बॉलीवुड के 'किंग खान' जो इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'किंग' को लेकर सुर्खियों में छाए हैं, वो आज यानी सोमवार को अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं, रात 12 बजे से ही उनका घर 'मन्नत'पर अलग ही चमक दिख रही है, उनकी फिल्म 'किंग' का पहला गाना रिलीज किया गया, जिसकी झलक मन्नत पर नजर आई और उनके फैंस की एक्साइटमेंट नेक्स्ट लेवल पर पहुंच गई, पूरी दुनिया से उन्हें बर्थडे की बधाइयां मिल रहीं हैं. ऐसे में आइए जानते हैं, इस एक्टर के उस सफर के बारे में जो दिल्ली से शुरू हुआ और मुंबई के बादशाह बनने से लेकर पूरी दुनिया में छाने की मिसाल बन गया.

दिल्ली से सपना लेकर निकला और बना 'बादशाह'

शाहरुख वो एक्टर हैं, जिनका इंडस्ट्री में कोई गॉडफादर नहीं था. कोई फिल्मी बेकग्राउंड भी नहीं था, लेकिन दिल्ली से एक सपना लेकर वो चल पड़े और माया नगरी में दाखिल हो गए, और फिर उन्होंने ऐसा मुकाम हासिल किया कि पूरी दुनिया उन्हें बॉलीवुड का 'बादशाह' कहने लगी. उनका एक्टिंग के प्रति जुनून, प्यार और खुद को साबित करनी की चाह आज उन्हें 'किंग खान' कहती है.

कैसे एक आम लड़का बन गया बॉलीवुड का बादशाह?

शाहरुख खान का जन्म 2 नवंबर 1965 को दिल्ली में हुआ था. उन्होंने अपनी पढ़ाई दिल्ली में की और थिएटर के जरिए अभिनय की दुनिया से जुड़ने लगे. उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह लड़का एक दिन हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में गिना जाएगा. शाहरुख ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत टीवी से की थी. 'सर्कस' और 'फौजी' से उन्हें पहचान मिली थी.

शाहरुख खान कैसे बने सुपरस्टार?

इसके बाद शाहरुख ने फिल्मों की दुनिया में कदम रखा. 1992 में वो पहली बार 'दीवाना' बॉलीवुड में डेब्यू किए थे, जिसके बाद उन्हें बड़े पर्दे पर बतौर एक्टर की पहचान मिली. इस फिल्म की सफलता ने उनके लिए बॉलीवुड के दरवाजे खोल दिए.

नेगेटिव रोल में बनाई धांसू पहचान

शाहरुख खान को रोमांटिक हीरो कहा जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं, उन्होंने अपने करियर में बहुत चैलेंजेस लिए, जिस दौर में लोग रिस्क लेने से डरते थे, उस वक्त शाहरुख खान ने अलग-अलग किरदार निभाकर खुद को साबित किया, जिसे दर्शकों से खूब प्यार भी मिला. उन्होंने 'डर' 'बाजीगर', और 'अंजाम' ग्रे शेड वाला रोल निभाया.

ऐसा है शाहरुख का सफर!

इसके बाद 1995 में आई 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' ने उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया. राज के किरदार में शाहरुख ने रोमांस की ऐसी छाप छोड़ी कि वह लाखों दिलों की धड़कन बन गए. इसके बाद 'कुछ कुछ होता है', 'मोहब्बतें', 'वीर-जारा' जैसी फिल्मों ने उन्हें हिंदी सिनेमा का रोमांटिक हीरो बना दिया.

शाहरुख का मुश्किलों में फंसा करियार

पूरी दुनिया में अपनी दमदार पहचान बनाने वाले और एक के बाद एक हिट देने वाली शाहरुख खान के जीवन में भी मुश्किलों का दौर आया. जब उनकी फिल्में वो कमाल नहीं दिखा पा रहीं थीं, जो उनसे उम्मीद की जा रहीं थीं, 'फैन', 'जब हैरी मेट सेजल' और 'जीरो' जैसी फिल्मों ने उन्हें निराश किया, लेकिन आश्चर्य की बात तो ये भी है, इस वक्त भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत के दमपर जोरदार वापसी की, जिसने बता दिया कि क्यों कहा जाता है उन्हें 'बादशाह'?

जब करियर को लेकर उठने लगे सवाल, फिर यूं पलटी बाजी

इस दौरान उनके चाहने वाले उनकी अगली फिल्म का इंतजार करते रहे. शाहरुख ने जल्दबाजी नहीं दिखाई बल्कि समय लिया और सोचा-समझा और फिर करीब चार साल बाद उन्होंने एक्शन फिल्म 'पठान' से जोरदार वापसी की, और एक बार फिर बड़े पर्दे पर गदर काट दिया इसी के साथ उन्होंने साबित कर दिया कि क्यों हैं वो बादशाह?

शाहरुख खान ने ऐसे पलटी पूरी बाजी

इसके बाद आई एटली के निर्देशन वाली 'जवान' ने भी कमाई के बड़े रिकॉर्ड बनाए. बता दें, आज शाहरुख खान की पहचान केवल हिंदी फिल्मों तक सीमित नहीं है. बल्कि दुनियाभर में उनके चाहने वाले हैं और जो उनकी फिल्मों का बेसब्री से इंतजार करते हैं. शाहरुख खान की ये कहानी उनके संघर्ष, सफलता, असफलता और फिर दमदार वापसी बताती है कि सपने देखो तो उन्हें पूरा करने का जज्बा भी रहो तो ऊपर वाला भी आपका पूरा सहयोग देता है. जिसकी मिसाल शाहरुख खान ने पेश की है.