Shah Rukh Khan Saved Co-Star Life: बॉलीवुड इंडस्ट्री में कहानियों और किस्सों का एक बड़ा खजाना है. फिल्में फ्लॉप हों या हिट, उनसे जुड़े किस्से हमेशा लोगों को खूब पसंद आते हैं. ऐसा ही एक किस्सा आज आपको बताने वाले हैं, जो कि शाहरुख खान से जुड़ा हुआ है. क्या आपको पता है कि फिल्म 'दिल से' की शूटिंग के दौरान शाहरुख खान ने अपनी एक को-एक्टर की जान बचाई थी? आज भी वो एक्ट्रेस शाहरुख का एहसान मानती हैं. चलिए आपको इस किस्से के बारे में विस्तार से बताते हैं.
शाहरुख खान ने इस हसीना की बचाई जान
फिल्म 'दिल से' के सेट पर शाहरुख खान ने अपनी जिस को-स्टार की जान बचाई थी, वो कोई और नहीं बल्कि मीता वशिष्ठ हैं, जिन्होंने 'दिल से' से पहले फिल्म 'द इडियट' में भी शाहरुख खान के साथ काम किया था. फिल्म 'दिल से' के सेट का ये किस्सा मीता वशिष्ठ ने स्क्रीन को दिए इंटरव्यू में बताया है. इसके अलावा, मीता ने शाहरुख के कॉम्पिटिटिव नेचर और सुपरस्टारडम के बाद सामान्य स्वभाव के बारे में भी बात की है.
शाहरुख खान का व्यवहार
'दिल से' की शूटिंग के दौरान हुई घटना का जिक्र करते हुए मीता वशिष्ठ ने कहा, 'दिल से में भी हम साथ थे, तब तक वो (शाहरुख) एक बहुत बड़े स्टार बन चुके थे. लेकिन वह अपने आप में भी बहुत सहज थे. जब मैं अपने पहले शूटिंग शेड्यूल के लिए डलहौजी या कहीं आस-पास पहुंची, तो मुझे ये बहुत अच्छा लगा. क्योंकि उन्होंने मेरा स्वागत एक पुराने दोस्त की तरह किया. मैंने शुरू में थोड़ी दूरी बनाए रखी थी, क्योंकि मैं नहीं जानती थी कि वह कैसा व्यवहार करेंगे. कभी-कभी, जब लोग बड़े स्टार बन जाते हैं, तो वे अलग तरह से व्यवहार करने लगते हैं. लेकिन वो (शाहरुख) बहुत प्यार करने वाले थे.'
मेरी जान बचाई…
मीता वशिष्ठ ने आगे कहा, 'उन्होंने (शाहरुख) 'दिल से' की शूटिंग के दौरान मेरा बहुत अच्छा ख्याल रखा, खासकर जब हम साथ में शूटिंग कर रहे थे. दुख की बात है कि हमारा सबसे अच्छा हिस्सा फिल्म से हटा दिया गया.' मीता वशिष्ठ ने यह भी बताया कि डलहौजी में एक सीन की शूटिंग के दौरान शाहरुख ने उनकी जान बचाई थी. मीता ने कहा, 'एक समय पर, मैंने अचानक आसमान की ओर देखा और मुझे लगा जैसे मैं गिर रही हूं. मैं असल में एक खड़ी पहाड़ी के किनारे पर पहुंच गई थी और गिरने ही वाली थी. लेकिन शाहरुख के रिफ्लेक्स कमाल के थे. एक पल में, उन्होंने मेरी जैकेट का अगला हिस्सा पकड़ा और मुझे वापस ऊपर खींच लिया. एक पल, मैं AK-47 के साथ पीछे की ओर गिर रही थी और अगले ही पल उनके हाथ ने मेरी जैकेट पकड़कर मुझे सुरक्षित जगह पर खींच लिया था. उस दिन उन्होंने सच में मेरी जान बचाई थी.'