फैन ने बनाकर दिया Sonu Sood की मां का स्केच, एक्टर बना ली प्रोफाइल पिक्चर

By Arunima June 6, 2020, 8:32 p.m. 1k

उमेश शुक्ला - बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद (Sonu Sood) इन दिनों काफी सुर्खियों में हैं। एक्टर लगातार लॉकडाउन (Lockdown) में प्रवासी मजदूरों और छात्रों की मदद कर रहे हैं। कोरोना वायरस और लॉकडाउन के बीच एक्टर सोनू सूद लोगों के मसीहा बनकर सामने आए हैं। एक्टर ने अब तक हजारों मजदूरों और छात्रों को उनके घर पहुंचाने में काफी मदद की है। वहीं, कुछ लोग अपने घर पहुंचने पर एक्टर का शुक्रिया अदा करते नहीं थक रहे। 

हाल ही में एक महिला (चेतना) ने सोनू सूद को काफी कीमती गिफ्ट दिया है। उसने सोनू सूद के लिए उनकी मां सरोज सूद का स्केच बनाया। जो काफी खूबसूरत है। सोनू सूद इस गिफ्त को पाकर काफी भावुक हो गए और उस शख्स का तहे दिल से धन्यवाद किया है। सोनू सूद को ये गिफ्त इतना पसंद आया कि उन्होंने अपने सोशल मीडिया की प्रोफाइल पिक्चर बनी ली। ट्विटर पर उनकी मां का ये स्केच प्रोफाइल पिक्चर में नजर आ रहा है। 

 

Sonu Sood

बता दें कि इस बीच उन्हें एक और नाम दे दिया गया, जो है 'मजदूरों के मसीहा'। सोनू का मानना है कि वह एक्टर बनने के लिए मुंबई में एक प्रवासी की तरह ही पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने खूब संघर्ष किया और जो सपना अपनी आंखों में लेकर आए थे उसे आखिरकार पूरा कर लिया।

 

Sonu Sood

 बता दें कि सोनू सूद अपनी मां के काफी करीबी थे। उन्होंने बताया कि संघर्ष के दौरान उनकी मां ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया। वह सोनू को चिट्ठियां लिखकर भेजा करती थीं। वह कहती थीं कि जो तुमने सपने देखे हैं, वो एक दिन जरूर पूरे होंगे।

 

Sonu Sood

 सोनू सूद ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा, मां चाहती थीं कि बेटे को पढ़ा लिखाकर कुछ बनाना है। मैंने इलेक्ट्ऱॉनिक्स से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। ''एक दिन मैंने मां से बोला कि मैं एक्टर बनना चाहता हूं। मुझे एक-डेढ़ साल दे दीजिए अगर कुछ बन गया तो ठीक है नहीं तो फैमिली बिजनेस है उसे संभालूंगा और बिजनेस को आगे बढ़ाएंगे।'' ''मैं मुंबई पहुंचा और मेरा स्ट्रगल शुरू हो गया। एक ऑफिस से दूसरे ऑफिस भटकने लगा। मैं अपनी तस्वीरें दिखाता था। रिजेक्ट किया गया। एक साल तो ऐसे ही बीत गए।'' ''इस बीच तमिल भाषा का एक कॉर्डिनेटर था जिसे मेरी तस्वीरें अच्छी लगी और उसने मुझे बुलाया। इसके बाद मैं ट्रेन पकड़कर चेन्नई पहुंचा। पहली फिल्म साइन की।'' ''वहां से मेरा करियर शुरू हुआ। 

 

Sonu Sood

इस दौरान मैंने तमिल तेलुगू और कन्नड़ की फिल्में की। वहां के लोगों ने मुझे बहुत प्यार दिया। इसके बाद मुझे पहली हिंदी फिल्म भगत सिंह में काम करने का मौका मिला।'' सोनू ने आगे कहा कि मेरी मदर इस दुनिया में नहीं हैं। वह प्रोफेसर थीं और उन्होंने मुझे बहुत प्रेरित किया। वह मुझसे कहती थी जो भी तुम्हारे सपने वह जरूर पूरे होंगे। मेहनत करना और टिके रहना। उनकी वह बात हमेशा मेरे जहन में रही। वह मुझे चिट्ठियां लिखा करती थीं जब मैं स्ट्रगल कर रहा था।

 

Sonu Sood

 ''मैं बोलता था कि फोन पर बात तो हो ही जाती है तो फिर चिट्ठियां क्यों लिखती हो। उन्होंने कहा कि जब कभी मैं नहीं रहूंगी तो इन लेटर्स का रिकॉर्ड रहेगा लेकिन हम जो फोन पर बात करते हैं वह नहीं रहेगा।'' एक्टर ने बताया कि मैंने 15 साल तक की मां की सारी चिट्ठियों को संभाल कर रखी हैं। मैं आज भी जब मां के उन लेटर्स को पढ़ता हूं तो ऐसा लगता है जैसे मैं उनसे बातें कर रहा हूं।

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