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किसी जमाने में हर फिक्र को धुंए में उड़ाना पसंद करते थे ये कॉमेडियन, जिनकी मौत की कहानी जानकर भर आएंगी आंखें
बॉलीवुड की दुनिया में हंसी का अलग ही किस्सा रहा है. जब भी कॉमेडी की बात होती है, तो इंडस्ट्री के वो महान कॉमेडियन्स के चेहरे आंखों के सामने आ जाते हैं, जिन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग से हर किसी को लोटपोट कर दिया, लेकिन क्या आप जानते हैं, जिन सितारों ने जीवनभर लोगों के चेहरे पर खुशी लाई, उनका अंत दर्द और तकलीफ से भरा रहा.
कॉमेडी के 'किंग' रहे ये कॉमेडियन
कॉमेडी की बात हो और राजपाल यादव, परेश रावल, जॉनी लीवर, सतीश शाह और सतीश कौशिक जैसे नाम याद न आएं, ऐसा हो ही नहीं सकता, इन कलाकारों ने अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को खूब हंसाया है, लेकिन इंडस्ट्री में इनसे भी पहले के ऐसे कई दिग्गज कॉमेडियन रहे हैं, जिनकी जिंदगी के आखिरी दिन अच्छे नहीं थे, वो दर्दभरे थे.
कॉमेडी यादगार, तो विदाई भावुक
'वर्ल्ड लाफ्टर डे' के मौके पर आज हम आपको कुछ ऐसे ही कॉमेडियन के बारे में बता रहे हैं, जिनकी कॉमेडी जितनी यादगार रही, उनकी विदाई उतनी ही भावुक कर देने वाली थी. सबसे पहले बात कादर खान की, 90 के दशक में वो गोविंदा के साथ कई हिट फिल्मों में नजर आए. कादर खान सिर्फ एक बेहतरीन कॉमेडियन ही नहीं, बल्कि शानदार डायलॉग राइटर भी थे. हालांकि, उनके आखिरी दिन बेहद मुश्किलों में बीते. उन्हें प्रोग्रेसिव सुपरान्यूक्लियर पाल्सी नाम की गंभीर बीमारी हो गई थी, जिससे उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई, और 2018 में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया.
जिनके सीन पर हंसी से लोटपोट हो जाते थे दर्शक
इसके बाद नाम आता है जॉनी वॉकर का, जिनका असली नाम बदरुद्दीन जमालुद्दीन काजी था. उन्होंने गुरु दत्त की फिल्मों में अपनी खास पहचान बनाई. उनकी कॉमिक टाइमिंग इतनी शानदार थी, कि उनके सीन पर लोग हंसी से लोटपोट हो जाते थे, लेकिन जिंदगी के आखिरी दौर में उन्हें डायबिटीज की गंभीर समस्या हो गई, जिससे उनकी किडनियां खराब हो गईं, और 2003 में उनका निधन हो गया.
जिसने कभी शराब नहीं पी, उसने ज्यादातर शराबी का किरदार निभाया
केस्टो मुखर्जी ने फिल्मों में अकसर शराबी का किरदार निभाया, लेकिन असल जिंदगी में उन्होंने कभी शराब नहीं पी. आर्थिक तंगी और बीमारी के चलते उनका इलाज ठीक से नहीं हो पाया, और सिर्फ 56 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया छोड़ दी.
ये कॉमेडियन सोते-सोते हुआ दुनिया से रुखसत
कॉमेडी के बादशाह महमूद ने 'पड़ोसन' और 'बॉम्बे टू गोवा' जैसी फिल्मों से दर्शकों को खूब हंसाया, लेकिन दिल की बीमारी से जूझते हुए 2004 में उनका निधन हो गया. बताया जाता है, कि वो सोते-सोते इस दुनिया से विदा हो गए थे.
लोगों को हंसाने वाला दर्द सहते हुए दुनिया को बोला अलविदा
वहीं मुकरी, जिन्होंने 600 से ज्यादा फिल्मों में काम किया, अपने आखिरी समय में किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे. दर्द सहते-सहते उन्हें हार्ट अटैक आया, और उनका निधन हो गया.
लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने वालों का अंत रहा दर्दनाक
इन कलाकारों ने जिंदगीभर लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाई, लेकिन उनकी अपनी जिंदगी का अंत काफी दर्दनाक रहा. आज भी उनकी यादें और उनकी कॉमेडी लोगों के दिलों में जिंदा हैं.