Tanushree Dutta on Nana Patekar Death: बॉलीवुड एक्टर नाना पाटेकर के निधन के बाद से ही एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता सुर्खियों में बनी हुई हैं. जहां पूरी फिल्म इंडस्ट्री नाना पाटेकर के निधन पर शोक मना रही थी, वहीं दूसरी तरफ तनुश्री दत्ता ने इसे 'इविल डेड' बताया था. इसके बाद भी तनुश्री ने कई बयान दिए. इसी बीच वह उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुंचीं. यहां से एक वीडियो शेयर करते हुए तनुश्री ने नाना पाटेकर के निधन को अपनी जिंदगी का पॉजिटिव चेंज बताया. इसके साथ ही उन्होंने महाकाल मंदिर में अपने जीवन की सभी बुराइयों को एक-एक करके दूर करने की प्रार्थना की. चलिए आपको इस पूरे मामले के बारे में विस्तार से बताते हैं.

मेरे जीवन की सारी बुराइयां…

नाना पाटेकर के निधन के बाद तनुश्री दत्ता इंस्टाग्राम पर काफी एक्टिव हो गई हैं. हाल ही में उन्होंने एक नई पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने कहा कि इस खबर ने उनकी जिंदगी में पॉजिटिव चेंज लाया है. वीडियो में तनुश्री महाकाल की मूर्ति के सामने प्रार्थना करती नजर आईं. वीडियो के साथ कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'महाकाल बाबा के दरबार में मेरी आस्था! उन्होंने ही मुझे मेरे जीवन पर हुए अनेक हमलों से बचाया और नाना और उनके दोस्तों की तरफ से किए गए सैकड़ों हमलों से मेरी रक्षा की. यह कितना बड़ा संयोग है कि मेरे जीवन में इतनी अच्छी घटना घटने के ठीक बाद मुझे महाकाल के दर्शन करने का अवसर मिला. हालांकि, मुझे मृत्यु की खबर की सच्चाई पर पूरा शक है. मैं सचमुच यही कामना और आशा करती हूं कि यह बुराई हमेशा के लिए मर जाए और मेरे जीवन की सारी बुराइयां एक-एक करके दूर हो जाएं.'

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अगर तुम मुझसे प्रेम…

तनुश्री दत्ता ने आगे लिखा, 'अगर तुम मुझसे प्रेम करते हो, तो उन सभी बुराइयों का नाश कर दोगे, जिन्होंने मुझे सताने का मन बनाया है और जो तब तक नहीं रुकेंगी, जब तक वे मर नहीं जातीं. उन सभी लोगों को भी, जिनमें उनके चापलूस और समर्थक शामिल हैं, जिनकी वजह से ये बुराइयां मुझे सताना जारी रखे हुए हैं. अगर ये लोग जिंदा रहे, तो मैं दुनिया में अपना मकसद पूरा नहीं कर पाऊंगी और मैं यहां से चली जाऊंगी. मैं चाहती हूं कि ये सब चले जाएं और इनकी मौत की पूरी पुष्टि हो जाए. मैं इनकी हद से ज्यादा नकारात्मकता और लगातार रची जा रही साजिशों को अब और बर्दाश्त नहीं कर सकती.'

यह मनोकामना पूरी…

कैप्शन के आखिर में तनुश्री दत्ता ने लिखा, 'मेरी सवारी आ रही है और जब तक यह मनोकामना पूरी नहीं होती, मैं धरती पर नहीं रहूंगी. या तो वे रहेंगे या मैं, बाबा. मैं आपसे बेहतर तरीके से जुड़ सकती हूं. धरती को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया जाता है और मुझे यहां रहने का कोई वास्तविक कारण नहीं दिखता. हर हर महादेव! महादेव, मैं चाहती हूं कि आप दुनिया को साबित करें कि आप मुझसे कितना प्यार करते हैं! युगों से मैं आपकी भक्त रही हूं. मैं अब आपसे इस जन्मसिद्ध अधिकार के साथ यह मांग कर रही हूं. वे मुझे नहीं पहचानते, लेकिन आप पहचानते हैं, इसलिए कृपया मेरी विनम्र विनती स्वीकार करें.'

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