Actor Left Acting Built Rs 3300 Crore Empire: बॉलीवुड से लेकर साउथ फिल्म इंडस्ट्री तक में ऐसे कई एक्टर्स हैं, जिन्होंने करियर की शुरुआत तो बहुत शानदार तरीके से की, लेकिन किस्मत की मार की वजह से वो अपने काम को शिखर तक नहीं पहुंचा पाए. ऐसे ही एक सुपरस्टार के बारे में आज हम आपको बताने वाले हैं, जो फिल्म इंडस्ट्री में आए तो नेशनल क्रश बन गए. लेकिन, जब ये एक्टर अपने करियर के पीक पर पहुंचे, तो लकवे का शिकार हो गए. इसके बाद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और एक्टिंग छोड़ 3300 करोड़ रुपये का साम्राज्य खड़ा कर दिया. चलिए आपको इस होनहार एक्टर कम बिजनेसमैन के बारे में बताते हैं.
नेशनल क्रश सुपरस्टार
हम जिस नेशनल क्रश सुपरस्टार के बारे में बात कर रहे हैं, वो कोई और नहीं, बल्कि 'हार्टथ्रोब' का खिताब हासिल करने वाले एक्टर अरविंद स्वामी हैं. हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अरविंद स्वामी ने बताया कि असल में उनका एक्टर बनने का कोई इरादा ही नहीं था. वे तो डॉक्टर बनना चाहते थे. वहीं, उनके पापा, उद्योगपति वी.डी. स्वामी, चाहते थे कि वो उनका बिजनेस संभालें. लेकिन उनकी किस्मत उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में ले आई, जहां आते ही फिल्म 'रोजा' से वो नेशनल क्रश बन गए.
डॉक्टर बनना चाहते थे…
ट्रूली राम के पॉडकास्ट में पहुंचे अरविंद स्वामी ने कहा, 'मैं डॉक्टर बनना चाहता था. डॉ. प्रताप सी. रेड्डी हमारे परिवार के सदस्य थे और उन्होंने मुझे प्रेरित किया. लेकिन मेरे पिता चाहते थे कि मैं बिजनेस में अपना करियर बनाऊं. मैंने बीकॉम किया और इंटरनेशनल मार्केट में मास्टर (एमआईबी) करने के लिए अमेरिका गया. लेकिन मैंने कोर्स पूरा नहीं किया और परिवार के लिए वापस लौटना पड़ा. मैं कभी फिल्म स्टार नहीं बनना चाहता था. मुझे फिल्म बनाने के प्रोसेस में रुचि थी और मैं सिनेमा के बारे में काफी कुछ सीखना चाहता था. हर बार मेरा एक ही लक्ष्य होता था कि मैं पिछली बार से बेहतर प्रदर्शन करूं. मैं जानता था कि यह सब स्टेबल नहीं है, इसलिए मैं उस्तादों के साथ काम करना चाहता था. मैंने मणिरत्नम, बालू महेंद्र, जे. महेंद्रन और भरथन के साथ काम किया. मैंने कमर्शियल फिल्में कम ही चुनीं. मुझे ऐसी फिल्में पसंद थीं, जिनसे मुझे कुछ सीखने को मिले.'
करियर के पीक पर हुआ लकवा
बता दें कि जब अरविंद स्वामी अपने करियर के पीक पर थे, इसी बीच साल 2005 में उनकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लग गई, जिसकी वजह से वो आंशिक तौर पर लकवे से ग्रस्त हो गए थे. इस दौरान उन्होंने एक्टिंग छोड़ दी और 3300 करोड़ रुपये की कंपनी खड़ी कर दी. साल 2013 में द हिंदू को दिए एक इंटरव्यू में अरविंद स्वामी ने कहा, 'ग्लोबल प्रोसेस आउटसोर्सिंग बिजनेस शुरू करना मेरे लिए एक रोमांचक समय था. मैंने सोचा था कि मैं 4-5 साल का ब्रेक लूंगा और फिर फिल्मों में वापसी करूंगा.'
खड़ा किया 3300 करोड़ का साम्राज्य
अरविंद स्वामी की कंपनी का नाम टैलेंट मैक्सिमस इंडिया है, जिसकी साल 2022 तक वैल्यूएशन 3,300 करोड़ रुपये थी. दिलचस्प बात यह है कि इतना बड़ा साम्राज्य बनाने के बावजूद उन्हें लगता है कि वो एक अच्छे बिजनेसमैन नहीं हैं. पॉडकास्ट में अरविंद स्वामी ने कहा, 'मेरे लिए, रुचि समस्या का समाधान खोजने में है. मैं प्रॉब्लम सॉल्व करने में माहिर हूं. एक बार प्रॉब्लम सॉल्व हो जाने के बाद, बिजनेस को चलाने वाले लोग होते हैं. इसके बाद मैं किसी और काम में लग जाता हूं. रोजमर्रा के कामकाज में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है. मेरी रुचि ऊपर बताई गई बातों में है. मेरा बिजनेसमैन बनना तो बस संयोग है. इस लिहाज से, मैं एक बुरा बिजनेसमैन हूं. मुझे केवल कमाने के लिए कुछ करना नहीं आता.'
अरविंद स्वामी की पहचान
अरविंद स्वामी ने मणिरत्नम की साल 1991 में आई फिल्म 'थलपति' से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. लेकिन उनकी दूसरी फिल्म, मणिरत्नम की 'रोजा' ने उन्हें सफलता की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया और उन्हें रातोंरात सुपरस्टार बना दिया. इसके बाद उन्होंने 'पासामलार्गल', 'बॉम्बे' और 'मिनसारा कनावु' जैसी फिल्मों में भी अपनी एक्टिंग का जादू बिखेरा.