Celina Jaitly Pens Emotional Raksha Bandhan Note For Brother Vikrant: बॉलीवुड एक्ट्रेस सेलिना जेटली इन दिनों अपने तलाक को लेकर चल रहे कानूनी विवाद को लेकर लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं. इस दौरान सेलिना जेटली सोशल मीडिया पर एक्टिव हो गई हैं. सेलिना अपनी जिंदगी के हर छोटी-बड़ी अपडेट को फैंस के शेयर करती हैं. हाल ही में उन्होंने रक्षाबंधन के खास मौके पर अपने भाई मेजर विक्रांत कुमार जेटली को याद करते हुए सोशल मीडिया पर एक दर्द भरा इमोशनल नोट शेयर किया है. जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने साल 2024 के बाद से उन्होंने अपने भाई आवाज तक नहीं सुनी है. चलिए आपको बताते हैं कि एक्ट्रेस ने अपने भाई याद करते हुए क्या कुछ लिखा है.

2024 से अपने भाई…

सेलिना ने रक्षाबंधन के मौके पर अपने इंस्टाग्राम पर अपने भाई मेजर विक्रांत कुमार जेटली को याद करते हुए एक लंबा पोस्ट शेयर किया. जिसमें सेलिना ने बताया कि उन्होंने 2024 से अपने भाई की आवाज नहीं सुनी है, उन्हें देखा नहीं है और न ही उनसे कोई कॉन्टेक्ट कर पाई हैं, क्योंकि मेजर विक्रांत UAE (यूनाइटेड अरब अमीरात) में हिरासत में हैं. सेलिना ने अपनी पोस्ट में लिखा, '30 सितंबर 2024 को जब मुझे मेरे भाई मेजर विक्रांत कुमार जेटली के बारे में पहली बार खबर मिली, तब से मैं दुखों के साथ जिंदगी जी रही हूं. तब से हर दिन भ्रम, पुरानी यादों, पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (पीटीएसडी), बचपन की छोटी-छोटी बातों, हमारी बेकार की लड़ाइयों, हंसी और हमारे प्यार के बारे में सोचते हुए गुजर रहा है.'

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मम्मी-पापा के निधन के बाद…

एक्ट्रेस ने आगे लिखा, 'मम्मी-पापा के निधन के बाद हम एक-दूसरे का सहारा बने. मैंने 2024 से उनकी आवाज नहीं सुनी है, उन्हें देखा नहीं है और न ही उनसे मिली हूं. चाहे कुछ भी कहा गया हो, मैंने एक बहन के रूप में वह सब कुछ किया है जो मैं कर सकती थी. वही मेरा सब कुछ है। मेरे बेटों के अलावा वही मेरा एकमात्र परिवार है. मैं उनके साथ खड़ी हूँ!!! वह मेरे जीवन का पहला प्यार थे. और आज भी हैं.'

किसी भी बहन को यह सब न…

सेलिना ने आगे लिखा, 'किसी भी बहन को यह सब न सहना पड़े. किसी भी भाई को वह सब न झेलना पड़े जो वह सह रहा है. मेजर विक्रांत मुझसे बहुत गुस्सा होते थे क्योंकि मेरी राखियां कभी उन तक समय पर नहीं पहुंचती थीं. कभी मैं उन्हें देर से भेजती थी, कभी वे पहुंचती ही नहीं थीं. आज मैं कुछ भी देने को तैयार हूं ताकि वह फिर से इस बारे में शिकायत करें. मुझे आज भी याद है जब उन्होंने छोटी बहन होने के नाते मेरे हाथ में एक रुपये का सिक्का रखा था. मुझे याद है वो बालियां जो उन्होंने अपनी पहली सैलिरी से मेरे लिए खरीदी थीं. छोटी-छोटी चीजें, जो पूरी दुनिया बन जाती हैं जब उनसे जुड़ा व्यक्ति अचानक आपकी पहुंच से दूर हो जाता है.'

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यह आत्मा का बंधन…

सेलिना ने अपनी बात पूरी करते हुए आगे लिखा, 'राखी सिर्फ एक धागा नहीं है. यह आत्मा का बंधन है, मजबूत, अटूट, शाश्वत. महादेव हमारे बंधन को आशीर्वाद दें. महादेव मुझे संघर्ष जारी रखने का साहस दें, हर दिन खुद को बिखरने से बचाने, फिर से समेटने और खड़े होने की शक्ति दें. क्योंकि एक आर्मी ऑफिसर की बहन कभी हार नहीं मानती. मम्मी, पापा, आप इस ब्रह्मांड में जहां भी हों, हमें आशीर्वाद दें. उसे इस परीक्षा को सहने की शक्ति दें जब तक हम फिर से न मिलें. डम्पी, मैं तुम्हें कभी नहीं छोडूंगी.'