Annu Kapoor Tamannaah Bhatia Controversy: बॉलीवुड अभिनेता अन्नू कपूर अक्सर अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं. पिछले दिनों अभिनेत्री तमन्ना भाटिया के लिए 'दूधिया बदन' शब्द का इस्तेमाल करने पर वह नेटिजन्स के निशाने पर आ गए थे. सोशल मीडिया पर हुई कड़ी ट्रोलिंग के बाद अब अभिनेता ने इस पर अपनी चुप्पी तोड़ी और विवादित बयान पर सफाई दी. अन्नू कपूर ने न केवल अपनी बात रखी, बल्कि ट्रोल करने वालों की मानसिकता पर भी गंभीर सवाल उठाए.
'दूधिया बदन' टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब एक पॉडकास्ट के दौरान अन्नू कपूर से अभिनेत्री तमन्ना भाटिया को लेकर सवाल पूछा गया. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें तमन्ना पसंद हैं, तो उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कह दिया था, 'आहा, माशाल्लाह क्या दूधिया बदन है.' इस टिप्पणी के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे अनुचित माना और अन्नू कपूर को ट्रोल करना शुरू कर दिया.
'मिल्की बॉडी' और भाषा पर दिया तर्क
ट्रोलिंग का सामना करने के बाद अन्नू कपूर ने एक इंटरव्यू में अपनी सफाई दी. उन्होंने कहा कि अगर यही बात अंग्रेजी में 'मिल्की बॉडी' कही जाती, तो किसी को कोई ऐतराज नहीं होता. उन्होंने तर्क दिया कि लोगों को हिंदी शब्दों से समस्या होती है, जबकि अंग्रेजी में कही गई वैसी ही बातों को लोग आसानी से स्वीकार कर लेते हैं.
मानसिक गुलामी पर उठाए गंभीर सवाल
ट्रोल्स पर कड़ा प्रहार करते हुए अन्नू कपूर ने कहा था कि देश को 1947 में राजनीतिक आजादी तो मिल गई, लेकिन लोगों की मानसिकता आज भी गुलामी से पूरी तरह आजाद नहीं हो पाई है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अंग्रेजी में दी गई बात या गाली लोगों को अच्छी लगती है, लेकिन वही बात हिंदी में कही जाए तो चुभने लगती है.
'सदा सौभाग्यवती' कहकर दी शुभकामनाएं
बातचीत के दौरान उन्होंने तमन्ना भाटिया का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान उन्हें 'सदा सुहागन' रखे. जब इंटरव्यू लेने वाले ने उन्हें ध्यान दिलाया कि तमन्ना अभी शादीशुदा नहीं हैं, तो उन्होंने अपनी बात सुधारते हुए कहा कि सुहागन शब्द काट दीजिए और उसकी जगह 'सदा सौभाग्यवती भव' समझें. उन्होंने कहा कि उनके कहने का अर्थ केवल इतना था कि वह हमेशा स्वस्थ और खुश रहें.
माफी मांगने के साथ दिया अपना स्पष्टीकरण
अन्नू कपूर ने स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी का अपमान करने का नहीं था. उन्होंने कहा कि अगर उनके इस बयान से तमन्ना भाटिया को बुरा लगा हो, तो वह पहले ही उनसे माफी मांग चुके हैं. इसके साथ ही उन्होंने दोहराया कि किसी की तारीफ या वर्णन करने के लिए हिंदी के सुंदर शब्दों का गलत अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए.