Subodh Uniyal Daler Mehndi Controversy: उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल (Subodh Uniyal) और पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी (Daler Mehndi) का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. टिहरी मेले में हुए हंगामे के बाद अब सुबोध उनियाल ने ऐसा बयान दे दिया है, जिससे सियासी हलकों में हड़कंप मच गया है. मंत्री ने साफ कह दिया है कि अगर पार्टी आलाकमान ने उनसे माफी मांगने को कहा, तो वह माफी मांगने के बजाय इस्तीफा देना पसंद करेंगे. उनका कहना है कि उनके लिए कुर्सी से ज्यादा आत्मसम्मान मायने रखता है.

शूटिंग चैंपियनशिप के मंच से मंत्री का बड़ा बयान

सुबोध उनियाल ने देहरादून में आयोजित 35वीं ऑल इंडिया जी.वी. मावलंकर शूटिंग चैंपियनशिप-2026 के दौरान अपनी बात रखी. मंच से बोलते हुए उन्होंने खुलासा किया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनसे दलेर मेहंदी से माफी मांगने को कहा था. हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया कि वह किसी भी सूरत में झुकने को तैयार नहीं हैं और अगर उन पर दबाव डाला गया तो वह मंत्री पद छोड़ देंगे.

क्या था नई टिहरी मेले का पूरा विवाद?

यह विवाद 18 अक्टूबर 2026 का है, जब टिहरी में 'मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेला' चल रहा था. कार्यक्रम में दलेर मेहंदी अपनी परफॉर्मेंस दे रहे थे. इसी बीच सुबोध उनियाल मंच पर पहुंच गए और दलेर मेहंदी के गाने के अंदाज पर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर की. इसके बाद दोनों के बीच मंच पर ही तीखी बहस देखने को मिली थी.

बॉलीवुड और म्यूजिक इंडस्ट्री में मचा बवाल

इस घटना के बाद दलेर मेहंदी के छोटे भाई और सिंगर मीका सिंह ने मंत्री के व्यवहार पर कड़ा विरोध जताया था. इसके तुरंत बाद अनुपम खेर, कपिल शर्मा, बादशाह और मनिंदर बुट्टर जैसे बड़े सेलेब्रिटीज दलेर मेहंदी के समर्थन में उतर आए थे. सभी ने एक सुर में मंत्री सुबोध उनियाल से माफी मांगने की मांग की थी.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हस्तक्षेप

बढ़ते विवाद को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को खुद कमान संभालनी पड़ी थी. सीएम धामी ने दलेर मेहंदी और मीका सिंह से व्यक्तिगत रूप से बात करके मामले को शांत कराने की कोशिश की थी. मीका सिंह ने दावा भी किया था कि मुख्यमंत्री ने खुद मंत्री की तरफ से खेद व्यक्त किया है.

पहले भी माफी मांगने से साफ मुकर चुके हैं उनियाल

सुबोध उनियाल का रुख इस मामले में शुरू से ही कड़ा रहा है. इससे पहले 27 अक्टूबर को भी उन्होंने माफी मांगने की खबरों का खंडन करते हुए कहा था कि जब उन्होंने कोई गलती ही नहीं की, तो माफी का सवाल ही नहीं उठता. अब 'इस्तीफा देने' वाले उनके बयान ने पार्टी आलाकमान और राज्य सरकार को एक बार फिर धर्मसंकट में डाल दिया है.