ्य को जोड़कर देखा जाएगा. यूनिवर्सिटी की नींव में भारत के अलग-अलग हिस्सों की मिट्टी और पानी का होना यह दर्शाता है कि यह देश की प्राकृतिक विरासत को सहेजने का मिशन है.
भविष्य के संरक्षकों की तैयारी
अनंत अंबानी का मानना है कि संरक्षण की असली लड़ाई जंगलों के साथ-साथ क्लासरूम और प्रयोगशालाओं में भी लड़ी जाएगी. इसीलिए, वनतारा यूनिवर्सिटी में जेनेटिक्स, बिहेवियरल साइंस और वाइल्डलाइफ सर्जरी जैसे एडवांस विषयों को शामिल किया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ऐसी पीढ़ी तैयार करना चाहते हैं जो सिर्फ दिमाग से ही नहीं, बल्कि दिल से भी जानवरों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हो.