बॉलीवुड से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. 'कांटे', 'जिंदा', 'मुसाफिर' और 'शूटआउट एट वडाला' जैसी फिल्मों के निर्देशन के लिए पहचाने जाने वाले फिल्ममेकर संजय गुप्ता के निधन की खबर ने फिल्म इंडस्ट्री को झकझोर दिया है. सामने आई जानकारी के मुताबिक, 57 वर्षीय संजय गुप्ता की मौत उनके ही घर में एक हादसे के दौरान हुई. बताया जा रहा है कि वह शुक्रवार रात बाथरूम में गिर गए थे. सिर पर गंभीर चोट लगने और ज्यादा खून बहने के कारण उनकी जान चली गई.

कैसे हुई संजय गुप्ता की मौत?

इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि हादसा रात में हुआ, लेकिन परिवार को इसकी जानकारी अगली सुबह मिली. जानकारी के मुताबिक, संजय गुप्ता अपने घर के बाथरूम में अचानक गिर पड़े थे. इस दौरान उनके सिर में गंभीर चोट आई. चोट इतनी गंभीर थी कि उनकी जान नहीं बच सकी.

हादसे के वक्त कहां था परिवार?

आजतक में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त घर में परिवार के अन्य सदस्य सो रहे थे. रातभर किसी को इस घटना की जानकारी नहीं हो सकी. सुबह जब उनकी हालत का पता चला, तब तक काफी देर हो चुकी थी. इस घटना ने उनके परिवार और करीबियों को गहरे सदमे में डाल दिया.

मुंबई पुलिस ने क्या बताया?

घटना की जानकारी मिलने के बाद मुंबई की वर्सोवा पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस के मुताबिक, संजय गुप्ता वर्सोवा इलाके में स्थित अपने बंगले में पत्नी, दो बच्चों और हाउस हेल्प के साथ रहते थे.

क्या कहना है पुलिस का?

पुलिस को परिवार की ओर से किसी तरह की साजिश का संदेह नहीं जताया गया है. मामले में सडन डेथ रिपोर्ट दर्ज की गई है. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है. फिलहाल, घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है.

कब शुरू हुआ था फिल्मी सफर?

संजय गुप्ता ने साल 1994 में फिल्म 'आतिश: फील द फायर' से बतौर निर्देशक अपने करियर की शुरुआत की थी. इस फिल्म में संजय दत्त, आदित्य पंचोली, रवीना टंडन और करिश्मा कपूर जैसे कलाकार नजर आए थे. पहली ही फिल्म से उन्होंने बॉलीवुड में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी थी.

'कांटे' ने दिलाई खास पहचान

संजय गुप्ता ने अपने करियर में 'राम शास्त्र', 'जंग', 'खौफ', 'मुसाफिर', 'जिंदा' और 'शूटआउट एट वडाला' जैसी फिल्मों का निर्देशन किया. हालांकि, साल 2002 में रिलीज हुई 'कांटे' उनके करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल रही. एक्शन, क्राइम और थ्रिलर से भरपूर फिल्मों को अपने खास अंदाज में पेश करने के लिए संजय गुप्ता की अलग पहचान बनी.

इंडस्ट्री में शोक की लहर

उनके निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक का माहौल है. एक ऐसे फिल्ममेकर का सफर थम गया, जिन्होंने हिंदी सिनेमा में एक्शन और क्राइम-थ्रिलर फिल्मों को अपना अलग अंदाज दिया.