Sushant Singh Rajput जिसने ‘7 साल’के फिल्मी सफर में दी थी हार ना मानकर सिर्फ जिंदगी से लड़ने की प्रेरणा, खुद कैसे मान गया हार ?

By Arunima June 14, 2020, 8:29 p.m. 1k

पूजा राजपूत

सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) का यूं चले जाना सभी को स्तब्ध कर गया है। बेहद खामोशी के साथ सुशांत ने जिंदगी से नाता तोड़ लिया और मौत को गले लगा लिया। किसी को अंदाज़ा नहीं था कि सुशांत इतना बड़ा कदम उठा सकते हैं। उनके आसपास सिमटी खामोशी को वक्त रहते कोई नहीं समझ पाया। सुशांत अपने डिप्रेशन से अकेले लड़ते रहे और फिर काल के गाल में समा गए।

पुलिस को मौका-ए-वारदात से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। हां, दस दिन पहले सुशांत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर मां के नाम एक बेहद इमोशनल पोस्ट जरूर लिखा था। जिसे पढ़कर यह अंदाज़ा लगा पाना बिल्कुल नहीं कि सुशांत इनदिनों कितना अकेला महसूस कर रहे थे, और वह अपनी मां को कितना याद कर रहे थे। कहते हैं ना, कि औलाद चाहे कितनी भी बढ़ी हो जाए, माता-पिता का साथ उन्हें जिंदगी के हर पढ़ाव पर चाहिए होता है। साल 2002 में सुशांत ने अपनी मां को खो दिया था। उनके पिता पटना में अकेले रहते हैं।

सुशांत के फिल्मी करियर पर नज़र डाले तो अपने सात करियर के करियर में उन्होने कई ऐसी फिल्में की जो युवाओं में मुश्किलों से हार ना मारकर मुश्किलों से लड़ने का जोश और जज़्बा भरती हैं।

2019 में सुशांत सिंह राजपूत की एक फिल्म आई थी ‘छिछोरे’। जिसमें सुशांत ने ऐसे पिता का किरदार निभाया था, जो अपने बेटे को सुसाइड ना करने की सीख देता है। लुज़र से विनर बनने की प्रेरणा देता है, और बेटे को मौत के मुंह से वापिस ले आता है। लेकिन अब कहा जा रहा है, कि ‘छिछोरे’ का अन्नी (अनिरूद्ध) असल जिंदगी में अपने ही बोले हुए डायलॉग भूल गया।

असल जिंदगी में जब कठिनाईयां आईं, तक अन्नी ने वह कदम उठा लिया, जिसे ना उठाने का उसने अपनी फिल्म में मैसेज दिया था। युवाओं के आत्महत्या ना करने के मैसेज पर आधारित थी फिल्म ‘छिछोरे’।

सिर्फ ‘छिछोरे’ ही नहीं सुशांत ने कई और ऐसी फिल्मों में काम किया था, जिसमें उनके निभाए किरदार को हर हालात से लड़कर, संभलकर ऊपर उठते दिखाया गया था। फिर चाहे वह उनके डेब्यू फिल्म ‘काई पोचे’ हो, ‘एम.एस.धोनी’ हो, या फिर ‘केदरनाथ’ हो। 

जिंदगी से भरपूर सुशांत ने जिंदगी के साथ ही बेहद बेरहमी से अपना रिश्ता तोड़ लिया। सुशांत अक्सर कहते थे कि वह स्टारडम के आदी नहीं हैं। वह कहते थे कि “मैं बस अपनी खुशी से काम करना चाहता हूं। वो फिल्में हो या मेरी जिंदगी। जिस बात से मुझे खुशी और संतुष्टि मिलती है मैं बस वही करना चाहूंगा”। 

सुशांत ने लंबे स्ट्रगल और जी-तोड़ मेहनत के बाद इंडस्ट्री में अपना अलग मुकाम बनाया था। वह हमेशा प्रेरणादायक पोस्ट से सभी को इंस्पायर करते रहते थे।

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