रामायण के भरत अब इस दुनिया में नहीं हैं, 40 साल की उम्र में गुजर गए थे

By Neetu April 13, 2020, 2:33 p.m. 1k

33 साल बाद ‘रामायण’ दूरदर्शन पर एक बार फिर लौट आया है। देश में कोरोना वायरस (Corona Virus)ने दस्तक दी, तो लॉकडाउन (Lockdown) के चलते सभी देशवासी अपने घरों में बंद रहने के लिए मजबूर हो गए। लेकिन 28 मार्च से शुरू हुई रामायण (Ramayana) ने दर्शकों के उस सुनहरे दौर को एक बार फिर लौट दिया है, जब वे सभी रविवार के दिन सुबह-सवेरे ही उठ कर अपने पूरे परिवार के साथ रामायण देखने बैठ जाते थे।

‘रामायण’ के पुन:प्रसारण ने टीआरपी के भी कई रिकॉर्डस तोड़ दिए हैं। ‘रामायण’ की वजह से दूरदर्शन को बंपर टीआरपी मिल रही है। इसी के साथ उन सभी लोगों के बारे में भी दर्शक जानना चाहते हैं, जिन्होने रामानंद सागर की ‘रामायण’ में अहम किरदार निभाए थे।

इन्हीं यादगार किरदारों में से एक है, प्रभू श्रीराम के छोटे भाई भरत का किरदार, जिसके रोल में नज़र आए थे एक्टर संजय जोग (Sanjay Jog) ।

आज जहां ‘रामायण’ के री-टेलीकास्ट होने की वजह से सीरियल के तीन अहम किरदारों राम सीता और लक्ष्मण को निभाने वाले अरुण गोविल(राम), सुनील लहरी(लक्ष्मण) और दीपिका चिखलिया(सीता) एक बार फिर चर्चा में बने हुए हैं, वहीं राजा राम के प्रिय भाई भरत का किरदार निभाने वाले एक्टर संजय जोग के बारे में दर्शक ज्यादा नहीं जानते हैं।

दरअसल संजय जोग अब हमारे बीच नहीं हैं। 27 नवंबर 1995 को संजय जोग का लीवर फेल हो जाने की वजह से निधन हो गया था। तब वह सिर्फ 40 वर्ष के थे। हैरानी वाली बात ये है कि जब संजय जोग का निधन हुआ, तब उनकी मौत की खबर भी बेहद कम लोगों की पता थी।

‘रामायण’ में भरत का किरदार निभारकर हर किसी के दिल पर राज करने वाले संजय मराठी सिनेमा का जाना पहचाना चेहरा थे।लेकिन शायद आपको ये जानकर बेहद हैरानी होगी की जिस अभिनेता ने अपने सरल स्वभाव और दमदार एक्टिंग से ऑडिएंस का दिल जीता असल में वो एक्टर बनना ही नहीं चाहता था।

4 सितंबर 1995 को नागपुर में जन्में सजंय मुंबई मे अपनी पढ़ाई करने के लिए आए थे। और वहां से अपने गांव लौटकर खेती-बाडी करना चाहते थे। लेकिन संजय की किस्मत में खेती नहीं बल्कि स्टारडम लिखा था। मुंबई में बीएससी की पढ़ाई करने के दौरान ही संजय का रुझान फिल्मों की तरफ हुआ, फिल्मालिया स्टूडियो से संजय ने एक्टिंग का कोर्स किया .

मुंबई में संजय को मल्टीस्टारर फिल्म ‘ज़िद्द’ का ऑफर मिला, फिल्म सुपहहिट रही, और संजय ने फिर कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। 80 के दशक में संजय का नाम एक हाई प्रोफाइल एक्टर के तौर पर जाना जाता था। अपने छोटे से फिल्मी करियर में संजय जोग ने 50 से ज्यादा फिल्मों में काम किया, जिसमें 30 से अधिक फिल्म मराठी भाषा की तो कुछ गुजराती और हिंदी फिल्में भी थीं।

 उनके द्वारा अभिनीत मराठी फिल्म 'नवरी मिले नवऱ्याला' (जिसका हिन्दी में 'गजब तमासा' नाम से रिमेक बना था) ने box office पर धूम मचा दी थी। 'नवरी मिले नवऱ्याला' को अभिनेता, निर्देशक सचिन पिलगांवकर ने निर्देशित किया।

संजय को आज भी ‘रामायण’ में भरत का यादगार किरदार निभाने की वजह से याद किया जाता है ,‘भरत’ के रोल में संजय ने अपनी दमदार एक्टिंग से ऐसी छाप छोड़ी की वो हमेशा हमेशा के लिए लोगों के दिलों में बस गए।

 ‘रामायण’ के एक एपिसोड में राम के वनवास के बाद जब संजय जोग भरत का किरदार निभाते हुए आंखों में आंसू और सिर पर राम के खड़ाऊ लेकर चले थे, तब उनके साथ इस सीन को देखने वाला हर एक दर्शक भी रोया था।

पर्सनल लाइफ की बात करें तो संजय जोग ने मुंबई में नीता से शादी की थी, जो पेशे से वकील थीं। संजय और नीता के दो बच्चे हैं, रंजीत और नताशा।

रंजीत ने भी आकर चलकर अपने पिता की ही तरह मराठी फिल्म इंडस्ट्री में नाम कमाया। आज रंजीत भी मराठी फिल्मों के जाने-माने एक्टर हैं।

लेकिन संजय जोग को आज भी लोग उनके निभाए ‘भरत’ के किरदार के लिए याद करते हैं।

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