Nana Patekar Fight With Director on Set: बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर का आज सुबह गोवा के एक प्राइवेट अस्पताल में 75 साल की उम्र में निधन हो गया। नाना पाटेकर को गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके घर में बेहोशी की हालत में पाया गया, जिसके बाद उन्हें तुरंत एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन जब उनकी तरफ से कोई रिस्पोन्ड नहीं मिला तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. नाना पाटेकर का निजी जीवन और फिल्मी सफर हमेशा सुर्खियों में रहा है. आज हम आपको उनकी जिंदगी का एक अनोखा और दिलचस्प किस्सा बताने वाले हैं. दरअसल, एक बार नाना पाटेकर ने फिल्म के सेट पर डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा के साथ हाथापाई कर ली थी और इसके बाद उन्होंने फिल्म का एक आइकॉनिक सीन शूट किया था.

सेट पर अक्सर होती थी दोनों के बीच अनबन

अपने एक इंटरव्यू में नाना पाटेकर ने यह किस्सा शेयर किया था. नाना पाटेकर ने बताया था कि साल 1989 में आई फिल्म 'परिंदा' की शूटिंग के दौरान सेट पर डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा के साथ उनकी अक्सर किसी न किसी बात को लेकर अनबन हो जाती थी, क्योंकि दोनों का स्वभाव काफी तल्ख और तीखा था.

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नाना की वजह से बदल गए विधु विनोद चोपड़ा

वहीं, रियलिटी शो 'सा रे गा मा पा' में अपनी फिल्म का प्रमोशन कर रहे विधु विनोद चोपड़ा ने भी इस किस्से को शेयर किया था. विधु विनोद चोपड़ा ने कहा था, 'मैंने नाना को 'पुरुष' नाम के एक नाटक में देखा था. उन दिनों मैं कभी गाली नहीं देता था. मैं कश्मीर से आया हुआ एक सभ्य लड़का था, लेकिन नाना की वजह से सब कुछ बदल गया.'

मामला हाथापाई तक पहुंच गया

'परिंदा' की शूटिंग के दौरान का किस्सा शेयर करते हुए विधु विनोद चोपड़ा ने कहा था, 'जब मैं उन्हें किसी सीन में डायरेक्ट करता था, तो वो मुझे गालियां देने लगते थे. मुझे समझ नहीं आता था कि मैं उन्हें कैसे डायरेक्ट करूंगा. तो बस, तभी मैंने भी उन्हें जवाब में गालियां देना शुरू कर दिया. मैंने गालियां सिर्फ इसलिए देना शुरू किया, क्योंकि मुझे नाना को डायरेक्ट करना था. फिल्म में एक सीन है, जहां नाना पूछते हैं कि क्या उनकी पत्नी की मौत के बाद उनकी आंखों में आंसू हैं. हम दिनभर शूटिंग कर रहे थे और शाम काफी हो चुकी थी. नाना ने कहा कि वो बहुत थक गए हैं और घर जा रहे हैं. मैंने उनसे कहा, 'ठीक है, तो आप ही खर्चा उठा लीजिए।' वो मुझे गालियां देने लगे और मैंने भी उन्हें गालियां दीं. देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया. मैंने गुस्से में उनका कुर्ता फाड़ दिया.'

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आंखों में थे असली आंसू

विधु विनोद चोपड़ा ने आगे बताया कि उसी वक्त कैमरामैन बिनोद प्रधान ने अचानक चिल्लाकर कहा कि शॉट तैयार है. 'मैं तुरंत फ्रेम से बाहर चला गया और नाना तुरंत अपनी जगह पर पहुंच गए. अगर आप वो सीन देखेंगे तो उसमें उन्होंने बनियान पहनी हुई है, क्योंकि उनका कुर्ता फट गया था. उनकी आंखों में जो आंसू दिख रहे हैं, वो असली हैं, क्योंकि हमारी अभी-अभी लड़ाई हुई थी. बाद में हमने एक-दूसरे को गले लगाया और उन्होंने मुझसे कहा, 'मैं उस सीन को लेकर घबराया हुआ था.' लेकिन वो काफी अच्छा रहा. इस तरह 'परिंदा' फिल्म बनी.' बता दें कि 'परिंदा' का यह सीन फिल्म के सबसे चर्चित और आइकॉनिक सीन्स में से एक माना जाता है.