Anurag Kashyap: फिल्ममेकर अनुराग कश्यप (Anurag Kashyap) अपनी बेबाकी और विवादित बयानों के चलते एक बार फिर कानूनी शिकंजे में फंस गए हैं. सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी के मामले में सूरत की एक अदालत ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है. बार-बार समन भेजे जाने और अखबार में नोटिस छपने के बावजूद जब अनुराग कश्यप कोर्ट में पेश नहीं हुए, तो जज ने सख्त कदम उठाते हुए यह वारंट जारी किया. अब इस मामले में अगली सुनवाई 24 दिसंबर को होगी.

बार-बार समन के बाद भी कोर्ट में पेश नहीं हुए अनुराग कश्यप

सूरत के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जेवी चौहान की अदालत ने अनुराग कश्यप के खिलाफ यह जमानती वारंट जारी किया है. दरअसल, कोर्ट ने इस मामले की न्यायिक कार्यवाही के लिए फिल्ममेकर को पहले ही समन भेजा था. जब वह अदालत में हाजिर नहीं हुए, तो कोर्ट के आदेश पर अखबार में भी सूचना प्रकाशित कराई गई. इसके बावजूद सोमवार को जब वह कोर्ट नहीं पहुंचे, तो जज ने कड़ा रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया. अब इस केस की अगली सुनवाई 24 दिसंबर को तय की गई है.

जानिए क्या है पूरा विवाद और किस पोस्ट पर हुआ बवाल?

यह विवाद पिछले साल 16 अप्रैल 2025 का है, जब अनुराग कश्यप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया था. इस पोस्ट पर जब आदित्य नाम के एक यूजर ने आपत्ति जताई, तो अनुराग कश्यप ने उस पर भड़कते हुए पलटकर पूछा था कि ब्राह्मण होकर तुमने क्या हासिल कर लिया है? इस टिप्पणी को ब्राह्मण समुदाय का अपमान मानते हुए वकील कमलेश रावल ने कोर्ट में याचिका दायर की थी और अनुराग कश्यप के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की थी.

भारतीय न्याय संहिता की इन गंभीर धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस

अदालत ने वकील कमलेश रावल की याचिका पर विचार करने के बाद मई महीने में ही पुलिस को अनुराग कश्यप के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया था. उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 192 (अलग-अलग समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और धारा 352(2) (झूठी अफवाहें फैलाना) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.

क्या होता है जमानती वारंट और कैसे मिलेगी राहत?

अधिवक्ता कमलेश रावल ने मीडिया को बताया कि शुरुआती दौर में उन्होंने कोर्ट से अनुराग कश्यप की मौजूदगी की मांग की थी. समन और सार्वजनिक नोटिस के बावजूद पेश न होने पर जमानती वारंट का कदम उठाया गया. कानूनी प्रक्रिया के अनुसार, इस जमानती वारंट का मतलब यह है कि आरोपी व्यक्ति अदालत द्वारा तय की गई निर्धारित जमानत राशि जमा करके पुलिस की गिरफ्तारी या आगे की सख्त कार्रवाई से राहत पा सकता है.

बॉलीवुड गलियारों में बढ़ी हलचल और आगे क्या होगा?

अनुराग कश्यप अक्सर अपने बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में रहते हैं. हालांकि, इस बार मामला अदालत तक पहुंचने और जमानती वारंट जारी होने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं. कानूनी जानकारों के मुताबिक, अब अनुराग कश्यप को 24 दिसंबर को होने वाली अगली सुनवाई से पहले अदालत के सामने अपना पक्ष रखना होगा या फिर तय राशि जमा कर जमानत लेनी होगी. फिलहाल इस घटनाक्रम ने सोशल मीडिया और सिनेमा जगत में नया विवाद खड़ा कर दिया है.