फिल्मों की रिलीज से पहले जिस बोर्ड के फैसले का इंतजार मेकर्स और स्टार्स को रहता है, उसमें अब बड़ा बदलाव हुआ है. भारत सरकार ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC का पुनर्गठन कर दिया है. बुधवार, 16 सितंबर को जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक नए बोर्ड में कुल 18 सदस्यों को शामिल किया गया है. इस लिस्ट में बॉलीवुड से लेकर साउथ सिनेमा, संगीत, साहित्य और थिएटर से जुड़े कई चर्चित नाम शामिल हैं.
पंकज त्रिपाठी से प्रीति जिंटा तक बड़े नाम
नए CBFC बोर्ड में अभिनेता पंकज त्रिपाठी, सुनील शेट्टी, मनोज जोशी, प्रोसेनजीत चटर्जी और फिल्ममेकर प्रियदर्शन जैसे नाम शामिल हैं. वहीं एक्ट्रेस प्रीति जिंटा, रूपाली गांगुली और पल्लवी जोशी भी इस नई टीम का हिस्सा बनी हैं. इसके अलावा बोर्ड में म्यूजिक कंपोजर रिकी केज, पंजाबी सिंगर हंसराज हंस, लेखिका-साहित्य से जुड़े यतींद्र मिश्रा, फिल्ममेकर नीला माधब पांडा, थिएटर से जुड़े वामन केंद्रे और निशिगंधा वाड समेत कई अन्य लोगों को जगह दी गई है. पूरी लिस्ट में विनोद अनुपम, अभिषेक जैन, सुप्रिया यार्लगड्डा और रमेश पतांगे के नाम भी शामिल हैं.
क्या करता है CBFC?
CBFC यानी Central Board of Film Certification फिल्मों के सार्वजनिक प्रदर्शन से पहले उनके प्रमाणन की प्रक्रिया से जुड़ा बोर्ड है. फिल्मों को किस कैटेगरी का सर्टिफिकेट दिया जाएगा, यह प्रक्रिया सिनेमैटोग्राफ एक्ट और संबंधित नियमों के तहत होती है. ऐसे में बोर्ड के सदस्य फिल्म प्रमाणन से जुड़े मामलों में अहम भूमिका निभाते हैं.
CBFC की कानूनी भूमिका में कोई बदलाव नहीं
हालांकि, नए बोर्ड के गठन के बाद CBFC की कानूनी भूमिका में कोई बदलाव नहीं किया गया है. बोर्ड आगे भी तय नियमों और Cinematograph (Certification) Rules, 2024 के तहत काम करेगा.
कितने साल का होगा कार्यकाल?
सरकार की ओर से जारी सूचना के अनुसार 18 सदस्यों वाला यह नया बोर्ड तत्काल प्रभाव से गठित किया गया है. सदस्यों का कार्यकाल तीन साल या अगले आदेश तक रहेगा. यानी आने वाले समय में फिल्मों के प्रमाणन से जुड़े मामलों में इन नए सदस्यों की भूमिका देखने को मिलेगी.
18 सदस्यों की आधिकारिक लिस्ट
विनोद अनुपम, मनोज जोशी, अभिषेक जैन, रिकी केज, प्रियदर्शन, सुनील शेट्टी, हंसराज हंस, सुप्रिया यार्लगड्डा, यतींद्र मिश्रा, रूपाली गांगुली, प्रीति जिंटा, नीला माधब पांडा, पंकज त्रिपाठी, प्रोसेनजीत चटर्जी, पल्लवी जोशी, निशिगंधा वाड, वामन केंद्रे और रमेश पतांगे.