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तमिलनाडु में जीत का परचम लहराते ही विजय थलापति ने बनाया तगड़ा रिकॉर्ड, 60 सालों में किसी ने नहीं की थी हिम्मत
Thalapathy Vijay: तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय ने राजनीति में एंट्री करते ही ऐसा धमाका किया है, जिसकी चर्चा अब सिर्फ सियासी गलियारों में ही नहीं बल्कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में भी हो रही है. अपने पहले ही चुनाव में विजय ने वो कर दिखाया, जो पिछले करीब 60 सालों में कोई नहीं कर पाया... तमिलनाडु की राजनीति में दो बड़े दिग्गज दल AIADMK और DMK के दबदबे को सीधी चुनौती दे दी.
रियल लाइफ 'जन नायक' बने विजय
फिल्मों में 'मास' हीरो की इमेज रखने वाले विजय ने रियल लाइफ में भी खुद को 'जन नायक' साबित कर दिया है. चेन्नई से लेकर मदुरै और कोंगू नाडु तक उनकी पार्टी को जबरदस्त समर्थन मिला. खास बात ये रही कि एग्जिट पोल्स में विजय को सिर्फ 0 से 6 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन नतीजों ने सबको चौंका दिया.
क्यों विजय की जीत है खास?
साउथ इंडस्ट्री में पहले भी कई सितारे राजनीति में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं. एम.जी. रामचंद्रन, जे. जयललिता और एम. करुणानिधि जैसे नाम इसके बड़े उदाहरण हैं. हाल ही में कमल हासन ने भी राजनीति में कदम रखा था, लेकिन उन्हें वैसी सफलता नहीं मिली. ऐसे में विजय की जीत और भी ज्यादा खास बन जाती है.
विजय की पॉपुलैरिटी वोट में बदली
फिल्मी करियर की बात करें, तो विजय ने 'घिल्ली' से लेकर 'मास्टर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों से करोड़ों फैंस का दिल जीता है. उनकी यही पॉपुलैरिटी अब वोट में भी बदलती नजर आई. उनके फैंस, जो पहले उन्हें बड़े पर्दे पर हीरो मानते थे, अब उन्हें असली जिंदगी का लीडर मानने लगे हैं.
क्यों है विजय की जीत गेम चेंजर?
विजय की इस जीत को सिर्फ एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि गेम चेंजर माना जा रहा है. लंबे समय से चली आ रही दो दलीय राजनीति के बीच एक नए चेहरे का इस तरह उभरना अपने आप में बड़ा बदलाव है. खासकर यूथ में इसे लेकर जबरदस्त एक्साइटमेंट देखने को मिल रही है.
राजनीति के इस नए मंच पर विजय
अब देखना दिलचस्प होगा, कि फिल्मों के बाद राजनीति के इस नए मंच पर विजय कितना लंबा सफर तय करते हैं. फिलहाल, तो इतना तय है, कि 'थलापति' ने एंटरटेनमेंट से निकलकर पॉलिटिक्स में भी अपनी दमदार एंट्री दर्ज करा दी है.