बॉलीवुुड में फ्लॉप होने के बाद मुंबई छोड़कर जा रहे थे अमिताभ, तब मनोज कुमार ने ऐसे की थी मदद

By Neetu July 24, 2020, 12:31 p.m. 1k

स्वीटी गौर - बॉलीवुड इंडस्ट्री के दिग्गज कलाकार मनोज कुमार आज अपना 83 वां जन्मदिन मना रहे है। मनोज कुमार का जन्म 24 जुलाई 1937 को ऐबटाबाद (पाकिस्तान) में हुआ था। मनोज कुमार ने ज्यादातर देशभक्ति फिल्में की हैं इस वजह से लोग उन्हें भारत कुमार कहकर पुकारने लगे। मनोज कुमार ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत डायरेक्टर लेखराज भाकरी की 1957 में आई फिल्म ‘फैशन’ से की थी। लेकिन ये बात कम ही लोग जानते हैं कि लेखराज भाकरी असल जिंदगी में मनोज के कजिन थे।

मनोज कुमार ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब लगातार विफलताओं से हताश होकर अमिताभ बच्चन मुंबई छोड़कर अपने मां-बाप के पास दिल्ली वापस जा रहे थे तब उन्होंने अमिताभ को रोका और अपनी फिल्म 'रोटी, कपड़ा और मकान' में मौका दिया।

मनोज कुमार ने बताया कि, "जब लोग अमिताभ को नाकामयाबी की वजह से ताने दे रहे थे, तब भी मुझे उन पर पूरा भरोसा था कि वो एक दिन बहुत बड़े स्टार बनेंगे।" मनोज कुमार ने इस फिल्म का निर्देशन भी किया था। मनोज कुमार ने बताया कि उनकी फिल्म 'पूरब और पश्चिम' में काम करने के लिए दिलीप कुमार ने अपनी पत्नी सायरा बानो को मनाया। 

इसके बाद उन्होंने दिलीप कुमार को अपनी फिल्म 'क्रांति' में कास्ट किया। मनोज कुमार ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि, "जब मेरे करीबी दोस्तों जैसे राज कपूर, देव आनंद और प्राण की फिल्में टीवी पर आती हैं तो मैं चैनल बदल देता हूं क्योंकि उन कलाकारों की यादें मुझे रूला देती हैं।"

साथ ही आपको बता दें - एक वक्त ऐसा भी आया था जब मनोज कुमार बॉलीवुड के किंग खान से नाराज़ हो गए थे। दरअसल शाहरुख खान से मनोज कुमार उस वक्त नाराज हो गए थे जब शाहरुख ने अपनी फिल्म 'ओम शांति ओम' के एक सीन में मनोज कुमार की नकल वाला एक सीन रखा था। 

कई दफा ये किस्सा सुनने में आया है कि 1962 में फिल्म हरियाली और रास्ता की शूटिंग के दौरन जिसमें मनोज कुमार के अपॉज़िट माला सिन्हा काम कर रही थी, औऱ फिल्म की शूटिंग दार्जिलिंग में चल रही थी। लेकिन ना जाने इस दौरान क्या हुआ माला सिन्हा मनोज कुमार से काफी नाराज़ हो गई थीं औऱ उन्होंने उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई थी। 

दरअसल, शूटिंग शुरू होने से पहले क्रू मेंबर्स को ब्रेकफास्ट मिलता था। इन दोनों स्टार्स के लिए भी नाश्ता आया था जिसमें अंडे भी थे। एक दिन जब मनोज खाना खा रहे थे तो किसी ने उनसे अंडों के बारे में पूछा तो मनोज कुमार ने कहा ये अंडे माला सिन्हा के हैं। बस जब मनोज कुमार के मुंह से माला सिन्हा ने सुना कि ये अंडे माला सिन्हा के हैं तो उन्होंने चिल्लाना शुरू कर दिया। ‘ये अंडे मेरे हैं क्या…..मैं अंडे देती हूं।’ माला की डांट सुनकर मनोज कुमार नर्वस हो गए। उन्हें समझ नहीं आया कि माला को कैसे समझाए कि उनका ये मतलब नहीं था। लेकिन जब माला ने उन्हें शूटिंग के वक्त उदास देखा तो कहा- ‘मैं तो मजाक कर रही थी। मैं जानती हूं आपका ये कहने का मतलब नहीं था।’ तब जाकर मनोज कुमार कहीं शांत हुए।

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