Chandigarh Kare Aashiqui Review: अगर बदलते वक्त के साथ बदला चाहते हैं आप, तो एक बार जरुर देखिए चंडीगढ़ करे आशिकी

E24

फिल्म -  चंडीगढ़ करे आशिकी

कलाकार - आयुष्मान खुराना, वाणी कपूर 

डायरेक्टर - अभिषेक कपूर

स्टार -  4

अश्विनी कुमार- सबसे पहली बात, ट्रेलर में जो देखा पिक्चर वो नहीं है। ये फिल्म पूरी तरह से नई कहानी कहती है। आज़ाद कहानी कहती है और सिखाती है कि मां-बाप को अपने बच्चों को समझना चाहिए, उनके नज़रिए से। फिल्म का रिव्यू शुरू करने के पहले एक बात बता देनी बेहद ज़रूरी है कि चंडीगढ़ करे आशिकी एक ऐसा टैबू लिए फिल्म है, जिसे हम यार-दोस्तों से भी झिझक कर, छिपाकर रखते हैं। लेकिन ये फिल्म उस बारे में बिल्डिंग के उपर चढ़कर, तेज़ आवाज़ में बात करती है। वो भी बिना क्लास जैसी बोझिल हुए।

टीवी सीरियल शक्ति में एक किन्नर किरदार शक्ति की कहानी ने सालों में जो नहीं समझाया, दो घंटे 5 मिनट की चंडीगढ़ करे आशिकी ने वो काम कर दिया। फिल्म का सस्पेंस खोलना यूं तो किसी रिव्यूवर का काम नहीं, लेकिन अगर आपको पहले से पता होगा कि इस फिल्म में वाणी कपूर का किरदार मानवी उर्फ़ मनू का किरदार ट्रांस जेंडर गर्ल का है, तो आपको अहसास होगा कि ये कहानी बिल्कुल खुली आंख़ों से देखनी है और इसके एक्टर्स के तालियां बजानी हैं।

मनु चंडीगढ़ का गबरू मुंडा है, जो अपना जिम चलाता है और गबरू ऑफ़ द ईयर हर क़ीमत पर बनना चाहता है। मगर पिछले दो साल से उसका सपना अधूरा है, जिम की हालत भी अच्छी नहीं है। ज़ाहिर है गबरू ऑफ़ द ईयर का टाइटल मिलेगा, तो जिम भी चमकेगा। ऐसे में जिम में थोड़ा ग्लैमर बढ़ाने के लिए मनु के पार्टनर्स मानवी को लेकर आते हैं, जो मनु के जिम में ज़ुम्बा सिखाना शुरु करती है। जुम्बा से शुरु हुई कहानी आगे सारे बंधन तोड़-ताड़ कर मनू और मानवी के बीच ताबड़तोड़ कुछ और ही सेशन्स तक पहुंच जाती है।

और पढ़िए -  केआके ने आयुष्मान और वाणी की फिल्म 'चंडीगढ़ करे आशिकी' को बताया 'सॉफ्ट पोर्न', सोशल मीडिया पर हुआ बवाल

मनू, मानवी से शादी करने के उतावला होता है... मगर फिर उनके रिश्ते पर पहाड़ टूटता है। मानवी बताती है कि वो ट्रांसजेंडर है। अब रिश्ता टूटेगा, या और मज़बूत होगा ? यही कहानी है चंडीगढ़ करे आशिकी की। लेकिन इसके साथ ही ये कहानी बहुत कुछ और साथ लेकर चलती है एक लड़के के लड़की में बदलने को परिवार कैसे देखता है, समाज कैसे जज करता है, दोस्त और रिश्ते कैसे बदल जाते हैं... ये सब कुछ इस फिल्म का हिस्सा है। मां-बाप के उलाहने, बहनों की नाक घुसाने की आदत और छक्का जैसे शब्द, जो टीवी या अख़बार में भले सेंसर हो जाएं.... लेकिन आम ज़िंदगी में धड़ल्ले से किसी के अस्सित्व का मज़ाक उड़ाने में इस्तेमाल होते हैं।

कमाल है अभिषेक कपूर के डायरेक्शन में कि इतने संजीदा सब्जेक्ट को उन्होने एक लम्हे के लिए भी बोझिल नहीं होने दिया है। तुषार परांजपे और सुप्रतिक की कलम ने ट्रांसजेंडर और कॉमेडी को इतने करीने से बुना है कि ना वो अपना असर खोते हैं, ना वो हैवी होते हैं। परफॉरमेंस पर आइए, तो आप भले ही थियेटर आयुष्मान खुराना पर भरोसा करके जाएं, लेकिन वाणी कपूर ने इस बार बाज़ी मार ली है। एक भी सीन में वो कम नहीं पड़ी हैं, मनु और मानवी के बीच का अंर्तद्वंद वाणी के चेहरे पर दिखता है। और खूबसूरत तो वो हैं हीं। आयुष्मान खुराना, ये कलाकार नहीं, कमाल है... भरोसे का दूसरा नाम है। चंडीगढ़ करे आशिकी से आयुष्मान ने साबित किया है कि आप उन पर आंख़ें मूंद कर भरोसा कर सकते हैं। मनू के किरदार के लिए आयुष्मान ने अपने शरीर को ऐसा ढाला है कि आप वाह कह उठेंगे। मानवी के साथ उनके रोमांस को देखकर आप आह कहेंगे.... और मानवी का सच जानने के बाद कन्फ्यूज़ हुए मनु को देखकर आप तालियां बजाते फिरेंगे। 

मनु के जुड़वा दोस्त गौतम शर्मा और गौरव शर्मा को देखकर आप हंसते रहेंगे, मनु के दादा जी बने अंजान श्रीवास्तव कमाल के हैं। तान्या अबरोल और गिरीश धमीजा भी अपने रोल मे असर छोड़ते हैं। मानवी के पापा बने कंवलजीत सिंह के लिए तालियां बजनी चाहिएं। चंडीगढ़ करे आशिकी के रिव्यू का क्लाइमेक्स भी इसके एक डायलॉग से होना चाहिए कि छोटे स्कूलों में पढ़े हैं, छोटी सोच और छोटे दिमाग़ वाले हैं... ये बहुत बड़ी बात है, इसे समझते-समझते वक्त लगेगा। फिल्म को चार स्टार।

यहाँ पढिए - बॉलीवुड से जुडी ख़बरें

first published:Dec. 10, 2021, 2:50 p.m.

विज्ञापन

टीवी से लेकर हिंदी और क्षेत्रीय सिनेमा से जुड़ी मनोरंजन की सभी ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें E24 से - फॉलो करें E24 को फेसबुक , इंस्टाग्राम , गूगल न्यूज़ .