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भारत में बैन हैं ये 5 बॉलीवुड फिल्में, बोल्ड सीन्स से भरपूर, कहानी देख सेंसर बोर्ड भी रह गया था दंग

बॉलीवुड में अबतक कई ऐसी फिल्में भी बनीं, जिन्हें अपने बोल्ड कंटेंट की वजह से बैन का सामना करना पड़ा. ये फिल्म अपनी कहानी, सब्जेक्ट और प्रस्तुति के कारण बैन हो गईं. ये फिल्में अपने कंटेंट को लेकर विवादों में भी रहीं. वहीं सेंसर बोर्ड ने इन्हें कभी बॉक्स ऑफिस पर रिलीज नहीं होना दिया और बोल्ड कंटेट की वजह इनपर बैन लगा दिया. आज आप इन फिल्मों को ओटीटी और यूट्यूब पर देख सकते हैं. चलिए फिल्मों के बारे में जानते हैं.

वॉटर- साल 2005 में बनी फिल्म ‘वॉटर’ अपने कंटेंट को लेकर विवादों में रही. इस फिल्म में लोग विधवा औरतों के साथ कैसा व्यव्हार करते हैं और बाल विवाह जैसे मुद्दे दिखाए गए हैं. रिलीज होने के बाद इस फिल्म को सेंसर बोर्ड ने बैन कर दिया गया. फिल्म में सीमा बिस्वास, लिसा रे, जॉन अब्राहम और सरला करियावासम लीड रोल में हैं. वहीं मनोरमा, कुलभूषण खरबंदा, वहीदा रहमान, रघुवीर यादव और विनय पाठक जैसे कलाकार सपोर्टिंग रोल में हैं.

अनफ्रीडम- 2014 की फिल्म 'अनफ्रीडम' एक बेहद ही बोल्ड थीम पर आधारित थी. फिल्म में एक लेस्बियन संबंध और दूसरा इस्लामी आतंकवाद से जुड़ी कहानी दिखाई गई है. इसमें एक मुस्लिम कट्टरपंथी एक मुस्लिम उदारवादी का अपहरण करता है. दूसरी ओर, एक लेस्बियन अपनी बाइसेक्शुअल प्रेमिका का अपहरण कर लेती है. फिल्म में कई तरह के बोल्ड और इंटीमेट सीन्स शामिल हैं. ऐसे में इसपर बैन लगा दिया गया.

द पिंक मिरर- इस लिस्ट में 'द पिंक मिरर' भी शामिल है. ट्रांसजेंडर किरदारों पर बनी इस फिल्म को सेंसर बोर्ड ने 'अश्लील और आपत्तिजनक' बताया था. फिल्म को बैन कर दिया गया था. फिल्म की कहानी दो ट्रांसजेंडर महिलाओं और एक गे किशोर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक पुरुष को रिझाने की कोशिश करते हैं.

फायर- 1996 में बनीं फिल्म 'फायर' दीपा मेहता ने डायरेक्ट किया था. ये पहली बॉलीवुड फिल्म भी है, जिसमें खुले तौर पर समलैंगिक संबंध और एक लेस्बियन जोड़ी को दिखाया गया. फिल्म की कहानी दो महिलाओं, राधा-सीता के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने पतियों की उपेक्षा के बाद भावनात्मक और शारीरिक रूप से करीब आती हैं. अपने बोल्ड कंटेंट की वजह से ये फिल्म बैन हो गई थी.

बैंडिट क्वीन- साल 1994 में आई फिल्म 'बैंडिट क्वीन' फूलन देवी के जीवन पर आधारित थी. इस फिल्म को शेखर कपूर ने डायरेक्ट किया. फिल्म में फूलन देवी की असल जिंदगी की कहानी दिखाई गई है. इस फिल्म को लेकर खुद फूलन देवी ने नाराजगी जताई थी. फिल्म में कई ऐसे सीन्स शामिल किए गए थे, जिस कारण इसे बैन कर दिया गया.