Saif Ali Khan का पटौदी पैलेस बहुत आलीशान है, इसकी कीमत जानकर चौंक जाएंगे !

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सैफ अली खान ( Saif Ali Khan) और करीना कपूर खान ( Kareena Kapoor Khan)  फिल्म इंडस्ट्री के पावर कपल कहलाते हैं। इस स्टार जोड़ी ने खूब नाम और दौलत कमाया है। सैफ को फिल्म इंडस्ट्री में नवाब कहा जाता है तो वाइफ करीना को उनकी बेगम साहिबा। दरअसल सैफ पटौदी रियासत के नवाब हैं। पिता मंसूर अली खान के निधन के बाद उन्हें पटौदी का नवाब घोषित किया जा चुका है। 

दिल्ली के नजदीक गुरूग्राम के पटौदी में उनका एक भव्य पैलेस है। अक्सर सैफ करीना बेटे तैमूर के साथ पटौदी पैलेस में रहने जाते हैं।

 सैफ अली खान के इस पैलेस को इब्राहिम कोठी के नाम से भी जाना जाता है। पटौदी हाउस हरियाणा के गुरुग्राम से 26 किलोमीटर दूर अरावली की पहाडिय़ों में है। पैलेस के चारो तरफ हरियाली है। 

अरावली पहाडिय़ों में बसा पटौदी हाउस 200 साल पुराना है। इसको रॉबर्ड टोर रसेल ने 1900 के आसपास डिजायन किया था. उनके काम में ऑस्ट्रिया के आर्किटेक्ट कार्ल मोल्ट्ज वोन हेंज ने सहायता की। 

कहा जाता है पटौदी पैलेस (Pataudi Palace)  की कीमत 800 करोड़ है। पटौदी के परिवार के पास 2700 करोड़ की सम्पति है। टाइगर पटौदी के निधन के पास सैफ की मां शर्मिला इसकी देख-रेख करती हैं। 

पटौदी पैलेस की डिजाइनिंग बहुत बेहतरीन है। पूरे पैलेस को सफेद रंग से रंगा गया है। इसकी वास्तुशैली कनॉट प्लेस की इमारतों से प्रभावित है।  पैलेस को बहुत ही खूबसूरती से सजाया गया है। 

सैफ अली खान (Saif Ali Khan) का यह पैलेस करीब 10 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें कुल 150 कमरे हैं।

 इसके साथ ही महल में 7 ड्रेसिंग रूम, 7 बिलियर्ड रूम और खूबसूरत ड्राइंग रूम और डाइनिंग रूम भी हैयहां 100 से ज्यादा नौकर चाकर है।

इस पैलेस में बहुत सुंदर गार्डन बना हुआ है। साथ ही कई सारे अस्तबल, गैराज और खेल के मैदान बने हुए हैं

 इंडियन क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और पटौदी रियासत के 9वें नवाब मंसूर अली (Mansoor Ali Khan Pataudi)  की 2011 में मौत के बाद सैफ अली खान (Saif Ali Khan) को पटौदी रियासत का 10वें नवाब बना दिया था। पटौदी पैलेस में फिल्म वीर जारा की शूटिंग हुई थी। 

फिल्म में इसे प्रीति जिंटा के घर के तौर पर दिखाया गया था।  इस पैलेस में कई और फिल्मों की शूटिंग भी की गई है, जिसमें मंगल पांडे, वीर-जारा, गांधी: माय फादर और मेरे ब्रदर की दुल्हन भी शामिल है

 

पटौदी पैलेस किसी आलिशान महल से कम नहीं। पैलेस का इंटीरियर बहुत ही खूबसूरत और एंटीक तरीके से किया गया है। 

पटौदी रियासत की स्थापना 1804 में हुई थी। यह रियासत कापटौदी हाउस के नाम से पूरी दुनिया में जाना जाता है। आपको बता दें कि मंसूर अली खान को मृत्यु के बाद पटौदी पैलेस में ही दफना दिया था।

 यह भी कहा जाता है कि पटौदी रियासत के पूर्वजों को भी पैलेस के आस-पास ही दफनाया गया था।

कहा जाता है कि सैफ के पिता मंसूर अली खान जब गुजर गए तो पटौदी पैलेस को नीमराना होटल्स को किराए पर देना पड़ा था लेकिन इसे वापस हासिल करने के लिए उन्हें को भारी कीमत चुकानी पड़ी थी।

 एक इंटरव्यू में एक्टर ने कहा था कि ,''जो घर विरासत में मुझे मिलना चाहिए था उसे मुझे फिल्मों से पैसे कमाकर वापस लेना पड़ा'। 

महल को वापस हासिल कर सैफ ने इसको अपने हिसाब से बनवाया और इंटीरियर कराया। इसके डिजायन में बदलाव के लिए उन्होंने इंटीरियर डिजायनर दर्शिनी सिंह की मदद ली। 

first published:Aug. 16, 2021, 2:24 a.m.

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