Film Review - जिंदगी खुलकर जियो...यही कहती है 'द स्काई इज पिंक', प्रियंका-फरहान की शानदार एक्टिंग

By Oct. 11, 2019, 5:20 p.m. 1k

2016 में आई फिल्म जय गंगाजल के बाद प्रियंका चोपड़ा ने 3 साल बाद किसी हिंदी फिल्म में काम किया है। उनकी कमबैक फिल्म 'द स्काई इज पिंक' सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। आम तौर पर स्काई को ब्लू कहते हैं लेकिन यहां प्रियंका चोपड़ा अपने तरीके से जिंदगी जीने में यकीन करती हैं और उन्हें स्काई पिंक नजर आता है तो वो उसे पिंक ही कहेंगी। यही बात वो अपने बेटे को भी समझाती हैं। जिंदगी छोटी हो या लंबी उसे खुलकर और जिंदादिली के साथ जीना चाहिए यही संदेश देती फिल्म द स्काई इज पिंक। शोनाली बोस की ये फिल्म आयशा चौधरी की रियल कहानी है। 18 साल की उम्र में ही वो दुनिया से चली गईं। द स्काई इज पिंक आयशा की बीमारी से उसके परिवार के जंग की कहानी है। एक सच्ची कहानी को शोनाली ने सिनेमा में ढाला है। 

कहानी - निरेन चौधरी ( फरहान अख्तर) अदिति चौधरी  ( प्रियंका चोपड़ा ) दिल्ली के चांदनी चौक में रहते हैं। पहले से एक बेटे ईशान ( रोहित सराफ) की मां अदिति एक बेटी को जन्म देती है।  उनकी बेटी आएशा ( जायरा वसीम ) एससीआईडी नामक रेयर इम्यून डेफिशिएंसी सिंड्रोम से पीड़ित होती है। इस बीमारी के मरीजों की जिंदगी एक साल से ज्यादा नहीं होती है। इस वंशानुगत बीमारी की वजह से अदिति और निरेन की पहली बेटी तान्या का भी निधन हो चुका होता है। लंदन तक बड़ी मुश्किल से ये परिवार पहुंचता। लंदन के एक इंडियन रेडियो स्टेशन के जरिए क्राउड फंडिंग करके वो आयशा का बोन मैरो ट्रांसप्लांट करवाते हैं। 13 साल की उम्र तक आयशा ठीक हो जाती है। चौधरी परिवार लंदन से इंडिया शिफ्ट हो जाता है। लेकिन कुछ सालों बाद आयशा को बोन मैरो ट्रांसप्लांट के दौरान हुई कीमोथेरेपी के साइड इफेक्ट की फेफड़े की जानलेवा बीमारी पल्मोनरी फ्राइबोसिस हो जाती है। अब आयशा का परिवार उसकी बची खुची जिंदगी में पूरी खुशियां देने में जुट जाता है। 

हमारी राय - प्रियंका चोपड़ा ने बेहतरीन एक्टिंग की है। फरहान अख्तर एक ऐसे पति के रोल में हैं जो अपनी पत्नी की हर बात मान लेता है और उनका रोल बहुत ही शानदार है। फरहान की एक्टिंग आपका दिल जीत लेती है। जायरा वसीम ने अपने रोल के साथ पूरा इंसाफ किया है। प्रियंका और फरहान के सबसे बड़े बच्चे ईशान का रोल रोहित ने बखूबी निभाया है। फिल्म के चारों लीड किरदार आपको बांध कर रखते हैं। द स्काई इज पिंक के डॉयलॉग्स आपको प्रभावित करते हैं। कहानी में दर्द है लेकिन दुख को कैसे हल्का किया जाए ये समझाने में कामयाब रही हैं डायरेक्टर शोनाली बोस। ओवरऑल द स्काई इज पिंक देखने लायक फिल्म है। इसे देखते वक्त आप बिल्कुल भी बोर नहीं होंगे। हमारी तरफ से फिल्म को 3 स्टार ।

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