Rakhi Sawant Gets Relief From UP Court: बॉलीवुड और टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस राखी सावंत के खिलाफ जारी हुए गैर-जमानती वारंट को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है. राखी सावंत को इस मामले में यूपी की कोर्ट से एक बड़ी राहत मिली है. दरअसल, उत्तर प्रदेश के झांसी की एक कोर्ट ने राखी सावंत के खिलाफ जारी हुए नॉन-बेलेबल वारंट रद्द कर दिया है. पिछले हफ्ते ही आत्महत्या के लिए उकसाने के एक मामले में राखी सावंत के खिलाफ ये वारंट जारी किया गया था. लेकिन, अब राखी को कोर्ट से राहत मिल गई है. चलिए आपको पूरा माजरा समझाते हैं.

राखी सावंत को कोर्ट से मिली राहत

PTI के अनुसार, एक व्यक्ति को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में राखी के खिलाफ जारी नॉन-बेलेबल वारंट गुरुवार को कैंसल कर दिया गया. यह इलाहाबाद हाई कोर्ट के स्टे ऑर्डर का हवाला देते हुए एक अर्जी के बाद किया गया. राखी की तरफ से वकील आशु सिंह ने कहा कि उनके खिलाफ वारंट 16 अक्टूबर को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की कोर्ट ने जारी किया था. उन्होंने आगे बताया कि इसके बाद बचाव पक्ष ने वारंट रद्द करने के लिए एक अर्जी दी, जिसमें मामले में आगे की कार्रवाई पर रोक लगाने वाले हाई कोर्ट के आदेश की एक कॉपी जमा की गई. उन्होंने कहा कि सिविल जज (जूनियर डिवीजन), फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालत ने हाई कोर्ट के आदेश के आधार पर वारंट रद्द कर दिया.

क्या है पूरा मामला?

राखी सावंत का ये केस साल 2010 में आए उनके टीवी प्रोग्राम 'राखी का इंसाफ' से जुड़ा है, जिसमें लोग अपने पारिवारिक मुद्दे लेकर आते थे. इसी तरह झांसी के हंसारी इलाके के रहने वाले 24 साल के लक्ष्मण अहिरवार भी अपना पारिवारिक मुद्दा लेकर शो में पहुंचे. इस शो में लक्ष्मण अपनी पत्नी अनीता के साथ शामिल हुए थे. जब उनका ये एपिसोड ऑनएयर हुआ, उसके बाद 10 नवंबर 2010 को लक्ष्मण अहिरवार ने सुसाइड कर लिया.

राखी के खिलाफ केस

लक्ष्मण अहिरवार की मौत के बाद उनकी मां ने राखी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया और प्रेम नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी. लक्ष्मण की मां ने दावा किया कि शो में राखी ने उनके बेटे के लिए आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे उनका बेटा इतना आहत हो गया कि उसने खुद की जान ले ली.