Exclusive: अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम 3’ में विजय सालगांवकर और एसपी राजवीर सिंह तोमर यानी जयदीप अहलावत के किरदार की मुलाकात को लेकर दर्शकों के मन में कई सवाल थे. फिल्म में दोनों की भिड़ंत सिर्फ एक बार देखने को मिली, जबकि फैंस को उनके बीच और टकराव की उम्मीद थी. आखिर मेकर्स ने ऐसा क्यों किया? क्या कहानी को छोटा रखने के लिए कुछ सीन हटाए गए थे? E24 Bollywood से खास बातचीत में ‘दृश्यम 3’ के राइटर आमिल कीयान खान ने इसकी वजह बताई.

अजय और जयदीप की भिड़ंत कम क्यों?

‘दृश्यम 3’ में अजय देवगन और जयदीप अहलावत के किरदारों को आमने-सामने देखने के लिए दर्शक काफी उत्साहित थे. लेकिन फिल्म में दोनों की मुलाकात सिर्फ एक बार दिखाई गई. इस पर E24 Bollywood से खास बातचीत में राइटर आमिल कीयान खान ने बताया कि फिल्म बनाते समय कहानी को सबसे ज्यादा अहमियत दी गई. मेकर्स का मकसद सिर्फ दो दमदार किरदारों के बीच टकराव दिखाना नहीं, बल्कि कहानी को सही दिशा में आगे बढ़ाना था.

क्या दोनों के बीच भिड़ंत के और सीन भी लिखे गए थे?

आमिल कीयान खान ने बताया कि फिल्म के आखिरी 30-40 मिनट के कई अलग-अलग वर्जन तैयार किए गए थे. इनमें कुछ ऐसे विकल्प भी रहे होंगे, जिनमें किरदारों की मुलाकात अलग तरह से दिखाई गई हो सकती थी. हालांकि, उन्होंने इस बारे में कोई पक्की जानकारी नहीं दी. उन्होंने कहा कि निर्देशक अभिषेक पाठक के लिए कहानी सबसे ऊपर है. किसी सीन को सिर्फ इसलिए फिल्म में नहीं रखा जा सकता कि वह दर्शकों को अच्छा लगे.

कहानी से भटकना नहीं चाहते थे मेकर्स

आमिल ने समझाया कि ‘दृश्यम 3’ की असली कहानी विजय सालगांवकर और उसके परिवार की है. विजय ने पहले जो कुछ किया है, अब उसका असर उसके पीछे पड़ने लगा है और पूरा सिस्टम उसके खिलाफ काम कर रहा है. ऐसे में कहानी का मुख्य सवाल यही था कि विजय इन मुश्किलों से कैसे बचकर निकलता है. अगर अजय देवगन और जयदीप अहलावत के बीच सिर्फ एक और दमदार भिड़ंत दिखाने के लिए सीन जोड़ा जाता, तो कहानी अपने मुख्य मुद्दे से भटक सकती थी.

हर सीन का कहानी में कोई मतलब होना जरूरी

राइटर ने बताया कि फिल्म में किसी भी सीन को सिर्फ किरदार की मौजूदगी बढ़ाने के लिए नहीं रखा गया. हर सीन से कहानी आगे बढ़नी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे हाफ में कई किरदार और घटनाएं एक साथ चल रही थीं, इसलिए सभी चीजों के बीच संतुलन बनाना जरूरी था. उनके मुताबिक, दर्शकों को अगर फिल्म में किसी चीज की थोड़ी कमी महसूस होती है, तो यह ज्यादा बेहतर है, बजाय इसके कि उन्हें लगे कि किसी सीन को जरूरत से ज्यादा खींचा गया है.

‘दृश्यम 4’ पर भी राइटर ने रखी अपनी राय

‘दृश्यम’ के चौथे पार्ट को लेकर भी आमिल कीयान खान ने अपनी राय साफ की. उनके हिसाब से अब ‘दृश्यम 4’ नहीं आना चाहिए, क्योंकि विजय सालगांवकर की कहानी पूरी हो चुकी है. उन्होंने समझाया कि किसी सफल फ्रैंचाइजी को सिर्फ आगे बढ़ाने के लिए नया पार्ट बनाना जरूरी नहीं है. कहानी को वहीं खत्म करना बेहतर है, जहां उसका अंत सही लगता हो. उनके मुताबिक, जितना दिखाया जाए, वह असरदार होना चाहिए. सिर्फ दर्शकों की मांग को पूरा करने के लिए कहानी को आगे बढ़ाना सही फैसला नहीं होगा.