कभी 100 किलो की थीं जरीन खान, तस्वीरें देखकर नहीं कर पाएंगे यकीन, देखिए

By Arunima May 14, 2020, 1:23 p.m. 1k

फिल्म वीर से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली जरीन खान (Zareen Khan) 14 मई को अपना 33वां जन्मदिन दिन मना रही हैं।।  कटरीना की हमशक्ल कही जाने वाली जरीन अभी जितनी फिट दिखती हैं, पहले वैसी नहीं थीं। फिल्मों में आने से पहले जरीन का वजन काफी बढ़ा हुआ था। 

आपको बता दें कॉलेज के दिनों में जरीन काफी मोटी हुआ करती थीं। उनका वजन लगभग 100 किलो था। जरीन ने कभी मॉडलिंग या फिल्‍मों के बारे में नहीं सोचा था।  बाद में उन्होंने जिम में खूब पसीना बहाया औऱ खुद का वजन कम किया। कहा जाता है कि मोटापे की वजह से जरीन को रिजेक्शन का शिकार भी होना पड़ा। मेकर्स काफी स्लिम ट्रिम एक्ट्रेस को चाहते थे।

जरीन का जन्म मुंबई के पठान फैमिली में 4 मई 1987 को हुआ था। उस वक्त जरीन के पिता के पास उतने भी पैसे नहीं थे कि वो दो बेटियों की परवरिश कर सके। इसलिए वो परिवार को छोड़कर ही चले गए। 

 इसके बाद जरीन ने खुद सबकुछ संभाला। फिल्मों में आने से पहले जरीन ने कॉल सेंटर में जॉब किया। जरीन खान बचपन से डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन फैमिली में पैसों की तंगी आई जिस वजह से जरीन अपना ये सपना पूरा न कर पाई। फिल्मों में उन्होंने बॉडी डबल का काम किया। फिल्म युवराज में वो कटरीना की बॉडी डबल थी। वहीं सलमान की उनपर नजर पड़ी। इसके बाद सलमान ने जरीन को साल 2010 में फिल्म वीर से बॉलीवुड में लॉन्च किया। उस वक्त में जरीन जब आई तो हर कोई जरीन को कटरीना कैफ की कॉपी बताने लगा। 

इसका खामियाजा भी जरीन को भरना पड़ा। जरीन खान ने अक्सर 2, हाऊसफुल 2, 1921 जैसी हिंदी फिल्मों के अलावा पंजाबी फिल्मों में भी नजर आई। देखा जाए तो सलमान खान जैसे हीरो के साथ लॉन्च होने के बाद  जरीन का करियर फ्लॉप रहा। 

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47 साल के हुए Kailash Kher, डिप्रेशन में की थी सुसाइड की कोशिश

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By E24 July 7, 2020, midnight 1k

आज कैलाश खेर (Kailash Kher) अपना 47 वां जन्मदिन मना रहे हैं। कैलाश खेर का जन्म कश्मीरी पंडित परिवार में मेरठ (उत्तर-प्रदेश) में हुआ था। कैलाश खेर ने अपनी शुरुआती पढाई दिल्ली से पूरी की है। कैलाश को बचपन से ही गाने का शौक था, जब वह महज बारह वर्ष के थे, तभी से उन्होंने शास्त्रीय संगीत की शिक्षा लेनी आरम्भ कर दी थी, उन्होंने संगीत में अपना करियर बनाने के लिए पाकिस्तानी सूफी गायक नुसरत फतेह अली खान से प्रेरणा मिली। कैलाश खेर की शादी शीतल खेर से सम्पन्न हुई है। 

प्लेबैक सिंगिंग से लेकर अपने म्यूजिक कॉन्सर्ट में कैलाश खेर ने काफी शोहरत कमाई है। लेकिन उन्हें यहां तक पहुंचने के लिए काफी लंबा संघर्ष भी करना पड़ा है। ये सफलता उन्हें यूं ही नहीं मिली है। कैलाश खेर की जिंदगी में एक टाइम ऐसा भी था कि वो डिप्रेशन में आ गए थे और उन्होंने अपनी जान लेने की कोशिश कर ली थी। कैलाश सिंगर बनने से पहले दिल्ली में एक्सपोर्ट का काम किया करते थे। 14 साल की उम्र में घर छोड़ दिया था। इस दौरान वो ज्योतिष और कर्मकांड सीखने के लिए ऋषिकेश चले गए और फिर खुद का बिजनेस शुरू किया। 

इस सब कामों में जब कैलाश खेर को सफलता नहीं मिली तो वो डिप्रेशन में आ गए। और ये डिप्रेशन इतना बढ़ गया कि उन्होंने एक दिन नदी में छलांग तक लगा दी थी। लेकिन उनके दोस्तों ने उन्हें डूबने से बचा लिया। कैलाश खेर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि बिजनेस में भारी नुकसान और सपनों के शहर जाने के बाद संयोग से गायक बन गए। उन्होंने बताया कि आज उन्हें जो कुछ भी मिला है उसमें मुंबई में रह रहे उनके एक दोस्त और भगवान ने मदद की है। मेरा गाना 'अल्लाह के बंदे... ' हिट होने के बाद मेरी लाइफ में बहुत कुछ बदल गया। कैलाश खेर ने 4 साल की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था। 

घर छोड़कर आ जाने के बाद आर्थिक तंगी से गुजर रहे कैलाश खेर ने बच्चों को संगीत का ट्यूशन देना शुरू कर दिया। हर बच्चे से वो 150 रुपये फीस लेते थे और इसी से अपना खर्चा चलाते थे। साल 2001 में कैलाश मुंबई आ गए और वहां गुजारा करने लगे। लेकिन हालात ऐसे खराब थे कि स्टूडियो जाने तक के लिए उनके पास पैसे नहीं होते थे। 

लेकिन उनके अंधेरे जीवन में उजाला म्यूजिक डायरेक्टर राम सम्पत से मिलने के बाद आया। उन्होंने कैलाश को एड जिंगल्स गाने का मौका दिया। कैलाश ने पेप्सी से लेकर कोका कोला जैसे बड़े ब्रान्ड्स के लिए जिंगल्स गाए। 

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35 साल के हुए Ranveer Singh,जब डायरेक्टर्स के नंबर चुराकर ये काम करते थे एक्टर

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By E24 July 5, 2020, 11:50 p.m. 1k

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह (Ranveer Singh) आज अपना 35वां जन्मदिन मना रहे हैं। रणवीर सिंह का जन्‍म 6 जुलाई 1985 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता का नाम जगजीत सिंह भवनानी और मां का नाम अंजू भवनानी है। उनकी एक बड़ी बहन भी हैं जिनका नाम रीतिका भवनानी है। 

रणवीर सिंह की पढ़ाई एच आर. कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्‍स, मुंबई से हुई है इसके अलावा उन्‍होंने अमेरिका की इंडियाना विश्‍वविद्यालय, से कला में स्‍नातक की डिग्री भी प्राप्‍त की है। बहुत लंबी चली प्रेम कहानी के बाद साल 2018 में रणवीर सिंह ने अपनी प्रेमिका और बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण से इटली के लेक कोम्‍बो में शादी की है। 

रणवीर साल 2012 में आई अपनी फिल्‍म गोलियों की रासलीला रामलीला की शूटिंग के दौरान दीपिका को अपना दिल दे बैठे थे। 6 साल की लंबी प्रेम कहानी के दौरान दोनों ने कई बार एक दूसरे से खुल कर प्‍यार का इजहार किया था।

रणवीर आज बॉलीवुड के टॉप एक्टर्स में से एक हैं। लेकिन इतना आसान नहीं था रणवीर के लिए ये सब। इसके लिए उन्होंने बहुत स्ट्रगल किया है। रणवीर ने अपना बॉलीवुड करियर फिल्म 'बैंड बाजा बारात' से शुरू किया था। बता दें कि रणवीर सिंह का पूरा नाम रणवीर सिंह भवनानी है। 

