Malhar Patekar Breaks Silence on Father Nana Patekar Last Moments: बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के निधन को आज एक हफ्ता हो गया है, लेकिन उनकी मौत को लेकर चर्चा अभी भी जारी है. एक तरफ एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता लगातार उनके निधन पर सवाल उठा रही हैं. वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर नाना पाटेकर के फैंस उनकी पत्नी नीलकांति पाटेकर और बेटे मल्हार पाटेकर को लगातार ट्रोल कर रहे हैं. फैंस का आरोप है कि नाना पाटेकर की पत्नी और बेटे ने उन्हें अकेला छोड़ दिया था. इसी बीच, नाना पाटेकर के बेटे मल्हार ने इन आरोपों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. साथ ही उन्होंने अपने पिता के आखिरी पलों आखिरी पलों का सच भी बताया है. आइए जानते हैं कि उन्होंने क्या कुछ कहा.
हाल ही में हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में मल्हार ने पिता नाना पाटेकर के निधन पर अपना दुख जाहिर किया। साथ ही, उन्होंने उनके आखिरी पलों के बारे में भी बताया। मालूम हो कि नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर की सुबह गोवा में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार पुणे स्थित उनके फार्महाउस में किया गया।
रिश्ता खत्म हो गया…
इंटरव्यू में मल्हार ने अपने और अपनी मां के बारे में उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए कहा, 'बचपन में मैंने अपने माता-पिता से बहुत ताकत और सहनशीलता सीखी. लोगों को बाहर से जो भी दिखता है, उससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. असल में, हम एक परिवार के रूप में बहुत मजबूत थे और इमोशनली से एक-दूसरे से जुड़े हुए थे. यहां तक कि मेरे चाचा और चचेरे भाई भी हमारे करीब थे. मुझे हमेशा सबका प्यार मिला और मेरे लिए यही मायने रखता है. सोशल मीडिया पर जो कुछ भी वायरल हो रहा है, वह पूरी तरह से गलत है. सिर्फ इसलिए कि हम इंस्टाग्राम पर फैमिली फोटो शेयर नहीं करते, इसका मतलब यह नहीं है कि हमारा रिश्ता खत्म हो गया है. अलग होने के बाद भी मेरे माता-पिता के बीच अच्छे रिश्ते थे. उनका 38-39 साल का रिश्ता था और चीजें हमेशा वैसी नहीं होतीं, जैसी बाहर से दिखाई देती हैं.'
'वो अकेले नहीं थे…
मल्हार ने अपने पिता के बारे में बात करते हुए कहा, मैंने जो कुछ पढ़ा, उसका जवाब यही है कि वह अकेले नहीं थे और न ही बीमार रहते थे, क्योंकि हममें से कोई न कोई हमेशा उनके साथ रहता था. वह बहुत एक्टिव थे और जिम में ढाई घंटे एक्सरसाइज करते थे. उनका फिटनेस लेवल ऐसा था कि युवा लोग भी उन्हें देखकर हैरान रह जाते थे.'
रात में जब उन्हें बेचैनी महसूस हुई…
मल्हार ने अपने पिता नाना पाटेकर के आखिरी पलों को याद करते हुए कहा, 'नाना जी गोवा में थे. मेरे चचेरे भाई प्रसाद, जो उनके मनोरंजन से जुड़ी सभी मीटिंग्स का ध्यान रखते थे, उन्हें मुंबई भेजने की व्यवस्था कर रहे थे, क्योंकि उन्हें एक ही दिन में माधुरी दीक्षित जी के साथ 'कौन बनेगा करोड़पति मराठी' की शूटिंग करनी थी. मेरे दूसरे भाई अमाय भी उन्हें घर के ऊपर वाले कमरे में आराम से ठहराने के बाद ही वहां से निकले थे. नाना जी ऐसे इंसान थे, जो कभी किसी को परेशान नहीं करते थे. रात में जब उन्हें बेचैनी महसूस हुई, तो उन्होंने पहले उन्हें मैसेज किया और कुछ समय बाद फोन भी किया. वे तुरंत उनके पास पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. सुबह करीब 5 बजे पुणे में मेरी मां का फोन आया. उसके बाद क्या हुआ, मुझे कुछ याद नहीं है. मुझे ऐसा लगा, जैसे मेरे आसपास की दुनिया ही थम गई हो.'