Laxmii Review : हॉरर कॉमेडी 'लक्ष्मी' ना डराती है और ना ही हंसाती है, अक्षय ने की है धांसू एक्टिंग

By Neetu Nov. 10, 2020, 12:27 p.m. 1k

फिल्म- लक्ष्मी

कलाकार - अक्षय कुमार, कियारा आडवाणी, शरद केलकर, अश्विनी कलेसकर, आएशा रजा मिश्रा, ऋषि मनु 

अवधि - 2 घंटा 20 मिनट

जॉनर - हॉरर कॉमेडी 

निर्देशक - राघव लॉरेंस 

नीतू कुमार -  कोरोना का कहर नहीं होता तो ईद के मौके पर ही  'लक्ष्मी' ( Laxmii ) सिनेमाघरों में बरसने आ जाती। खैर ईद तो निकल गयी लेकिन 'लक्ष्मी' दिवाली पर आ ही गई। डिज्नी हॉट स्टार पर 9 नवंबर से अक्षय कुमार ( Akshay Kumar ) और कियारा आडवाणी ( Kiara Advani ) की फिल्म लक्ष्मी रिलीज हो गई। फिल्म को लेकर विवाद भी खूब हुआ। 'लक्ष्मी बॉम्ब' नाम का जबरदस्त विरोध हुआ, ऐसे में  मेकर्स ने फिल्म के नाम से बॉम्ब हटा दिया । 'लक्ष्मी' फिल्म पर लव जिहाद को भी बढ़ावा देने का आरोप लगा  है । तमाम विवादों के बीच ये फिल्म रिलीज हो चुकी है। हॉरर कॉमेडी मूवी लक्ष्मी समाज के एक बेहद संवेदनशील मुद्दे को उठाती है। ट्रांसजेंडर्स को समाज में समान अधिकार देने की बात कहती है ये फिल्म । 

कहानी - आसिफ ( अक्षय कुमार  ) और रश्मि ( कियारा आडवाणी  ) दोनों ने घर से भागकर लव मैरिज की है। रश्मि के घरवाले इस शादी के खिलाफ है। रश्मि के माता-पिता ने शादी के बाद उससे संबंध तोड़ रखा है। एक दिन रश्मि की मां का फोन आता है और अपनी शादी की 25वीं सालगिरह के जश्न में शामिल होने का आमंत्रण देती हैं। रश्मि के माता पिता जिस इलाके में रहते हैं वहां एक खाली प्लॉट पर एक बेहद शक्तिशाली आत्मा का वास है। आसिफ अपनी पत्नी के साथ ससुराल आता है। तंत्र-मंत्र और भूत प्रेत में जरा भी यकीन नहीं रखने वाला आसिफ का ये मानना है कि जिस दिन उसे भूत दिख जाएंगे वो चूड़ियां पहन लेगा । ससुराल आते ही आसिफ उस भूतहा जमीन पर बच्चों के साथ क्रिकेट खेलने चला जाता है। वो अतृप्त आत्मा उसके पीछे पड़ जाती है।  आत्मा आसिफ के शरीर में प्रवेश कर जाती है और फिर वो सचमुच चूड़ियां पहन लेता है । आसिफ के चूड़ियां पहननेकी वजह ये है कि आसिफ के शरीर में एक ट्रांसजेंडर की घुस आई है। अब आसिफ पूरी तरह से बदल जाता है। उसका चाल ढाल, बोलने का अंदाज सब बदल जाता है। साड़ी की दुकान में वो लाल साड़ी पहन लेता है। रात में जब घर में सब सो रहे होते हैं तो लाल चूड़ियां पहन कर खुश होता है। महिलाओं की तरह नहाते वक़्त हल्दी का लेप लगाने लगता है। आसिफ का सच जब घरवालों के सामने खुलता है तो सब डर जाते हैं। आसिफ के शरीर में वो आत्मा किसी से बदला लेने आई है । उसके जरिए वो अपना एक अधूरा काम पूरा करवाना चाहती है ? क्या है उस आत्मा की कहानी ? क्या आसिफ के घरवाले उसे आत्मा से चंगुल के निकाल पाते है ? ये जानने के लिए आप आसिफ कियारा की फिल्म देखिए  

हमारी राय - लक्ष्मी फिल्म में अक्षय कुमार ने धमाकेदार एक्टिंग की है। ट्रांसजेंडर का भूत जब उनपर सवार होता है उस वक्त तो वो छा गए हैं । फिल्म में उनका एक सीन है दुकान में साड़ी पहनने का उसे उनके फैंस लंबे समय तक याद रखेंगे।  बम बोले गाने में भी अक्षय बहुत प्रभावित करते हैं। उनका डांस लंबे समय तक आपको याद रहेगा । कियारा आडवाणी का रोल इतना बड़ा नहीं है। फिल्म में उनके हिस्से जो भी सीन आए उन्होंने ठीक से निभाया है। ट्रांसजेंडर के रोल में शरद केलकर दिल जीत लेते हैं। उनका रोल छोटा है लेकिन असर छोड़ता है। अक्षय के ससुर के रोल में राजेश शर्मा बहुत सटीक रहे। उनकी कॉमेडी दर्शकों को हंसाती है। आएशा रजा मिश्रा, अश्विनी कलेसकर और ऋषि मनु ने भी गजब का काम किया । डायरेक्शन के लिहाज से लॉरेंस राघव कांचना वाली बात इस फिल्म में नहीं ला पाए । लक्ष्मी हॉरर कॉमेडी फ़िल्म है, लेकिन ये ना तो हंस पाती है और ना ही डराती है। ये फिल्म साउथ की सुपरहिट फिल्म कंचना का रीमेक है तो इसकी तुलना तो होगी ही और अगर तुलना की जाए तो यह फिल्म उतनी मजेदार नहीं लगी। फिल्म की लचर स्क्रिप्ट इसकी सबसे बड़ी दुश्मन है । मूवी में तीन गाने हैं । बुर्ज खलीफा सॉन्ग हिट हो चुका है। बम भोले गाने को आप अक्षय की परफॉरमेंस के लिए याद रखते हैं और तीसरा गाना स्टार्ट स्टॉप फिल्म में जबरन ठुंसा गया लगता है। अक्षय की धांसू एक्टिंग के लिए हमारी तरफ से फिल्म को 3 स्टार 

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