बॉलीवुड में आने के बाद उन्होंने अपना सरनेम भवनानी हटा दिया था। इतना ही नहीं रणवीर अपना नाम भी बदलना चाहते थे क्योंकि उनका नाम रणबीर कपूर की तरह साउंड करता है लेकिन बाद में उन्होंने अपना ये फैसला बदल लिया था। रणवीर ने जब थिएटर ज्वाइन किया था तब उनको अपने क्राफ्ट के लिए सेट में चाय समोसा तक लाना पड़ता था। लेकिन रणवीर को कभी कुर्सी ठीक करने से ज्यादा मौका नहीं मिल पाया फिर भी रणवीर ने हार नहीं मानी।

रणवीर ने एक बार बताया था कि कितनी बार मेहनत से बनाए गए उनके पोर्टफोलियो को डायरेक्टर-प्रोड्यूसर उसे कचरे के डिब्बे में डाल देते थे। काम पाने के लिए रणवीर ने कई बार रेस्टोरेंट और नाइट क्लब्स में फिल्ममेकर्स का पीछा करते थे। उन्होंने बताया कि कई बार तो काम पाने के लिए दूसरों के फोन से डायरेक्टर्स के नंबर चुराया करता था। नंबर पर रोजाना मैसेज डालते थे कि वो काम पाना चाहते हैं। 

अपने पहले ब्रेक के बारे में बात करते हुए रणवीर ने बताया था कि तकरीबन 8-10 महीने के बाद उन्हें शानू की कॉल आई और उन्होंने कहा कि यशराज फिल्म्स एक नए लड़के की तलाश में हैं। वो फिर ऑडिशन के लिए गए और उन्होंने अपना 100 फीसदी दिया, जिसके बाद उन्हें फिल्म 'बैंड बाजा बारात' में काम करने का मौका मिला। लेकिन इस पर भी उन्हें यकीन नहीं हो रहा था क्योंकि उस फिल्म में अनुष्का शर्मा थीं जो पहले से स्टार बन चुकीं थी।

रणवीर ने एक बार कहा था, 'जब आदित्य ने कहा कि हम तुम्हें बैंड बाजा बारात में कास्ट कर रहे हैं। सच कहूं तो उस टाइम मैं जमीन पर बैठकर रो पड़ा। यशराज बैनर ने मुझे मौका दिया। वो फिल्म सफल साबित हुई।'

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Flashback - बॉलीवुड की इस एक्ट्रेस ने बहुत दुख देखें, निधन के बाद ठेले पर ले जाया गया था श्मशान

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By E24 July 5, 2020, 11:14 a.m. 1k

सुनील दत्त (Sunil Dutt ) की फिल्म हमराज (Humraaz ) से बॉलीवुड ( Bollywood )में एक बेहद खूबसूरत एक्ट्रेस लॉन्च हुई थी। नाम था विमी। विमी ( Vimi ) उन हीरोइनों में से एक थीं जो अपनी  खूबसूरती और अदाओं के लिए मशहूर हुईं। विमी एक आजाद ख्याल महिला थी जो एक पंजाबी परिवार से थी। अपने परिवार के मर्जी के खिलाफ़ इन्होने कलकत्ता के एक मारवाड़ी व्यवसायी शिव अग्रवाल से शादी की थी। विमी का एक बेटा और बेटी भी थी लेकिन इससे उनके फिल्मी करियर पर कोई फर्क नहीं पड़ा। संगीतकार रवि ने विमी को मुंबई लाकर बी आर चोपड़ा से मिलाया और यही से शुरू हुआ उनका फ़िल्मी सफ़र । पहली ही फिल्म 'हमराज' से वो रातोंरात स्टार बन गईं। देखते ही देखते उनके पास फिल्मों की लाइन लग गई और सभी हिट रहीं। अब तो निर्माता-निर्देशक विमी को अपनी फिल्मों में लेने के लिए उनके घर के चक्कर तक काटने लगे

