मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदेश में युवाओं की जिंदगी बर्बाद करने वाले नशीले पदार्थों पर रोक लगाने और इसके प्रति लोगों को जागरूक करने का काम कर रही है. इसी दिशा में एक बार फिर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फिर से साफ कर दिया है कि नशे के खिलाफ इस जंग में पंजाब सरकार हर परिवार और युवाओं के साथ खड़ी है. मान सरकार नशा रोकने, लोगों को जागरूक करने और प्रभावित युवाओं को सही रास्ते पर लाने के लिए बड़े बजट को मंजूरी दी है, जिसका इस्तेमाल नशा मुक्ति अभियानों में किया जाएगा.
पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि नशों की सबसे बड़ी मार राज्य के युवाओं और उनके परिवारों पर पड़ती है। कई माताएं अपने बेटों के भविष्य के लिए प्रतिदिन प्रार्थना करती हैं, कई बच्चे अपने पिता की आंखों में से आशा को समाप्त होते हुए देखते हैं और कई घरों की खुशियां नशों की भेंट चढ़ चुकी हैं. उन्होंने कहा कि मान सरकार इस पीड़ा को गहराई से समझती है और नशा मुक्त पंजाब की लड़ाई को केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि मानवीय, संवेदनशील और सामाजिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ा रही है.
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डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि मान सरकार ने नशे के खिलाफ लड़ाई के लिए 467. 49 लाख रुपये का बजट जारी किया है, ताकि पंजाब को धीरे-धीरे एक नशा मुक्त राज्य बनाया जा सके. उन्होंने ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग 107. 22 लाख रुपये , सूचना एवं लोक संपर्क विभाग को 202. 99 लाख रुपये, और सामाजिक सुरक्षा विभाग को 109. 12 लाख रुपये की रकम प्रदान की है ताकि इससे हर जिले में लोगों को नशे से होने वाले नुकसान और उसके बचाव की जानकारी सही ढ़ंग से मिल पाए. हर गांव हर शहर में जागरूकता फैलाई जाए जिससे युवा नशे से दूर रहे और अपने सपनों की ओर आगे बढ़ें.
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उन्होंने ने कहा कि मान सरकार के होते हुए पंजाब का कोई भी युवा अकेला नहीं है. मान सरकार हर कदम पर युवाओं के साथ खड़ी है और पंजाब को एक नशा मुक्त, सुरक्षित और खुशहाल राज्य बनाने के लिए लगातार काम करती रहेगी.
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