4 लाख से ज्यादा कश्मीरी पंडितों पर हुए जुल्म की कहानी है शिकारा !

By Neetu Feb. 7, 2020, 4:39 p.m. 1k

फिल्म - शिकारा 

कलाकार - आदिल खान, सादिया, प्रियांशू चटर्जी 

डायरेक्टर - विधू विनोद चोपड़ा 

रेटिंग्स  - 3 स्टार 

नीतू कुमार - हिंदुओं को कश्मीर ( Kashmir ) से निकाला जाना इतिहास का एक बड़ा अन्याय है । किसी ने उनके पक्ष में आवाज नहीं उठाई। हजारों मार दिए गए , 4 लाख से ज्यादा कश्मीरी पंडितो को अपना घर छोड़ दर-दर की ठोकरे खानी पड़ी । इस बात को 30 साल हो गए हैं लेकिन आज भी बहुत से कश्मीरी पंडित रिफ्यूजी कैंपो में रहने को मजबूर हैं। अपना घर छोड़ने की पीड़ा आज भी उनके दिल को नश्तर की तरह चुभता है । कश्मीरी पंडितों के इसी दर्द को मशहूर फिल्म मेकर विधू विनोद चोपड़ा ( Vidhu Vinod Chopra)  ने उतारा है । फिल्म में पाकिस्तान की तत्कालीन प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो का के भाषण की वो क्लीपिंग भी दिखाई गई है जिसमें वो कश्मीरी युवकों को मुज्जाहिद बताकर हथियार उठाने को कह रही है । कश्मीर में हिंसा की आग लगा रही हैं। शिकारा कश्मीर में पनपे आतंकवाद के साथ-साथ वहां की एक प्रेम कहानी को भी कहती है। 

कहानी -  शिव कुमार धर ( आदिल खान Aadil Khan ) उसकी पत्नी शांति धर ( सादिया Sadia ) कश्मीरी पंडित हैं ।  जम्मू के रिफ्यूजी कैंप में रहते हैं ।   कभी दोनों ने कश्मीर में आलीशान घर बनाया था । वहीं उनकी लव स्टोरी शुरू हुई थी। कश्मीरी रीति रिवाज से शादी हुई थी। अपने घर में दोनों बहुत खुश थे। ये समय 80 के दशक के अंत का  है। घाटी में धीरे-धीरे सांप्रदायिक तनाव अपने पैर पसार रहा है। शिव का बेहद अजीज दोस्त लतीफ आतंकवादी बन जाता है। वो शिव से कहता है कि वो कश्मीर छोड़कर चला जाए लेकिन शिव को लगता है कि हालात सुधर जाएंगे। इसके बाद कश्मीरी पंडितों के नाम की लिस्ट लग जाती है। शिव के करीबी रिश्तेदार ( प्रियांशू चटर्जी )  को आतंकी मार देते हैं। अलगाववादी उन्हें कश्मीर छोड़ने की धमकी देते हैं। सरकारी अधिकारियों और हिदुओं की हत्या होने लगती है। शिव के घर पर मोहल्ले के हाजी की नजर होती है। भीड़ उसके घर को आग लगाने आती है कि हाजी उन्हें रोक देता है। दहशत के माहौल में कश्मीरी हिंदू घर छोड़ने लगते हैं। शिव और शांति को अपनी जिंदगी, अपनी जीवनभर की कमाई से बनाया घर और सुख को छोड़कर अपनी जान के लिए भागना पड़ा। उनका घर हाजी ने हथिया लिया। 

हमारी राय- विधू विनोद चोपड़ा खुद कश्मीरी हैं। वो इस दर्द को पहले भी फिल्म मिशन कश्मीर के जरिए पर्दे पर उतार चुके हैं । फिल्म की कहानी विधु विनोद चोपड़ा ने अभिजात जोशी और राहुल पंडिता के साथ मिलकर लिखी है। उनका डायरेक्शन बेहतरीन है। कश्मीरी लोक गीत और वहां की संस्कृति उन्होंने अच्छे से दिखाया है। कैमरा वर्क और स्क्रीन प्ले शानदार है। फिल्म में  शिव और शांति की लव स्टोरी के साथ शांत कश्मीर में खत्म होती कश्मीरिय़त भी है। इसे बहुत तरीके से दिखाया गया है। लीड एक्टर आदिल खान और सादिया कश्मीरी पंडितों के किरदार में जंचे हैं। उनका लुक ही नहीं आपसी केमिस्ट्री भी आपको प्रभावित करती है। इस फिल्म को जरूर देखिए । हमारी तरफ से फिल्म को 3 स्टार । 

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