उन्होंने हमराज के बाद वचन, पतंगा और आबरू जैसी बेहतरीन फ़िल्मों में काम किया । बावजूद इसके उनका करियर परवान नहीं चढ़ा। अपने करियर आगे बढ़ाने के लिए वो एक्सपोज करने तक को तैयार हो गईं थीं। इससे उनके पति नाराज होकर उनसे अलग हो गए। 

इसके बाद  विमी जॉली नाम के प्रोड्युसर के साथ रहने लगी। विमी का ये रिश्ता भी नाकाम रहा।  तनाव और तंगहाली ने विमी को शराब का लती बना दिया और जॉली ने भी उनका साथ छोड़ दिया। काम ना मिलने की वजह से विम्मी की आर्थिक हालत बद से बदतर होने लगी।

 

कभी महंगी गाड़ियों में घूमने वाली और फिल्मों के जरिए मोटी कमाई करनेवाली विमी की आर्थिक हालत इतनी बिगड़ गई थी कि उन्हें अपना बंगला तक छोड़ना पड़ा। कहा तो ये भी जाता है कि विम्मी ने खुद को वेश्यावृति के हवाले कर दिया था और इससे उनका बचा करियर भी बर्बाद हो गया। 

गुमनामी और बदहाली के दौर से गुजर रही विमी  की जिंदगी के आखिरी दिन नानावटी अस्पताल में गुजरे और आर्थिक तंगी के आगे बेबस होकर विम्मी की सांसों ने भी उनका साथ छोड़ दिया। विमी इस कदर गुमनामी में चली गईं थीं कि कोई उनकी खोज खबर लेने वाला नहीं था।

22 अगस्त 1977 को विमी का निधन हो गया था। 40 साल पहले आज ही के दिन विमी ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था।  आखिरी दिनों में उनके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि उनकी शव यात्रा निकाली जाए और उनकी लाश को एक ठेले पर डालकर ले जाना पड़ा था। उनकी अंतिम यात्रा में बस चार-पांच लोग ही थे।

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टीवी की वो 7 एक्ट्रेसेस जो अब गुमनाम हैं, कहीं नजर नहीं आती !

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By E24 July 5, 2020, 11:08 a.m. 1k

पूजा राजपूत –छोटे पर्दे पर हमेशा टीवी एक्ट्रेसेस का दबदबा रहा है। नयारा, प्रज्ञा, प्रीतो, इशिता, महर, गुड्डन ये वो बहुएं ऑडिएंस के दिलों पर कई साल से राज कर रही हैं। लेकिन कुछ चेहरें ऐसे भी हैं, जो अपनी खास पहचान बनाने के बाद भी आज सीरियल्स की दुनिया से गायब हैं। जिनके बारे में आज हम बात करेंगे-

राजश्री ठाकुर (Rajshree Thakur)-

सांवली रंगत वाली राजश्री ठाकुर को उनके रंग-रूप की वजह से ही टीवी पर खास पहचान मिली थी। 2005 में आए ज़ीटीवी के सीरियल ‘सात फेरे’ में राजश्री ने सलोनी का किरदार निभाया था, जिसे हमेशा अपनी रंगत की वजह से समाज की उपेक्षा का सामना करना पड़ता था। सलोनी के रोल में राजश्री ने जान डाल दी थी। उनकी एक्टिंग का हर कोई फैन था। 

लेकिन सात फेरे के बाद राजश्री ठाकुर भी पर्दे से लम्बे वक्त तक गायब रहीं। आखिरी बार राजश्री को 2013 में आए सीरियल धरती का वीर योद्धा- महाराणा प्रताप में देखा गया था। शो के खत्म होने के बाद से ही राजश्री एक बार फिर सीरियल्स की दुनिया से दूर हैं।

