Nana Patekar Death: बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के निधन ने इंडस्ट्री के सितारों से लेकर उनके फैंस तक को सदमा दिया है, उन्होंने 8 अक्टूबर को इस दुनिया को अलविदा कह दिया, और इसी दिन शाम को अभिनेता का राजकिय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया, लेकिन अब सबसे बड़ी चौंकाने वाली बात यह सामने आई है, कि गोवा पुलिस ने अननेचुरल डेथ केस फाइल किया है, जिसने लोगों के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं.
पुलिस ने क्यों दर्ज किया केस?
पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 194 के तहत जांच शुरू कर दी है. अब पुलिस परिवार के सदस्यों और घटना से जुड़े दूसरे लोगों के बयान दर्ज करेगी. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस ने यह केस क्यों दर्ज किया और इस मामले में आगे क्या होगा?
क्या थी मौत की वजह?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाना पाटेकर गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर में थे, तबीयत ठीक नहीं लगने पर उन्होंने रात करीब 2.30 पर अपने दोस्त को मैसे किया कि उनको कुछ ठीक नहीं लग रहा और तबीयत खराब लग रही है. जिसके बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें डेड डिक्लेयर कर दिया. शुरुआती जानकारी में उनकी मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई गई, लेकिन मौत की परिस्थितियों और सटीक कारण के लिए गोवा पुलिस ने कानूनी प्रोसेस के तहत जांच शुरू कर दी है.
इस मामले को सब इंस्पेक्टर (PSI) नितिन नाइक सुलझा रहे हैं. पुलिस यह पता लगाने में कोशिश में जुटी है, कि एक्टर की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या इसके पीछे कोई संदिग्ध वजह तो नहीं है. इसी के साथ पुलिस ने मामले में पंचनामा समेत जरूरी लीगल फॉर्मेलिटीज पूरी कर ली हैं. नाना पाटेकर के शव का गोवा मेडिकल कॉलेज (GMC) में पोस्टमॉर्टम भी कराया गया. अब जांच के दौरान फैमिली मेंमबर्स और घटना से जुड़े बाकी लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे.
वजह समझने की कोशिश
पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, पंचनामा और बयानों के आधार पर मौत की परिस्थितियों को समझने की कोशिश करेगी. हालांकि, अमनेचुरल डेथ का केस दर्ज होने का मतलब यह नहीं है कि एक्टर की मौत में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है. जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति साफ हो सकेगी.
क्या होती है BNSS की धारा 194?
दरअसल, BNSS की धारा 194 संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच से जुड़ी है. इसके तहत पुलिस आत्महत्या, दुर्घटना या किसी अन्य संदिग्ध परिस्थिति में हुई मृत्यु की जानकारी जुटाती है और जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करती है. यह प्रावधान पुराने कानून CrPC की धारा 174 के समान है.
क्या नेचुरल है मौत?
अगर जांच में मौत प्राकृतिक पाई जाती है और किसी तरह की संदिग्ध परिस्थिति सामने नहीं आती, तो नियमानुसार मामला बंद किया जा सकता है. वहीं, अगर किसी अपराध से जुड़े संकेत मिलते हैं, तो पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है.
पुलिस जांच में खुलेगा राज
फिलहाल, नाना पाटेकर की मौत के मामले में पुलिस की जांच जारी है. मौत की असल वजह और उससे जुड़ी परिस्थितियों को लेकर अंतिम तस्वीर जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर ही साफ होगी.