Naseeruddin Shah ने कहा - सलमान, शाहरुख और आमिर मुद्दों पर बोलने से बचते हैं...

By Sweety Sept. 14, 2021, 7:23 p.m. 1k

स्वीटी गौर - Naseeruddin Shah expressed his complaint, said - the three Khans 'avoid speaking on issues...' - बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और हर मुद्दें प खुलकर अपनी बात रखने वाले नसीरुद्दीन शाह (Naseeruddin Shah) ने अपनी अदाकारी से सभी के दिलों पर राज किया है।  नसीरुद्दीन शाह को कई दफा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा करते हुए देखा गया है। हाल ही में अपने दिए बयान के चलते नसीरुद्दीन शाह काफी लाइमलाइट में बने हुए हैं।  उन्होंने बॉलीवुड के तीनों खान (शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान) को लेकर अपनी शिकायत जाहिर की है।

नसीरुद्दीन ने कहा कि उनके पास इस बात के सबूत नहीं हैं कि प्रोपेगैंडा फिल्में बनाने के लिए फिल्ममेकर्स और एक्टर्स को क्लीन चिट देने का वादा किया जाता है या नहीं, लेकिन उन्हें लगता है कि जिस तरह की आजकल फिल्में बन रही हैं, उससे यह स्पष्ट है। 

नसीरुद्दीन शाह कहते हैं, 'उन्हें सरकार द्वारा, सरकार समर्थक और प्रिय नेताओं की कोशिशों की तारीफ करते हुए फिल्में बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्हें इसके लिए आर्थिक रूप से भी मदद दी जा रही है। इसके साथ ही अगर वे प्रोपेगैंडा फिल्में बनाते हैं तो क्लीन चिट का भी वादा किया जाता है। ' 

नसीरुद्दीन ने आगे कहा कि उन्हें मुस्लिम होने के कारण फिल्म इंडस्ट्री में कभी भी भेदभाव का शिकार नहीं होना पड़ा लेकिन उन्हें फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों को अपने मन की बात कहने के लिए हर जगह पर परेशान किया जाता है। उन्होंने कहा कि आखिर बॉलीवुड के तीनों खान (सलमान, शाहरुख और आमिर) क्यों हमेशा खामोश रहते हैं। वह इन तीनों की तरफ से तो नहीं बोल सकते हैं मगर उन्हें इस बात का अंदाजा है कि इन लोगों को कितने उत्पीड़न का शिकार होना पड़ेगा।'

एक्टर ने कहा, 'वे (सलमान, शाहरुख और आमिर) उस उत्पीड़न के कारण चिंतित हैं जिसका उन्हें शिकार बनाया जाएगा। उनके पास खोने के लिए काफी कुछ है। यह केवल आर्थिक उत्पीड़न नहीं होगा या एक दो विज्ञापन छूटने तक सीमित नहीं होगा बल्कि हर तरह से परेशान किया जाएगा।' अभिनेता कहते हैं कि जो भी बोलने की हिम्मत करता है उसी का उत्पीड़न किया जाता है।  बता दें कि नसीरुद्दीन शाह लगभग पांच दशकों से इंडियन फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा हैं और 'निशांत', 'आक्रोश', 'मिर्च मसाला', 'अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है', 'जुनून', 'मंडी', 'अर्ध सत्य', 'जाने भी दो' जैसी कुछ बेहतरीन फिल्में भी की हैं ।

Related Story