Imran Khan: बॉलीवुड एक्टर इमरान खान (Imran Khan) को भारत छोड़ने वाले मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत तो मिल गई है, लेकिन साथ ही अदालत की कड़ी फटकार का भी सामना करना पड़ा है. कोर्ट ने उनकी अंतरिम राहत को दिसंबर तक जारी रखने का आदेश दिया है, लेकिन इसके साथ ही इमरान को बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश भी दिया है. अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि केवल भविष्य में गलती न दोहराने का लिखित आश्वासन देना पर्याप्त नहीं है और OCI नियमों का दोबारा उल्लंघन नहीं होना चाहिए.

इमरान खान को अंतरिम राहत जारी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अभिनेता इमरान खान को राहत देते हुए उनकी अंतरिम राहत को बरकरार रखा है. इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई अब दिसंबर महीने में तय की गई है.

कोर्ट ने दिया बिना शर्त माफी मांगने का सख्त निर्देश

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ संकेत दिया कि केवल लिखित अंडरटेकिंग या भविष्य में गलती न दोहराने का आश्वासन देना काफी नहीं है. अदालत ने इमरान खान को इस मामले में बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश दिया है.

वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांत का किया जिक्र

मामले पर टिप्पणी करते हुए अदालत ने कहा कि इमरान खान के पास OCI कार्ड है और OCI धारक राजनीतिक गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकते. हालांकि, कोर्ट ने यह भी जोड़ा कि भारत 'वसुधैव कुटुंबकम' (पूरी दुनिया एक परिवार है) के सिद्धांत में विश्वास रखता है.

सेलिब्रिटी होने के नाते उठाए गए जिम्मेदारी पर सवाल

अदालत ने इमरान खान से सवाल किया कि एक प्रतिष्ठित पृष्ठभूमि और शिक्षित सेलिब्रिटी होने के नाते, इतने सालों तक भारत में रहने के बाद उन्होंने अचानक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा क्यों लिया? कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि OCI नियमों का भविष्य में दोबारा उल्लंघन नहीं होना चाहिए.

बचाव पक्ष का तर्क- FIR में नहीं है कोई सीधा आरोप

इमरान खान के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि उन्हें किसी भी जांच एजेंसी द्वारा न तो समन भेजा गया है और न ही पूछताछ के लिए बुलाया गया है. बचाव पक्ष का कहना था कि FIR में उनका नाम सामान्य रूप से है और उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष भूमिका या विशिष्ट आरोप नहीं है.