Nana Patekar Funeral: हिंदी और मराठी फिल्मों के बड़े कलाकार नाना पाटेकर का अचानक निधन हो गया. पूरा देश और फिल्म जगत सदमे में है. उनका पार्थिव शरीर पुणे के पास ‘नानाची वाड़ी’ नाम के फार्महाउस पर लाया गया है. वहां परिवार, रिश्तेदार और प्रशंसक अंतिम दर्शन के लिए जुट रहे हैं. थोड़ी देर में अंतिम संस्कार होगा. कई पुराने दोस्त और नेता भी पहुंचे हैं. जगह पर गम का माहौल है. नाना से जुड़ी यादें सबके दिल में हैं. लोग श्रद्धांजलि दे रहे हैं.
नानाची वाड़ी में पार्थिव शरीर पहुंचा
नाना पाटेकर का शरीर उनके पसंदीदा फार्महाउस ‘नानाची वाड़ी’ पर लाया गया. यह जगह पुणे के पास है. नाना को यह जगह बहुत पसंद थी. जैसे ही शरीर वहां पहुंचा, परिवार वाले, रिश्तेदार और फैन वहां जमा होने लगे. सब अंतिम बार उन्हें देखने आए. जगह पर शोक का माहौल छाया हुआ है. लोग चुपचाप खड़े हैं और नाना की यादें ताजा कर रहे हैं.
फिल्मी दोस्त पहुंचे अंतिम विदाई के लिए
नाना के कई पुराने फिल्मी साथी भी वहां आए. उनकी मशहूर फिल्म ‘क्रांतिवीर’ के निर्देशक मेहुल कुमार पहुंचे. ‘नटसम्राट’ की लेखिका किरण भी आईं. करीबी दोस्त और कलाकार प्रवीण तराडे भी मौजूद रहे. सबने नाना को श्रद्धांजलि दी. महेश मांजरेकर लंदन में काम के सिलसिले में हैं इसलिए नहीं आ सके. लेकिन उनकी पत्नी मेधा मांजरेकर वहां पहुंचीं. उन्होंने नाना को प्रणाम किया और परिवार का हालचाल पूछा.
राजनीतिक नेता भी पहुंचे
नाना सिर्फ अच्छे कलाकार ही नहीं थे. वे समाज सेवा और साफ बातें करने के लिए भी जाने जाते थे. इसलिए कई नेता भी अंतिम दर्शन के लिए आए. केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, चंद्रकांत पाटिल और रूपाली चाकणकर पहुंचे. उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी वहां आए. उन्होंने नाना को श्रद्धांजलि अर्पित की. केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल और टाउन प्लानिंग राज्य मंत्री माधुरी मिसाल भी मौजूद रहे.
और भी कई चेहरे नजर आए
भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर, एमएलसी सदाभाऊ खोत और भाजपा विधायक भीमराव तपकिर भी ‘नानाची वाड़ी’ पहुंचे. वरिष्ठ अधिकारी तुकाराम मुंढे भी अंतिम दर्शन के लिए वहां थे. सबने नाना की याद में चुपचाप खड़े होकर प्रणाम किया. जगह पर प्रशासनिक और राजनीतिक लोगों का आना-जाना जारी रहा. लोग नाना के काम और उनके स्वभाव की बातें कर रहे थे.
गमगीन माहौल और अंतिम संस्कार
पूरे फार्महाउस में गम का माहौल है. परिवार वाले और करीबी लोग रो रहे हैं. प्रशंसक दूर से भी आ रहे हैं. नाना को राज्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जा रही है. थोड़ी देर में अंतिम संस्कार होगा. लोग कहते हैं कि नाना जैसे कलाकार कम ही होते हैं. उनकी यादें फिल्मों और समाज सेवा के कामों में हमेशा रहेंगी. सब मिलकर उन्हें अंतिम प्रणाम कर रहे हैं.