Jiah Khan Mother On Suraj Pancholi Name in Disha Salian Case: बॉलीवुड के दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की एक्स मैनेजर दिशा सालियन की मौत का केस एक बार फिर सुर्खियों में है. हाल ही में सीबीआई ने इस मामले को लेकर अपनी एफआईआर दर्ज की है, जिसमें शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे, रोहन रॉय, रिया चक्रवर्ती और सूरज पंचोली के नाम शामिल हैं. हालांकि, इस मामले को लेकर सूरज पंचोली ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बताया कि वह दिशा को किसी भी तरह से नहीं जानते थे. वहीं, अब इस मामले पर एक्ट्रेस जिया खान की मां राबिया खान का रिएक्शन सामने आया है. चलिए जानते हैं कि उन्होंने इस मामले पर क्या कहा है.
दिशा सालियन हत्याकांड पर बोलीं राबिया खान
दरअसल, जब दिशा सालियन की मौत के मामले में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में सूरज पंचोली का नाम सामने आया, तो इस पर जिया खान की मां राबिया खान खुद को रोक नहीं पाईं. उन्होंने इस मामले पर रिएक्ट करते हुए कहा कि दिशा सालियन हत्याकांड में जिन नामों का जिक्र हो रहा है, उससे उन्हें बहुत दुख हो रहा है. राबिया खान ने मंगलवार शाम को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक लंबा पोस्ट शेयर किया.
फूटा जिया खान की मां का गुस्सा
इस पोस्ट में राबिया खान ने लिखा, 'जब मैं सुनती हूं कि 6 साल पहले हुई एक और जवान दिशा सालियन हत्याकांड में उन्हीं नामों का जिक्र हो रहा है, तो मुझे बहुत दुख होता है और यह बात सभी को परेशान करनी चाहिए. मैं जिया के मामले से जानती हूं कि जब पीड़ितों को गुमराह करने के लिए जरूरी सबूतों को खत्म कर दिया जाता है और उनकी जगह दूसरे सबूत रख दिए जाते हैं, तो क्या हो सकता है. एक बार सबूत नष्ट हो जाएं, तो सच्चाई का पता लगाना मुश्किल हो जाता है.'
वहीं तरीका…
राबिया खान ने पोस्ट में आगे लिखा, 'हाई कोर्ट ने खुद दिशा के मामले की जांच में गंभीर कमियों को माना है. उन्हें पता है कि अब इस केस का कोई सबूत नहीं बचा है. हालांकि, जब जरूरी सबूत पहले ही खो गए हों या नष्ट कर दिए गए हों, तो किसी भी नई जांच में भारी परेशानी आएगी. वे वही तरीका दोहरा रहे हैं: सबूतों की कमी के कारण न्याय का दावा करना और इसे आत्महत्या के लिए उकसाना कहना, जबकि इस शब्द की भी जांच नहीं की गई थी. वे जिया के मामले की तरह ही, यहां भी वही तरीका अपना रहे हैं.'
दिशा की सच्चाई जानने…
जिया की मां ने आगे लिखा, 'पीड़ितों और उनके परिवारों को जवाब जानने का पूरा हक है. मामले की जांच करने वालों को हर एक सबूत को संरक्षित और जांचना चाहिए, न कि उसे गायब होने देना चाहिए. दिशा भी सच्चाई जानने की उतनी ही हकदार है, जितनी जिया थी.'