सरोज खान ने माधुरी को बनाया डासिंग स्टार, इस जोड़ी ने बरसों तक हिंदी सिनेमा पर किया राज !

By Aditi July 3, 2020, 10:18 a.m. 1k

बॉलीवुड की फेमस मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान का निधन हो गया है। शुक्रवार देर रात 1.52 बजे कार्डियक अरेस्ट की वजह से उनकी मौत हो गई । सरोज खान 72 साल की थीं । सरोज खान के निधन के बाद बॉलीनुड में शोक की लहर दौड़ रही हैं । सोशल मीडिया पर बॉलीवुड स्टार्स और उनके फैंस उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं । बॉलीवुड में सरोज खान ने कई फिल्मों में काम किया है । उन्होंने कई बॉलीवुड स्टार्स को डांस सिखाया, लेकिन इस लिस्ट में माधुरी दीक्षित का नाम सबसे ऊपर है । 

ये कहना गलत नहीं होगा की अगर माधुरी दीक्षित के करियर से अगर उनके हिट डांस नंबर्स निकाल दिए जाएं तो शायद माधुरी दीक्षित की कहानी अधूरी अधूरी सी लगे । माधुरी को डांसिंग स्टार बनाने में जिस एक शख्स का सबसे बड़ा हाथ रहा, वो थी सरोज खान। फिल्म तेजाब के गाने एक दो तीन से माधुरी पूरी दुनिया पर छा गईं।, जिसका कारण था कि उन्हें डांस सरोज खान ने सिखाया था। 

इसके अलावा फिल्म सैलाब में हमको आज कल है इंतजार, फिल्म थानेदार में तम्मा तम्मा लोगे, फिल्म बेटा में धक धक करने लगा और फिल्म देवदास में मार डाला और डोला डोला रे डोला। उनके माधुरी दीक्षित पर फिल्माए गए सुपर डुपर हिट गाने हैं।

 इतना ही नहीं फिल्म देवदास के गाने डोला डोला रे डोला के लिए सरोज खान हो नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला था। माधुरी दीक्षित और सरोज खान की जोड़ी ने बरसों तक हिंदी सिनेमा पर राज किया। माधुरी सरोज खान को अपनी डांस गुरु मानती हैं। माधुरी संग सरोज खान की केमिस्ट्री शानदार थी। सरोज खान ने माधुरी को आखिरी बार फिल्म कलंक में डांस सिखाया था। कलंक के गाने तबाह हो गए में माधुरी ने शानदार नृत्य किया था। 

सरोज खान को हाल ही में सिने डांसर्स एसोसिएशन का ब्रांड अंबेसडर भी घोषित किया गया था। आपको बता दें कि सरोज खान ने तीन साल की उम्र में एक बैकग्राउंड डांसर के रूप में काम करना शुरू किया था, को 1974 में 'गीता मेरा नाम' के साथ एक स्वतंत्र कोरियोग्राफर के रूप में पहला ब्रेक मिला।

 तीन बार के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता को 2000 गानों की कोरियोग्राफिंग का श्रेय दिया गया है, जिसमें कई प्रतिष्ठित डांस नंबर भी शामिल हैं। इनमें मिस्टर इंडिया का हवा हवाई (1987), तेजाब से एक दो तीन (1988), बेटा धक-धक करने लगा (1992) और देवदास (2002) से डोला रे डोला शामिल हैं। 

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