नौशीन अली सरदार (Nausheen Ali Sardar)-

सोनी टीवी का बेहद पॉपुलर सीरियल था ‘कुसुम’ । जिसमें लीड किरदार एक्ट्रेस नौशीन अली सरदार ने निभाया था। एकता कपूर का ये सीरियल सुपरहिट रहा था। ‘कुसुम’ के किरदार में नौशीन को काफी पसंद किया गया। नौशीन को कुसुम के नाम से ही पहचाना जाने लगा। हांलाकि इसके बाद नौशीन पर्दे से गायब हो गई। 

कुछ सीरियल्स में नौशीन गेस्ट अपीरिएंस में भी नज़र आईं, लेकिन उन्हें कुसुम वाली सक्सेस दोबारा नहीं मिल पाई। पिछले साल नौशीन ऑल्ट बालाजी की वेब सीरिज़ क्लास ऑफ 2020 में दिखी थीं। लेकिन कोई भी अपनी फेवरेट ‘कुसुम’ को पहचान नहीं पाया था।

श्वेता क्वात्रा (Shweta Kawatra) – 

सीरियल ‘कहानी घर-घर की’ की पल्लवी अग्रवाल तो आपको याद होगी ही।, पार्वती अग्रवाल की देवरानी पल्लवी अग्रवाल के किरदार में नज़र आईं थीं एक्ट्रेस श्वेता क्वात्रा। ‘कहानी घर-घर की’ के बाद श्वेता ने कुसुम, कृष्णा अर्जुन, C.I.D. , जस्सी जैसी कोई नहीं सीरियल्स में काम किया। 

श्वेता लम्बे वक्त से सीरियल्स की दुनिया से गायब हैं। आपको बता दें कि श्वेता ने टीवी एक्टर मानव गोहिल से शादी की है। दोनों की एक बेटी भी है।

पूनम नरुला (Poonam Narula) –

90 के दशक में सोनी टीवी पर बेहद पॉपुलर शो आया था जिसका नाम था ‘कन्यादान’। शो में किरण खेर, जयती भाटिया के अलावा मुख्य भूमिका में नज़र आई थी एक्ट्रेस पूनम नरूला। एकता कपूर के सीरियल कसौटी जिंदगी की की में भी पूनम ने निवेदिता बासू का रोल प्ले किया था। पूनम इंडस्ट्री के पॉपुलर चेहरों में से एक थीं। लेकिन 2010 के बाद से पूनम को किसी भी सीरियल में देखा नहीं गया।

शिखा स्वरूप (Shikha Swaroop) –

90 के दशक के शुरुआती दौर में शिखा स्वरूप ने फिल्मों की दुनिया से सीरियल्स की दुनिया का रुख किया था। आज भी हर कोई उन्हें चन्द्रकांता के तौर पर जानता है। शिखा को आखिरी बार 2012 में ज़ीटीवी पर प्रसारित हुए सीरियल रामायण-सबके जीवन का आधार में कैकेयी के रोल में देखा गया था।

भैरवी रायचूरा (Bhairavi Raichura) –

बालिका वधू में भैरवी रायचूरा ने आनंदी की मां का रोल निभाया था। भैरवी ने अपने करियर की शुरुआत कॉमेडी शो हम पांच से की थी। हम पांच में भैरवी काजल भाई के रोल में दिखी थीं। इसके बाद बाद भैरवी ने कई सीरियल्स में काम किया, लेकिन भैरवी को आंनदी की मां के रोल भागवती सिंह के रोल में दर्शकों का खूब प्यार मिला। लम्बे वक्त से भैरवी भी गुमनामी की जिंदगी जी रही हैं।

शेफाली शर्मा(Shefali Sharma) –

कलर्स के हिट सीरियल बानी-इश्क दा कलमा में बानी का रोल निभाकर शेफाली शर्मा टीवी का पॉपुलर चेहरा बन गई थीं। सीरियल ‘दिया और बाती हम’ में भी शेफाली ने काम किया। 2016 में शेफाली सीरियल तेरे बिन में दिखी थीँ। इसके बाद से ही शेफाली किसी सीरियल में नहीं दिखी हैं।

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