Ramayana: नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी मेगा-बजट फिल्म 'रामायण: पार्ट 1' (Ramayana) ने पौराणिक कथाओं को पर्दे पर दिखाने का अंदाज ही बदल कर रख दिया है. पारंपरिक रूप से अयोध्या के दरबार से शुरू होने वाली इस कहानी की शुरुआत इस बार सीधे रावण के उदय और देवासुर संग्राम से होती है. फिल्म में सीता (साई पल्लवी) का तलवार चलाना, जटायु द्वारा रावण का सिर काटना और वीएफएक्स से सजे एक्शन सीन्स ने इस महागाथा को पूरी तरह एक नया और रोमांचक तेवर दे दिया है.
राम से पहले रावण के उदय की कहानी
आमतौर पर स्क्रीन पर रामायण की शुरुआत राजा दशरथ के दरबार या राम-लक्ष्मण की बाल लीलाओं से होती है. लेकिन इस फिल्म की शुरुआत सीधे रावण (यश) और देवासुर संग्राम से होती है. इसमें दिखाया गया है कि कैसे रावण अपनी मां कैकसी के मार्गदर्शन में कुबेर को परास्त कर लंका का राजा बनता है. शुरुआत से ही यश का दमदार स्क्रीन प्रेजेंस दर्शकों को बांध लेता है.
वनवास में सुकुमारी नहीं, बल्कि वीरांगना के रूप में सीता
फिल्म में साई पल्लवी द्वारा निभाई गई माता सीता का किरदार पिछले सभी रूढ़िवादी नजरियों को तोड़ता है. पारंपरिक फिल्मों में सीता को विवाह के बाद सिर्फ एक सुकुमारी के रूप में दिखाया गया है, लेकिन इस रामायण में वह वनवास के दौरान खर और दूषण जैसे राक्षसों के खिलाफ तलवार उठाती और युद्ध करती नजर आती हैं. उनका यह वीरांगना रूप महिलाओं के प्रति एक नया और सशक्त नजरिया पेश करता है.
जटायु और रावण के बीच खौफनाक और अनोखा युद्ध
फिल्म का एक और सबसे बड़ा सरप्राइज जटायु और रावण का युद्ध है, जिसमें अनुपम खेर ने जटायु को अपनी आवाज दी है. इस नए प्रसंग में जटायु अपने कटे हुए पंखों और तीखे पंजों की धार से रावण का गला तक काट देता है. हालांकि रावण अपनी मायावी शक्ति से तुरंत दोबारा सिर पा लेता है, लेकिन यह एक्शन सीक्वेंस थिएटर्स में रोंगटे खड़े कर देता है.
रावण और विद्युतजिह्वा का घातक द्वंद्व
फिल्म में शूर्पणखा (रकुल प्रीत सिंह) के पति विद्युतजिह्वा (विवेक ओबेराय) के किरदार और रावण के साथ उनके द्वंद्व को विस्तार से जगह दी गई है. शूर्पणखा के सामने ही रावण द्वारा उसके पति का वध करने का यह प्रसंग कहानी में और अधिक ड्रामा और रोमांच पैदा करता है.
वीएफएक्स, एक्शन और वर्ल्ड-क्लास म्यूजिक
इस फिल्म में आस्था और भक्ति की पुरानी नींव पर एक्शन, एडवेंचर और वीएफएक्स का एक भव्य महल खड़ा किया गया है. सोने की लंका और पुष्पक विमान की बनावट देखने लायक है. इसके अलावा, कवि कुमार विश्वास के लिखे गीत तथा एआर रहमान और हंस जिमर का वर्ल्ड-क्लास बैकग्राउंड स्कोर इस सिनेमाई अनुभव को और भी ज्यादा ऐतिहासिक बना देता है