संजय मिश्रा ने ढाबे में बनाया ऑमलेट, सालों पहले ढाबे में करते थे काम !

By Neetu Feb. 29, 2020, 6:18 p.m. 1k

संजय मिश्रा ( Sanjay Mishra ) इन दिनों  अपनी फिल्म कामयाब ( Kamyab)  के प्रमोशन में जुटे हैं।  शाहरुख खान इस फिल्म के प्रोड्यूसर हैं। इस फिल्म में संजय का जो रोल है वो कहीं ना कहीं उनकी ही कहानी है। हाल ही में संजय मिश्रा ने हार्दिक मेहता के साथ वर्सोवा के अराम नगर का दौरा किया था जिसे अक्सर द मक्का ऑफ़ स्ट्रगलिंग एक्टर्स के रूप में जाना जाता है। संजय भी कभी इन्हीं ढाबों में खाया करते थे। उन्हें यहां आकर अपने पुराने दिनों की याद आ गई है। 

 एक वक्त था कि संजय ढाबे में काम करते थे और वहां आने वाले कस्टमर्स के लिए ऑमलेट बनाया करते थे।  करीब 140 फिल्मों में काम कर चुके हैं। किक, बागी, दिलवाले,  गोलमाल ( Golmaal ) सीरिज और ऑल द बेस्ट  समेत कई फिल्में हैं जिनमें उनके काम को पसंद किया गया। संजय मिश्रा हर साल करीब 6 से 7 फिल्मों में काम कर लेते है। लेकिन उनकी जिंदगी में एक फेस ऐसा भी आया था जब वो बीमार पड़ गए थे। उनके पिता ने इनकी खूब देखभाल की लेकिन संजय के ठीक होने के बाद 15 दिन बाद पिताजी नहीं रहे। उस दौरान संजय को जबरदस्त सदमा लगा था।  उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें।

पिता के निधन के बाद वो  मुंबई जाने के बदले वो ऋषिकेश निकल गए। वहां जाकर एक ढाबे में काम करने लगे।  मालिक हिंदी फिल्में देखता नहीं था इसलिए पहचान नहीं पाया। उनका काम भी चलता रहा लेकिन वहां खाना खाने आने वाले लोग उन्हें पहचान लेते। खाना खाते और फिर उनके साथ फोटो खिंचवाते। उसी दौरान रोहित शेट्टी ने फिल्म ऑल द बेस्ट के लिए उन्हें ढूंढा। अगर रोहित शेट्टी ‘ऑल द बेस्ट’ के लिए संजय को ढूंढते नहीं तो शायद संजय मिश्रा की कहानी कुछ और होती । 

संजय मिश्रा की फिल्म कामयाब 6 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। फ़िल्म "कामयाब" के ट्रेलर को काफी सराहा गया है। फिल्म की कहानी  बॉलीवुड की फिल्मों में काम करने वाले एक साइड एक्टर की है। फिल्मों में वो छोटे - छोटे रोल करता है। वो 499 फिल्मों में काम कर चुका है और 500वीं फिल्म में एक दमदार रोल की तलाश करता है। एक करैक्टर आर्टिस्ट के सफ़र को दिखा रही है फिल्म कामयाब हार्दिक मेहता के निर्देशन में ये फिल्म बनी है।  फिल्म में संजय मिश्रा  के साथ दीपक डोबरियाल भी नज़र आएंगे ।

Related Story