भारी आर्थिक संकट से जूझ रहे अभिनेता सतीश कौल ने लगाई मदद की गुहार।

पूजा राजपूत – कोरोना वायरस(Corona Virus) के संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन(Lockdown) ने लोगों के सामने विभिन्न प्रकार की चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। सबसे ज्यादा मुश्किल दिहाड़ी मज़दूरों और उन बुज़ुर्गों के सामने आ रही है, जिन्हें दो वक्त का खाना और जरुरी सामना जुटाने के लिए भी भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी ही मदद की गुहार कई पंजाबी और हिन्दी फिल्मों में काम कर चुके अभिनेता सतीश कौल(Satish Kaul) ने भी लगाई है

65 वर्षीय अभिनेता सतीश कौल पंजाब के शहर लुधियाना में रहते हैं। वह 300 से ज्यादा पंजाबी और हिन्दी फिल्मों में काम कर चुके हैं। सतीश कौल ने बी.आर. चोपड़ा की महाभारत(Mahabharat) में देवराज इंद्र का किरदार निभाया था। लेकिन आज स्थिति ऐसी बन चुकी हैं, कि उन्हें लोगों से मदद की गुहार लगानी पड़ी है।

सतीश कौल ने कहा कि मुझे आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, और मौजूदा लॉकडाउन ने मेरे स्थिति और भी ज्यादा खराब कर दी है। इसके साथ ही उन्होने ‘वृद्धाश्रम में रहने की बात को भी नकारा है।

सतीश कौल ने कहा – ‘मैं लुधियाना में किराए के एक छोटे से मकान में रह रहा हूं। मैं पहले वृद्धाश्रम में रहा करता था, लेकिन अब मैं यहां रह रहा हूं। मैं पूरी स्वस्थ हूं और मेरी तबियत भी ठीक है। लेकिन लॉकडाउन ने स्थिति खराब कर दी है। मुझे दवाओं, सामना और बुनियादी ज़रुरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। मैं अपनी इंडस्ट्री के लोगों से मदद की अपील करता हूं। मुझे एक्टर के तौर पर इतना प्यार मिला, लेकिन अब मुझे एक इंसान होने के नाते उनके ध्यान की ज़रूरत है।‘

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आपको बता दें, कि सतीश कौल आंटी नंबर वन(Aunty No. 1), और प्यार तो होना ही था(Pyaar To Hona Hi Tha)जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होने सीरियल विक्रम और बेताल(Vikram Aur Betaal) में भी काम किया है।

2011 में सतीश कौल मुंबई से पंजाब चले गए थे, और वहां उन्होने एक एक्टिंग स्कूल शुरु किया था, लेकिन उनका ये प्रोजेक्ट खास सफल नहीं हो पाया। इसके बाद उनकी जिंदगी में बुरा दौर तब आया जब दुर्घटनावश उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई थी। लगभग ढ़ाई साल तक हॉस्पिटल में रहकर उन्होने अपना इलाज करवाया, जिसके बाद उन्हें वृद्धाश्रम में शिफ्ट होना पड़ा था, जहां वह दो साल रहे थे। 

इसके साथ ही सतीश कौल ने दोबारा अभिनय शुरु करने की इच्छा भी जताई है। उन्होने कहा है कि ‘अभिनय की आग मुझमें अभी भी जीवित है, वह खत्म नहीं हुई है, काश कोई मुझे आज भी कोई रोल दे, कोई किरदार दे, और मैं उसे निभाऊं। मैं फिर से अभिनय करने के लिए उत्सुक हूं।‘अब देखना ये है कि आर्थिक संकट से जूझ रहे अभिनेता की पुकार कौन सुनता है, और उन्होने दोबारा अभिनय की दुनिया में आने का मौका देता है।