Tiger Shroff Juhu Firing Case: बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) पर हुए सनसनीखेज फायरिंग मामले में पुलिस ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है! मुंबई के जुहू में टाइगर की कार पर गोलियां बरसाने वाले बदमाशों को इस खतरनाक काम के लिए महज 35,000 रुपये और विदेश भेजने की सुपारी दी गई थी. राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को 48 घंटे के ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया जा रहा है, और इस खुलासे ने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं.

महज 35 हजार और विदेश भेजने का लालच

कोटा शहर की एसपी तेजस्विनी गौतम के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि करीब डेढ़ महीने पहले समीर ने रेहान और गैंगस्टर अनिल पंडित की मुलाकात कराई थी. अनिल पंडित ने रेहान को सिर्फ 35,000 रुपये और विदेश में नौकरी का लालच देकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार किया था.

ट्रेन में बिना टिकट सफर करते पकड़े गए बदमाश

घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी टैक्सी से सूरत भागे और वहां से ट्रेन में सवार हो गए. सूरत स्टेशन के सीसीटीवी में उनकी फुटेज कैद हो गई थी. सफर के दौरान ये बदमाश बिना टिकट यात्रा कर रहे थे, जहां चेकिंग के दौरान इनसे जुर्माना भी वसूला गया था.

ऑटो चालकों से मिली जानकारी और रेकी

जांच में पता चला कि बदमाश मुंबई में किसी बड़े सेलिब्रिटी को टारगेट करने की फिराक में थे. इस दौरान जब उन्होंने ऑटो-रिक्शा चालकों से पूछताछ की, तो पता चला कि टाइगर श्रॉफ हर रविवार फुटबॉल खेलने मैदान पर आते हैं, जिसके बाद उन्होंने टाइगर की रेकी करना शुरू कर दिया था.

18 अक्टूबर की शाम का खौफनाक हमला

18 अक्टूबर को मैच खेलने के बाद जब टाइगर श्रॉफ अपने ड्राइवर के साथ बीएमडब्ल्यू कार से लौट रहे थे, तब नर्सी पार्क गेट के पास बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इसके बाद आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर वहां से फरार हो गए थे और नेपाल भागने की फिराक में थे.

कोटा में गिरफ्तारी और MBS अस्पताल में मेडिकल

सूरत से पुणे-जयपुर ट्रेन के जरिए कोटा पहुंचे इन आरोपियों की योजना आगे जयपुर और फिर नेपाल भागने की थी. हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें दबोच लिया. अवकाश होने के कारण मजिस्ट्रेट के आवास पर पेशी के बाद, आरोपियों का कोटा के MBS अस्पताल में भारी सुरक्षा के बीच मेडिकल कराया गया और अब मुंबई पुलिस उन्हें लेकर रवाना हो चुकी है.