सीबीआई को नहीं सौंपा जाएगा सुशांत सिंह राजपूत का केस, आला अफसरों की बैठक के बाद लिया गया फैसला।

By Neetu July 29, 2020, 8:57 p.m. 1k

पूजा राजपूत-

बिग ब्रेकिंग- बुधवार शाम हुई आला अफसरों की बैठक के बाद महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने साफ कर दिया है कि सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या का केस सीबीआई को नहीं सौंपा जाएगा। यह फैसला तब लिया गया है, जब पिछले डेढ़ महीने से सुशांत के तमाम फैंस और कई राजनैतिक एंव फिल्मी जगत की हस्तियां इस केस के लिए सीबीआई जांच की मांग कर रही हैं। अलग-अलग प्लैटफॉर्मस पर इस केस को सीबीआई के हाथों में सौंपे जाने की मुहीम चलाई जा रही है। पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से भी अपील की गई है। यहां तक कि सुशांत के पिता द्वारा रिया चक्रवर्ती के खिलाफ सुशांत के साध धोखाधड़ी करने, उन्हें धमकाने और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाकर पटना में मुकद्दमा दर्ज करवाए जाने के बाद यह मामला अब और भी ज्यादा पेचिदा हो चुका है।

लेकिन इसी बीच, महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने साफतौर पर कह दिया है कि इस केस की जांच में मुंबई पुलिस जुटी हुई है, और आज शाम हुई बैठक में इस केस को सीबीआई को सौंपे जाने का कोई प्रस्ताव पास नहीं हुआ है। हांलाकि मुंबई पहुंची बिहार पुलिस टीम के बारे में सवाल पूछे जाने पर अनिल देशमुख ने पूरी तरह से चुप्पी साध ली और सवाल का जवाब दिए बिना ही चले गए।

इससे पहले आज दोपहर में ही मीडिया ने अनिल देशमुख से जब इस केस में आए नए मोड़, मुंबई पहुंची बिहार पुलिस और सीबीआई इंक्वायरी को लेकर सवाल किये थे, तब अनिल देशमुख ने कहा था कि इस केस को लेकर शाम पांच बजे पुलिस के आला अधिकारियों की बैठक बुलाई है। जिसके बाद से ही यह संकेत मिल रहे थे कि आला अधिकारियों की बैठक में निश्चित तौर पर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

लेकिन अनिल देशमुख ने साफ कर दिया है कि इस केस की आगे की जांच भी मुंबई पुलिस ही करेगी। 

आपको बता दें, कि मुंबई पुलिस की जांच से सुशांत सिंह राजपूत का परिवार भी संतुष्ट नहीं हैं। सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह भी यह कह चुके हैं कि “सुशांत के निधन के बाद उनकी परिवार ने पुलिस से कहा था, कि वह यह जांच करे कि वो कौन शख्स है जो उनके दिमाग को कंट्रोल कर रहा था, उनके फाइनेंस, मेडिकल ट्रीटमेंट और अन्य फैसलों पर किसका कब्जा था, लेकिन मुंबई पुलिस इसपर ध्यान ना देकर अन्य एंगेल को ध्यान में रखकर उन लोगों से पूछताछ कर रही थी, जिनका इस केस से छोटा सा संबंध है। यही वजह है कि दिवंगत अभिनेता के परिवार को पटना में इस केस की जांच के लिए शिकायत दर्ज करवानी पड़ी।”

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