बड़ी फिल्मों की सक्सेस ज्यादातर उनकी स्टारकास्ट, भारी-भरकम बजट और शानदार प्रमोशन से जोड़ी होती है, लेकिन कुछ फिल्में ऐसी भी होती हैं, जो अपनी सादगी और कहानी के दम पर दुनिया भर में पहचान बना लेती हैं. निर्देशक विनोद कापड़ी की फिल्म 'पायर' भी इसी श्रेणी में आती है. पहाड़ों से पलायन और पीछे छूटे बुजुर्ग माता-पिता का इंतजार इसी ताने-बाने से बनी फिल्म 'पायर' कई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिव में दिखाई जा चुकी है. मेकर्स के मुताबिक, फिल्म अब तक 18 इंटरनेशनल अवॉर्ड्स जीत चुकी है. जिसकी तारीफ करने वालों में नसीरुद्दीन शाह और रत्ना पाठक शाह जैसे दिग्गज कलाकार के नाम शामिल हैं.
इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में मिली पहचान
'पायर' का वर्ल्ड प्रीमियर नवंबर 2024 में 28वें टालिन ब्लैक नाइट्स फिल्म फेस्टिवल में हुआ था. एस्टोनिया की राजधानी तेलिन में हुए इश इवेंट में फिल्म को गाला श्रेणी में प्रदर्शित किया गया और इसने POFF बेस्ट फिल्म ऑडियंस अवॉर्ड जीता.
इन इंटरनेशनल फेस्टिव में पहुंची फिल्म
इसके बाद फिल्म साओ पाउलो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, कैम्ब्रिज फिल्म फेस्टिवल, बाथ फिल्म फेस्टिवल और फज्र इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल सहित कई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल तक पहुंची. केरल के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी इसकी स्क्रीनिंग हुई.
अबतक कितने अवॉर्ड झोली में गिरे?
मेकर्स के मुताबिक, फिल्म अब तक 18 इंटरनेशनल अवॉर्ड्स अपने नाम कर चुकी है, जिनमें 15 बेस्ट फिल्म अवॉर्ड शामिल हैं. इसे सर्बिया और बोस्टन में बेस्ट डायरेक्टर के पुरस्कार भी मिले हैं. फिल्म के म्यूजिक, सिनेमैटोग्राफी और साउंड को लेकर भी इसे सम्मान मिला है.
नसीरुद्दीन-रत्ना पाठक का खास कनेक्शन
इस फिल्म से जुड़ी दिलचस्प बात यह है कि नसीरुद्दीन शाह और रत्ना पाठक शाह ने इसकी तारीफ की है. अमर उजाला में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने फिल्म की तारीफ करते हुए बताया था कि वो भी इतना अच्छा काम नहीं कर सकते थे, जितना अच्छा काम फिल्म में मुख्य किरदार निभाने वाले पदम सिंह कापड़ी-हीरा देवी ने किया है. ये बात इसलिए खास है, क्योंकि ये दोनों कलाकार फिल्म में मुख्य किरदार निभाने वाले थे, लेकिन कहानी की वास्तविकता और स्थानीय परिवेश की प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए मेकर्स ने स्थानीय लोगों को मुख्य भूमिकाओं में लेने का फैसला किया था.
गुलजार और ऑस्कर विजेता माइकल डैना का संगीत
'पायर' की कहानी ही दमदार नहीं बल्कि इसका म्यूजिक भी बेहद खास है, जिसे मशहूर गीतकार गुलजार और ऑस्कर विजेता संगीतकार माइकल डैना ने तैयार किया है. फिल्म में क्लासिकल सिंगर श्रुति सडोलिकर की आवाज में 'झिरझिर बरस रहते हो बदरा' गाना शामिल है, जिसके बोल और म्यूजिक फिल्म के भावुक पल को और मजबूत बनाता हैं.
सात समंदर पार फिल्म देखने पहुंचे थे आमा-बुबू
आपको जानकर हैरानी होगी कि इस फिल्म के मुख्य कलाकार पद्म सिंह और हीरा देवी निर्देशक विनोद कापड़ी के साथ एस्टोनिया गए थे. वहां उन्होंने टालिन ब्लैक नाइट्स फिल्म फेस्टिवल में अपनी ही जिंदगी से इंस्पायर्ड कहानी को बड़े पर्दे पर देखा था. जिन लोगों ने इससे पहले कैमरा तक नहीं देखा था, उनका इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिव में अपनी फिल्म की स्क्रीनिंग देखना किसी खूबसूरत एक्सपीरियंस से कम नहीं था. विदेशी दर्शकों तक पहुंचना इस बात का सबूत है कि सच्ची भावनाएं और मजबूत कहानियां भाषा और भौगोलिक सीमाओं को पार कर एक ऐसी पहचान बना लेती हैं, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती
मेकर्स की बड़ी कोशिश
आपको जानकर हैरानी होगी पहाड़ों पर छोटे-छोटे गांवों में जहां थिएटर नहीं हैं, वहां खुद सिनेमा हॉल पहुंचा. दरअसल, 'पायर' की टीम ने फिल्म को उन इलाकों के दर्शकों तक पहुंचाया जहां सिनेमा हॉल नहीं हैं. उत्तराखंड के बेरीनाग, बागेश्वर और श्रीनगर गढ़वाल में मोबाइल थिएटर के जरिए इसकी स्क्रीनिंग की गई. टीम के मुताबिक, इसके तहत 50 शो हुए, जो हाउसफुल रहे और लगभग 10,000 दर्शकों ने फिल्म को देखा. रानीखेत में कुमाऊं रेजिमेंट और लैंसडाउन में गढ़वाल राइफल्स के लिए विशेष स्क्रीनिंग भी रखी गई थी.
भारत में कब रिलीज होगी फिल्म?
इंटरनेशनल फेस्टिवल में अपनी पहचान बनाने के बाद 'पायर' अब भारतीय दर्शकों तक पहुंचने को तैयार है, यह फिल्म 30 अक्टूबर को हिंदी और मलयालम भाषा में रिलीज होगी.