This Producer Faced Rejection in Apple Interview: नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ शानदार कमाई की. इस एक फिल्म ने खुद से जुड़े हर एक व्यक्ति को फेमस कर दिया. फिर चाहे वो फिल्म के एक्टर हों, डायरेक्टर हों या फिर प्रोड्यूसर हों. इस फिल्म से फेमस होने वालों की लिस्ट में इसकी 21 साल की को-प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर भी हैं. हाल ही में अनुप्रिया नागर ने बताया कि उन्होंने एप्पल में नौकरी के लिए इंटरव्यू दिया, जिसमें वो रिजेक्ट हो गईं. जिसके बाद उन्होंने अपनी लाखों रुपये की नौकरी छोड़ी और फिल्म में पैसे लगाए. आज उन्हें किस्मत ने करोड़पति बना दिया है. चलिए जानते हैं कि उन्होंने क्या कुछ बताया है.

करोड़पति बनने का सफर

कर्ली टेल्स को दिए एक इंटरव्यू में 'हनुमान अंश' की को-प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने बताया कि वो एप्पल में नौकरी के लिए इंटरव्यू का दूसरा राउंड पास नहीं कर पाईं. एप्पल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स की एंटरप्रेन्योरशिप की यात्रा के बारे में पढ़ते समय उन्हें नीम करोली बाबा के बारे में पता चला. अनुप्रिया बताती हैं कि वो खुद भी उत्तराखंड के कैंची धाम गईं और खुद उनकी भक्त बन गईं. इसके बाद उन्होंने विशाल चतुर्वेदी की भक्ति फिल्म 'हनुमान अंश' को को-प्रोड्यूस किया. 1.5 करोड़ रुपये के बजट में बनी 'हनुमान अंश' के तीन प्रोड्यूसर्स में से एक अनुप्रिया नागर ने अपनी सेविंग्स में से उस रकम का एक-तिहाई, यानी 50-55 लाख रुपये लगाए थे.

बेटी भटक गई है…

इन सब बातों को याद करते हुए अनुप्रिया ने कहा, 'जब मैंने अपने माता-पिता को इसके बारे में बताया, तो मेरे पिता ने सोचा, 'मेरी बेटी भटक गई है. लड़की ने UK में पढ़ाई की है, उसके पास इकोनॉमिक्स की डिग्री है और ज्यूरिख में उसकी वैलिड नौकरी है. यही रास्ता होगा. अब, वह यह सब छोड़कर अपनी लाइफ की सेविंग्स फिल्म में लगा रही है. वह थोड़े परेशान थे क्योंकि फिल्म इंडस्ट्री में कोई कनेक्शन नहीं है.'

मैं सच कहूंगी…

अनुप्रिया ने कहा कि बाद में उनके माता-पिता ने जल्द ही उन्हें सपोर्ट करना शुरू कर दिया. अनुप्रिया ने कहा, 'मैं सच कहूंगी. ऐसे पल भी आए जब मुझे लगा कि मैं इस इंडस्ट्री के लिए नहीं बनी हूं. लेकिन यह पक्का यकीन था कि अगर फिल्म फेल भी हो जाती है, तो मुझे याद रहेगा कि मैंने इसे पहली बार में क्यों किया था; मुझे इसका कभी अफसोस नहीं होगा. मेरे मन में हमेशा से यही ख्याल था कि बच्चों को यह फिल्म देखनी चाहिए और आध्यात्मिकता से जुड़ना चाहिए.'