क्रिकेट, लक और इश्क की कहानी है 'द जोया फैक्टर' , जानिए फिल्म को मिले कितने स्टार ?

By Sept. 20, 2019, 5:13 p.m. 1k

फिल्म - द जोया फैक्टर 

निर्देशन - अभिषेक शर्मा 

कलाकार - सोनम कपूर, दुलकर सलमान, संजय कपूर, सिकंदर खेर, अंगद बेदी 

समीक्षा - नीतू कुमार 

रेटिंग्स - 3 स्टार 

क्रिकेट पर बॉलीवुड में कई फिल्में बन चुकी हैं। एक और फिल्म क्रिकेट की कहानी कह रही है लेकिन इस बार क्रिकेट के साथ लक को जोड़ा गया है। सोनम कपूर और दुलकर सलमान की फिल्म द जोया फैक्टर अनुजा चौहान की किताब द जोया फैक्टर का फिल्मी रूपांतर है। फिल्म के डायरेक्टर अभिषेक शर्मा हैं। उनके खाते में तेरे बिन लादेन, शौकीन और पोखरण जैसी फिल्में हैं। जोया फैक्टर रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है। 

कहानी - जोया सोलंकी का जन्म 25 जून 1983 को होता है। जोया के जन्म लेते ही टीम इंडिया वर्ल्ड कप का मैच जीत जाती है। उसके क्रिकेटप्रेमी पापा ( संजय कपूर ) उसे लकी चार्म का खिताब दे देते हैं। पिता को ऐसा लगता है कि इंडिया के वर्ल्ड कप जीतने में जोया की पैदाइश का हाथ है। उसके बाद से गली का क्रिकेट में भी जोया के लक का फैक्टर माना जाने लगता। जोया  ( सोनम कपूर ) एक एड एजेंसी के काम करती है और उसकी कंपनी उसे   इंडियन क्रिकेट टीम का फोटोशूट करने भेजती है। जोया की मुलाकात टीम इंडिया के कैप्टन निखिल खोड़ा ( दुलकर सलमान) से होती है। विज्ञापन शूट के दौरान टीम इंडिया का कैप्टन जोया की मासूमियत से प्रभावित हो जाता है। 

एक दिन वो जोया को टीम इंडिया  के साथ नाश्ता के लिए बुलाता और यही वो भारतीय टीम की लकी चार्म बन जाती है। जोया उन्हें बताती है कि वो जिस क्रिकेट टीम के साथ नाश्ता करती है वो टीम जीत जाती है। जोया टीम इंडिया के साथ नाश्ता करती है और उसी दिन टीम मैच जीत जाती है। टीम की जीत के साथ ही टीम के कई खिलाड़ी ये मान लेते हैं कि जोया उनकी लकी चार्म है। खिलाड़ी रॉबिन ( अंगद बेदी ) भी जोया के बहाने कैप्टन निखिल का प्रभाव कम करना चाहता है। दूसरे मैंच में भी ऐसा ही होता है। खराब फॉर्म में चल रही टीम इंडिया दूसरा मैच भी जीत जाती है। इंडियन टीम ही नहीं प्रबंधन भी ये मामने लगता है कि जोया टीम के लिए लकी हैं लेकिन कैप्टन निखिल खोड़ा इस बात को नहीं मानता। इसी दौरान जोया और निखिल में प्यार भी शुरू हो जाता है। जोया और निखिल के प्यार में जोया का लक फैक्टर विलेन बनने लगता है। वर्ल्ड कप जीतने के लिए इंडियन क्रिकेट प्रबंधन जोया से एक कॉन्ट्रैक्ट भी साइन करवा लेती है। क्या वाकई जोया के लक से टीम इंडिया मैच जीत लेती है ? ये जानने के लिए आप फिल्म देखिए। 

हमारी राय - जोया फैक्टर एक वन टाइम वाच फिल्म है। सोनम कपूर का चुलबुलापन और मासूमियत अच्छा लगता है। उनपर कॉमेडी भी जंचती है। वहीं दुलकर सलमान भी प्रभावित करते हैं। उनकी एक्टिंग भी सराहनीय है। सोनम और दुलकर सलमान के बीच फिल्मी पर्दे पर तालमेल बेहतरीन है। फिल्म में अंगद बेदी का किरदार दिलचस्प है। वो टीम इंडिया के खिलाड़ी है और कैप्टन निखिल कोड़ा के विरोधी भी। फिल्म में दो गाने काश और मेहरू बहुत अच्छे लगते हैं। हमारी तरफ से इस फिल्म को 3 स्टार  

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